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सड़क और बस्तियों में पसरा रहा सन्नाटा
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Silence in roads and localities
- फोटो : KAUSHAMBI
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सड़क और बस्तियों में पसरा रहा सन्नाटा
अयोध्या मामले के फैसले को लेकर शनिवार को ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अयोध्या मामले के फैसले को लेकर शनिवार को ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले। बस्तियों में भी सन्नाटा छाया रहा। स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण बच्चे भी घरों में कैद रहे। हर तरह सिर्फ पुलिस कर्मी घूमते नजर आए। इसे लेकर दोपहर तक यात्री वाहन भी कम निकले। हालांकि दोपहर बाद रोजमर्रा की तरह वाहन सड़क पर दिखने लगे।
अयोध्या प्रकरण को लेकर शनिवार की सुबह फैसला आएगा, इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को शुक्रवार की रात ही टेलीविजन व सोशल मीडिया के जरिए हो गई थी। शनिवार सुबह अखबारों में भी यही खबर सुर्खियों में रही। फैसले के मद्देनजर स्कूल-कॉलेज पहले ही बंद कर दिए गए थे। फैसले की जानकारी लेने को लेकर लोग टीवी से चिपके रहे। इसे लेकर सड़कों पर सन्नाटा दिखा। बस्तियां भी वीरान रहीं। दोपहर बाद लोगों के घरों से बाहर निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। मुसाफिरों को देख, प्राइवेट वाहन चालक अपनी गाड़ियां लेकर स्टाप पर आ गए थे।
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पश्चिमशरीरा में दो घंटे के लिए बंद करा दी गईं दुकानें
पश्चिमशरीरा। कस्बे में शनिवार को साप्ताहिक बाजार थी। इस कारण यहां सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर एसओ योगेश तिवारी ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को बुलाकर फैसला आने के कुछ देर बाद तक के लिए दुकानें बंद करा दिया था। फैसला आने के दो घंटे बाद तक कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं हुई तो सभी ने आम दिनों की तरह दुकानें खोलीं।
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अयोध्या मामले के फैसले को लेकर शनिवार को ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले
संवाद न्यूज एजेंसी
मंझनपुर। अयोध्या मामले के फैसले को लेकर शनिवार को ज्यादातर लोग घर से बाहर नहीं निकले। बस्तियों में भी सन्नाटा छाया रहा। स्कूल-कॉलेज बंद होने के कारण बच्चे भी घरों में कैद रहे। हर तरह सिर्फ पुलिस कर्मी घूमते नजर आए। इसे लेकर दोपहर तक यात्री वाहन भी कम निकले। हालांकि दोपहर बाद रोजमर्रा की तरह वाहन सड़क पर दिखने लगे।
अयोध्या प्रकरण को लेकर शनिवार की सुबह फैसला आएगा, इसकी जानकारी ज्यादातर लोगों को शुक्रवार की रात ही टेलीविजन व सोशल मीडिया के जरिए हो गई थी। शनिवार सुबह अखबारों में भी यही खबर सुर्खियों में रही। फैसले के मद्देनजर स्कूल-कॉलेज पहले ही बंद कर दिए गए थे। फैसले की जानकारी लेने को लेकर लोग टीवी से चिपके रहे। इसे लेकर सड़कों पर सन्नाटा दिखा। बस्तियां भी वीरान रहीं। दोपहर बाद लोगों के घरों से बाहर निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। मुसाफिरों को देख, प्राइवेट वाहन चालक अपनी गाड़ियां लेकर स्टाप पर आ गए थे।
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पश्चिमशरीरा में दो घंटे के लिए बंद करा दी गईं दुकानें
पश्चिमशरीरा। कस्बे में शनिवार को साप्ताहिक बाजार थी। इस कारण यहां सुबह से ही चहल-पहल शुरू हो गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर एसओ योगेश तिवारी ने व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को बुलाकर फैसला आने के कुछ देर बाद तक के लिए दुकानें बंद करा दिया था। फैसला आने के दो घंटे बाद तक कहीं से कोई अप्रिय घटना की जानकारी नहीं हुई तो सभी ने आम दिनों की तरह दुकानें खोलीं।
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