{"_id":"5bc399ccbdec22698f4cabee","slug":"tet-exam-after-registration-stuck-payment-students-worried","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीईटी परीक्षा: पंजीकरण के बाद अटके भुगतान से छात्र परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीईटी परीक्षा: पंजीकरण के बाद अटके भुगतान से छात्र परेशान
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 15 Oct 2018 01:02 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर। टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन में सर्वर ने खलनायक का काम किया है। सर्वर खराबी के कारण प्रदेश के तीन लाख से अधिक बीटीसी/बीएड प्रशिक्षुओं के आवेदन फंस गए हैं। इनमें सैकड़ों प्रशिक्षु कौशाम्बी के भी हैं। परेशान छात्रों ने रविवार को सिराथू स्थित आवास पर डिप्टी सीएम से मिलकर आवेदन तिथि बढ़ाने की मांग की है।
18 अक्तूबर टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन मांगे गए थे। पहले इसकी अंतिम तिथि पांच अक्तूबर निर्धारित की गई थी। पर, सर्वर खराबी के कारण तीन चक्रों में इसकी तिथि बढ़ाकर दस अक्तूबर की गई। इसके बावजूद सर्वर की समस्या बनी रही। नतीजतन अंतिम दिन तक पंजीकृत हुए 22.77 लाख के सापेक्ष सिर्फ 18.09 लाख छात्रों की ही फीस जमा हो सकी। दरअसल आवेदन फाइनल होने के लिए छात्रों को तीन दौर से गुजरना पड़ता था। सबसे पहले परीक्षा नियामक की बेवसाइट पर जाकर पंजीकरण और फिर रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद ओटीपी तब ऑनलाइन फीस जमाकर फाइनल प्रिंट जारी होता था। पर, सर्वर की खराबी से करीब 3.32 लाख छात्रों के आवेदन मझदार में फंस गए।
कौशाम्बी जिले के सुजातपुर बम्हरौली निवासी अनिल कुमार द्विवेदी, अलवारा के महेंद्र सिंह यादव, मंझनपुर की वर्तिका जायसवाल, नारा की रेखा देवी, कोतारी पश्चिम के सुरेंद्र कुमार, चकनगर मोहल्ले की पूजा मिश्रा कोड़र निवासी बसंत कुमार कुशवाहा आदि बीटीसी/बीएड प्रशिक्षुओं का कहना है कि हफ्तों दौड़भागकर किसी तरह से इन सभी ने पंजीकरण तो करा लिया। पर, रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद फीस नहीं जमा हो सकी। इसके चलते उन्हें फाइनल प्रिंट नहीं मिल सका। ऐसे में उनका भविष्य चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है। छात्रों ने रविवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मिल एक बार और आवेदन तिथि बढ़वाने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
18 अक्तूबर टीईटी परीक्षा के लिए आवेदन मांगे गए थे। पहले इसकी अंतिम तिथि पांच अक्तूबर निर्धारित की गई थी। पर, सर्वर खराबी के कारण तीन चक्रों में इसकी तिथि बढ़ाकर दस अक्तूबर की गई। इसके बावजूद सर्वर की समस्या बनी रही। नतीजतन अंतिम दिन तक पंजीकृत हुए 22.77 लाख के सापेक्ष सिर्फ 18.09 लाख छात्रों की ही फीस जमा हो सकी। दरअसल आवेदन फाइनल होने के लिए छात्रों को तीन दौर से गुजरना पड़ता था। सबसे पहले परीक्षा नियामक की बेवसाइट पर जाकर पंजीकरण और फिर रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद ओटीपी तब ऑनलाइन फीस जमाकर फाइनल प्रिंट जारी होता था। पर, सर्वर की खराबी से करीब 3.32 लाख छात्रों के आवेदन मझदार में फंस गए।
विज्ञापन
कौशाम्बी जिले के सुजातपुर बम्हरौली निवासी अनिल कुमार द्विवेदी, अलवारा के महेंद्र सिंह यादव, मंझनपुर की वर्तिका जायसवाल, नारा की रेखा देवी, कोतारी पश्चिम के सुरेंद्र कुमार, चकनगर मोहल्ले की पूजा मिश्रा कोड़र निवासी बसंत कुमार कुशवाहा आदि बीटीसी/बीएड प्रशिक्षुओं का कहना है कि हफ्तों दौड़भागकर किसी तरह से इन सभी ने पंजीकरण तो करा लिया। पर, रजिस्ट्रेशन नंबर मिलने के बाद फीस नहीं जमा हो सकी। इसके चलते उन्हें फाइनल प्रिंट नहीं मिल सका। ऐसे में उनका भविष्य चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है। छात्रों ने रविवार को डिप्टी सीएम केशव मौर्या से मिल एक बार और आवेदन तिथि बढ़वाने की मांग की है।
विज्ञापन