Kaushambi : पानी भरे गड्ढे में डूबी पांच बच्चियां, जुड़वा बहनों की मौत
kaushambi news : श्रवण कुमार के मुताबिक ईंट की पथाई का काम बंद हो जाने के कारण 12 दिन पहले वह परिवार सहित गांव चला आया है। शनिवार की शाम उसकी जुड़वां बेटी रीना व मीना (6) पड़ोसी रामबली की तीन बेटियाें अर्तिका (7), बिट्टी (6) और रियांशी (4) के साथ बस्ती के बाहर खेत की तरफ शौच के लिए गई थी।
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कौशाम्बी कोतवाली के मझियारी चक एलई रोशन गांव में शौंच के लिए खेत की तरफ निकली पांच बच्चियां पानी भरे गड्ढे में डूब गईं। इनमें से तीन को तो ग्रामीणों ने बचा लिया। लेकिन दो जुड़वा बहनों की मौत हो गई। सगी बहनों की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम है। मझियारी चक एलई रोशन गांव निवासी श्रवण कुमार ईंट-भट्ठा मजदूर है।
पिपर कुंडी गांव स्थित एक एक भट्ठे पर वह परिवार सहित रहकर ईंट पाथने का काम करता था। श्रवण कुमार के मुताबिक ईंट की पथाई का काम बंद हो जाने के कारण 12 दिन पहले वह परिवार सहित गांव चला आया है। शनिवार की शाम उसकी जुड़वां बेटी रीना व मीना (6) पड़ोसी रामबली की तीन बेटियाें अर्तिका (7), बिट्टी (6) और रियांशी (4) के साथ बस्ती के बाहर खेत की तरफ शौच के लिए गई थी।
शौच के दौरान खेत के गड्ढे में भरे पानी में रीना का पैर फिसल गया और वह डूबने लगी। बहन को डूबते देख मीना उसे बचाने बढ़ी तो वह भी डूब गई। इसी तरह एक-एक कर पांचों बच्चियां एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में पानी भरे गड्ढे में डूब गईं। आसपास खेतों में रही मोहल्ले की औरतों ने शोर मचाया तो ग्रामीण टूट पड़े।
आननफानन ग्रामीणों ने पानी में डूब रही अर्तिका, बिट्टी और रियांशी समेत तीन बच्चियों को सकुशल बाहर निकाल लिया। लेकिन रीना व मीना को नहीं बचाया जा सका। जुड़वां बहनों का शव देख परिवार में कोहराम मच गया। मां संत रानी का रो-रो कर बुरा हाल है। इंस्पेक्टर महेश चंद्र ने बताया कि जुड़वां बहनों की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घर में शौचालय होता तो बच जाती बच्चियों की जान
हर तरफ स्वच्छ भारत मिशन का ढिंढोरा पीटा जा रहा है। मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवाकर जनपद को खुले में शौंच मुक्त होने का दावा किया जा रहा है। प्रशासन के इस दावे की शनिवार की शाम कौशाम्बी ब्लॉक के मझियारी चक एलई रोशन गांव में असलियत सामने आ गई। जहां घर में शौचालय नहीं होने के कारण बाहर शौंच के लिए गई दो परिवार की पांच बच्चियां पानी भरे गड्ढे में डूब गईं।
पीड़ित श्रवण कुमार भट्ठे पर ईंरों की पथाई कर परिवार का खर्च चलाता है। श्रवण के मुताबिक गांव में वह छप्पर पर पन्नी डालकर परिवार के साथ गुजर बसर कर रहा है। कई बार उसने शौचालय व सरकारी आवास के लिए ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन आज तक उसे न तो शौचालय मिला और न ही सरकारी आवास।
श्रवण का कहना है कि यदि घर में शौचालय होता तो उसकी बेटियां बाहर शौंच के लिए नहीं जाती और खेत की तरफ शौंच के लिए नहीं जाती तो बच्चियों की जान बच जाती। कमोबेस यही हाल पड़ोसी रामबली की भी है। इस बाबत बीडीओ प्रवीण कुमार का कहना है कि पीड़ित श्रवण कुमार को अभी तक सरकारी आवास व शौंचालय क्यों नहीं मिला? इसकी जांच करवाकर जल्द ही शौंचालय का निर्माण करवाया जाएगा।
घर की पटाई के लिए खेत में खोदवाए गड्ढे में भरा दिया था पानी
मझियारी चक एलई रोशन के हनुमान प्रसाद लोधी ने गांव के पास ही अपने खेत से जेसीबी से कुछ दिनों पहले मिट्टी खोदवा कर घर पटवाया था। उसी गड्ढे में अपने निजी नलकूप से पानी भरवा दिया था। जिसके चलते यह घटना हुई।