कौशाम्बी : सौतेले भाई ने किसान को कुल्हाड़ी से काट डाला, दूसरे की बाइक लेकर भागा आरोपी
मोहब्बतपुर अनेठा गांव निवासी मो. आरिफ ने तीन शादियां की हैं। उसकी पहली पत्नी बेटे के साथ मायके फतेहपुर जिले के गौंती में रहती है। यहां आरिफ अपनी दूसरी पत्नी बानो बेगम व तीसरी बीवी शायरा बानो उर्फ शहरी के साथ रहता है।
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पइंसा कोतवाली इलाके के मोहब्बतपुर अनेठा गांव में बृहस्पतिवार सुबह घर के बाहर बैठे किसान को सौतेले भाई ने कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी घर के पास खड़ी पशु व्यापारी की बाइक लेकर भाग निकला। आरोपी मनोरोगी बताया जा रहा है।
मोहब्बतपुर अनेठा गांव निवासी मो. आरिफ ने तीन शादियां की हैं। उसकी पहली पत्नी बेटे के साथ मायके फतेहपुर जिले के गौंती में रहती है। यहां आरिफ अपनी दूसरी पत्नी बानो बेगम व तीसरी बीवी शायरा बानो उर्फ शहरी के साथ रहता है। बानो बेगम से उसके छह बेटे मो. वारिस, मो. सारिक, मो. तामिर, फयाज, महफूज और सोनू हैं। बानो बेगम बच्चों के साथ अलग घर में रहती है।
आरिफ की तीसरी पत्नी शायरा भी बेटे इलियास और आमिर के साथ दूसरे घर में रहती है। बृहस्पतिवार सुबह करीब आठ बजे बानो बेगम का बेटा फयाज (35) खेत से घर आ रहा था। रास्ते में वह पड़ोसी रफीक के घर रुक गया। वह रफीक से बात कर रहा था। तभी उसका सौतेला भाई आमिर भी वहां पहुंच गया।
बातचीत के दौरान आमिर फयाज के बैठने के लिए रफीक के घर से कुर्सी ले आया। इसके बाद उसने अचानक हाथ में ली कुल्हाड़ी से फैयाज पर ताबड़तोड़ प्रहार कर दिए। गर्दन पर तीन वार किए जाने से फयाज लहूलुहान हो गया। इसके बाद आमिर घर के पास खड़ी पशु व्यापारी की बाइक लेकर भाग निकला। खबर पाकर पहुंचे परिवारीजन फयाज को सिराथू सीएचसी ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
सूचना के बाद सीओ सिराथू डॉ. केजी सिंह सिंह पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे और शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के बड़े भाई वारिस ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि आमिर की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती थी। उसका प्रयागराज के एक चिकित्सक के यहां इलाज कराया जा रहा था। एएसपी समर बहादुर ने बताया कि हमलावर मनोरोगी है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कभी नहीं हुई थी अनबन
अनेठा गांव के मो. आरिफ ने भले ही तीन शादियां की हैं, लेकिन उसकी पत्नी व बच्चों के बीच कभी अनबन नहीं हुई। पहली पत्नी को मायके (गौंती) में जायदाद मिली थी। इस वजह से वह बेटे के साथ वहीं रहती है। गांव में आरिफ अपनी दो पत्नियों व आठ बेटों के साथ रहता था।
ग्रामीणों के मुताबिक, दूसरी पत्नी बानो बेगम व तीसरी बीवी शायरा बानो अपने बच्चों के साथ अलग घरों में रहती हैं, लेकिन बच्चों के बीच कभी किसी बात को लेकर मनमुटाव नहीं हुआ। मृतक फयाज का बड़ा भाई गांव में कोटे की दुकान चलाता है। जबकि सबसे बड़े ने हार्वेस्टर मशीन खरीद रखी है। तीनों भाई खेती व हार्वेस्टर से काम कर कमाई करते थे।
ग्रामीणों के मुताबिक, बुधवार को खुद फयाज सौतेले भाई आमिर को लेकर इलाज कराने प्रयागराज गया था। बृहस्पतिवार सुबह जब फयाज और पड़ोसी रफीक बात कर रहे थे तब आमिर ने खुद कुर्सी निकालकर फयाज को बैठने के लिए दी। इसके बाद उसके सिर पर खून सवार हुआ और चंद मिनट में ही उसने बड़े भाई को मौत के घाट उतार दिया।
हेडफोन न होता तो बच जाती जान
रफीक के घर के बाहर बैठे फयाज ने मोबाइल का हेडफोन लगाए बैठा था। इस दौरान पीछे बैठा उसका सौतेला भाई आमिर कुल्हाड़ी में धार लगा रहा था। गांव में पशु खरीदने आया ननका भी वहीं पर मौजूद था। किसी ने आमिर के दिमाग में चल रहे खूनी खेल की तरफ ध्यान नहीं दिया। इस दौरान ननका की बाइक लेकर डीजल खरीदने गए पड़ोस के नौसाद ने आमिर को देखा तो चीख पड़ा, लेकिन हेडफोन लगे होने के कारण फयाज उसकी आवाज नहीं सुन सका। जब तक लोग आमिर को पकड़ पाते तब तक उसने फयाज की गर्दन में कुल्हाड़ी से तीन वार कर दिए।
दो बच्चों के सिर से छिन गया पिता का साया
मृतक फयाज की शादी पइंसा कोतवाली के ही कैथीपर गांव की तौहीदा के साथ हुई थी। शादी के बाद दो बेटे फैज (5) व वैश (3) हुए। फयाज खेती-किसानी में हाथ बंटाने के साथ ही बड़े भाई मो. वारिस की हार्वेस्टर मशीन से धान और गेहूं के सीजन में कटाई के लिए भी जाता था। घर की आर्थिक स्थिति भी ठीक थी, लेकिन आमिर के खूनी खेल के कारण परिवार में कोहराम मच गया। फयाज की पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है।