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चाय विक्रेताओं और चरवाहों को भी मिलेगी पेंशन
Thu, 14 Feb 2019 12:08 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Thu, 14 Feb 2019 12:08 AM IST
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मंझनपुर। दर्जी, नाई, चाय विक्रेता व ऑटो रिक्शा चालक आदि भी असंगठित क्षेत्र के मजदूर माने जाएंगे। बशर्ते इनकी आमदनी हर महीने 15 हजार से अधिक न हो। ऐसे ही 45 प्रकार के पेशा अपनाए लोगाें को इस श्रेणी में शामिल किया गया है। इन सभी को अब प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना दी जाएगी। 60 साल की उम्र पार कर लेने पर इन्हें तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी।
भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार सचिव हीरालाल ने पत्र भेजकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन योजना से लाभान्वित कराने के लिए पहचान व पंजीयन के आदेश दिए हैं। अब तक भवन निर्माण कार्यों से जुड़े मजदूरों को ही श्रम विभाग पंजीयन कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराता था। केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में इसका दायरा बढ़ाते हुए कई अन्य पेशाधारियों को शामिल किया है। इसके तहत दर्जी, नाई, माली, बुनकर, जुलाहा, रिक्शा चालक, हाथ ठेला सब्जी व फल विक्रेता, जनरेटर संचालक, रोड लाइट उठाने वाले मजदूर, सफाईकर्मी, मछुआरे, अगरबत्ती उद्योग में लगे मजदूर, घरेलू उद्योग के मजदूर, पशु पालन/मत्स्य पालन करने वाले, खेतिहर कामगार, कंबल व दरी बुनकर, चरवाहे, फेरीवाले साइकिल मिस्त्री, बाइक मिस्त्री, कुली, चाय विक्रेता, डेयरी, मीट विक्रेता, कोरी, गाड़ीवान, टेंट, तांगा, ऑटो रिक्शा चालक आदि शामिल हैं। इस संदर्भ में एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि शासन का पत्र प्राप्त हुआ है।
पत्र के आधार पर श्रमिकों की पहचान करने का निर्देश श्रम विभाग को दिया गया है। मंझनपुर। श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लिए पात्रों को आयु के हिसाब से अंशदान भी जमा करना पड़ेगा। इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु वालों को 60 साल तक न्यूनतम 55 रुपये से लेकर अधिकतम दो सौ रुपये तक प्रति माह जमा करना होगा। अंशदान के बराबर ही केंद्र सरकर अपना हिस्सा मिलाकर पेंशन भुगतान करेगी।
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भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार सचिव हीरालाल ने पत्र भेजकर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को पेंशन योजना से लाभान्वित कराने के लिए पहचान व पंजीयन के आदेश दिए हैं। अब तक भवन निर्माण कार्यों से जुड़े मजदूरों को ही श्रम विभाग पंजीयन कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित कराता था। केंद्र सरकार ने अपने अंतरिम बजट में इसका दायरा बढ़ाते हुए कई अन्य पेशाधारियों को शामिल किया है। इसके तहत दर्जी, नाई, माली, बुनकर, जुलाहा, रिक्शा चालक, हाथ ठेला सब्जी व फल विक्रेता, जनरेटर संचालक, रोड लाइट उठाने वाले मजदूर, सफाईकर्मी, मछुआरे, अगरबत्ती उद्योग में लगे मजदूर, घरेलू उद्योग के मजदूर, पशु पालन/मत्स्य पालन करने वाले, खेतिहर कामगार, कंबल व दरी बुनकर, चरवाहे, फेरीवाले साइकिल मिस्त्री, बाइक मिस्त्री, कुली, चाय विक्रेता, डेयरी, मीट विक्रेता, कोरी, गाड़ीवान, टेंट, तांगा, ऑटो रिक्शा चालक आदि शामिल हैं। इस संदर्भ में एडीएम राकेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि शासन का पत्र प्राप्त हुआ है।
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पत्र के आधार पर श्रमिकों की पहचान करने का निर्देश श्रम विभाग को दिया गया है। मंझनपुर। श्रमयोगी मानधन पेंशन योजना के लिए पात्रों को आयु के हिसाब से अंशदान भी जमा करना पड़ेगा। इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु वालों को 60 साल तक न्यूनतम 55 रुपये से लेकर अधिकतम दो सौ रुपये तक प्रति माह जमा करना होगा। अंशदान के बराबर ही केंद्र सरकर अपना हिस्सा मिलाकर पेंशन भुगतान करेगी।
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