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मुआवजे के लिए मिले 21 लाख
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Wed, 11 Mar 2015 12:21 AM IST
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सालभर पहले बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द ही किसानों को मिलेगा। इसके लिए कौशाम्बी को शासन की ओर से 21 लाख रुपये उपलब्ध कराया गया है। हालांकि सरकारी मदद सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी 50 फीसदी से ज्यादा फसल मौसम की भेंट चढ़ी होगी।
बता दें कि फरवरी 2014 में तूफानी बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई थी। इससे तमाम किसानों की आलू, गेहूं, जौ, सरसों, चना, मटर, मसूर आदि फसलें बर्बाद हो गई थीं। मौसम की मार सबसे ज्यादा सिराथू और मंझनपुर तहसील क्षेत्र के किसानों पर पड़ी थी। इनमें गंगा कछारी इलाके में तो किसानों की पूरी की पूरी फसल ही चौपट हो गई थी। तब से किसान मुआवजे की राह ताक रहे हैं। इधर, जिला प्रशासन मौसम की मार से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजा गया था।
जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि भेजी गई सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक सिराथू तहसील के किसानों को मुआवजे के लिए 14 और मंझनपुर तहसील के किसानों के लिए 7 लाख रुपये की रकम शासन की ओर से आवंटित की गई है। जल्द ही किसानों को मुआवजे का चेक वितरित किया जाएगा। वहीं एसडीएम सिराथू ने बताया कि तहसील के करीब 2500 किसान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी 50 फीसदी से अधिक फसलों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि असिंचित खेती पर प्रति एकड़ किसानों को 4500 रुपये और सिंचित खेती पर किसानों को प्रति एकड़ 9000 रुपये की दर से मुआवजा मिलेगा। किसी भी किसान को मुआवजे की राशि 750 रुपये से कम नहीं होगी।
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फरवरी 2014 में बारिश और ओलावृष्टि से जिले के ज्यादातर किसानों की फसलें बर्बाद हुई थी, लेकिन मुआवजा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई होगी। इससे जिले के तमाम किसान मुआवजे से वंचित होंगे। एसडीएम सिराथू जवाहरलाल श्रीवास्तव ने बताया कि कौशाम्बी के करीब 2500 किसानों की ही फसल 50 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हुई थी। इन्हीं किसानों को मुआवजा मिलेगा। मंझनपुर तहसील के करीब 15 सौ किसान ही मुआवजा पाएंगे। जिले के ऐसे तमाम किसान मुआवजे से वंचित रहेंगे, जिनकी फसलों को बारिश और ओलावृष्टि से 40-45 फीसदी तक नुकसान हुआ है।
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बता दें कि फरवरी 2014 में तूफानी बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई थी। इससे तमाम किसानों की आलू, गेहूं, जौ, सरसों, चना, मटर, मसूर आदि फसलें बर्बाद हो गई थीं। मौसम की मार सबसे ज्यादा सिराथू और मंझनपुर तहसील क्षेत्र के किसानों पर पड़ी थी। इनमें गंगा कछारी इलाके में तो किसानों की पूरी की पूरी फसल ही चौपट हो गई थी। तब से किसान मुआवजे की राह ताक रहे हैं। इधर, जिला प्रशासन मौसम की मार से फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराकर रिपोर्ट शासन को भेजा गया था।
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जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह ने बताया कि भेजी गई सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक सिराथू तहसील के किसानों को मुआवजे के लिए 14 और मंझनपुर तहसील के किसानों के लिए 7 लाख रुपये की रकम शासन की ओर से आवंटित की गई है। जल्द ही किसानों को मुआवजे का चेक वितरित किया जाएगा। वहीं एसडीएम सिराथू ने बताया कि तहसील के करीब 2500 किसान ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जिनकी 50 फीसदी से अधिक फसलों का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि असिंचित खेती पर प्रति एकड़ किसानों को 4500 रुपये और सिंचित खेती पर किसानों को प्रति एकड़ 9000 रुपये की दर से मुआवजा मिलेगा। किसी भी किसान को मुआवजे की राशि 750 रुपये से कम नहीं होगी।
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फरवरी 2014 में बारिश और ओलावृष्टि से जिले के ज्यादातर किसानों की फसलें बर्बाद हुई थी, लेकिन मुआवजा सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनकी 50 फीसदी से अधिक फसल बर्बाद हुई होगी। इससे जिले के तमाम किसान मुआवजे से वंचित होंगे। एसडीएम सिराथू जवाहरलाल श्रीवास्तव ने बताया कि कौशाम्बी के करीब 2500 किसानों की ही फसल 50 फीसदी से ज्यादा बर्बाद हुई थी। इन्हीं किसानों को मुआवजा मिलेगा। मंझनपुर तहसील के करीब 15 सौ किसान ही मुआवजा पाएंगे। जिले के ऐसे तमाम किसान मुआवजे से वंचित रहेंगे, जिनकी फसलों को बारिश और ओलावृष्टि से 40-45 फीसदी तक नुकसान हुआ है।