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शीतलाधाम कड़ा में बिजली गुल, पानी का संकट
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:27 AM IST
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कमालपुर उपकेंद्र के शीतलाधाम कड़ा में सप्ताह भर से अंधेरा है। शीतलाधाम में धार्मिक दृष्टि से सावन मेले का विशेष महत्व होने के चलते भारी संख्या में दर्शनार्थी आ रहे हैं। मगर ट्रांसफार्मर फुंकने से उन्हें धाम में रात तो अंधेरे में गुजारनी ही पड़ रही है साथ ही बूंद-बूंद पानी के संकट से भी जूझना पड़ रहा है। एक्सईएन ने जेई और ठेकेदार को निर्देशित किया पर मातहतों पर कोई असर पड़ता नहीं दिख रहा है।
शीतलाधाम कड़ा में धामवासियों को बिजली मुहैया कराने के लिए विभाग ने चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर लगवा रखा है। दो अगस्त को यह ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते शीतला धाम कड़ा सप्ताह भर से अंधेरे में डूबा है। मामले की जानकारी स्थानीय लोगों ने कमालपुर उपकेंद्र के जेई को दी। जेई ने कागजी कोरम पूरा करते हुए ठेकेदार को ट्रांसफार्मर बदलने का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों की माने तो ठेकेदार शनिवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचा और आपूर्ति चालू कराई।
मगर घटिया सामग्री से निर्मित ट्रांसफार्मर पांच मिनट भी नहीं चल सका। इससे सप्ताह भर से शीतलाधाम कड़ा में अंधेरा छाया है। बिजली न मिलने से धाम के सावन मेले में बनारस, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, इलाहाबाद, भदोही, सुल्तानपुर आदि जिलों से मां शीतला का दर्शन और पूजन करने के लिए आने वाले भक्तों को रात तो अंधेरे में गुजारनी ही पड़ती है बूंद-बूंद पानी के संकट से भी जूझना पड़ रहा है। ठेकेदार घटिया सामग्री से निर्मित ट्रांसफार्मर को लगाने के बाद दोबारा धाम के ट्रांसफार्मर को उतारने तक नहीं पहुंचा। इसे लेकर स्थानीय लोगों में ठेकेदार के प्रति नाराजगी है।
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मरम्मत की पोल खोल रहा ट्रांसफार्मर
शीतलाधाम कड़ा में लगा चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर दो अगस्त को अचानक फुंक गया था। इसे बदलने के लिए ठेकेदार ने शनिवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाया लेकिन यह ट्रांसफार्मर तो लगाते ही फुंक गया। पांच मिनट तक लोड न संभाल सके ट्रांसफार्मर को लेकर लोग कहने लगे हैं कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। उधर ठेकेदार है कि वह उपभोक्ताओं का फोन तक रिसीव नहीं कर रहा है। सूत्रों की माने तो चार सौ केवीए के एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में विभाग का पचास हजार रुपया खर्च होता है। शीतलाधाम कड़ा में लगाए गए ट्रांसफार्मर का पांच मिनट तक न चल पाना मंझनपुर वर्कशॉप की मनमानी की पोल खोल रहा है।
बिजली के अभाव में ठप है पेयजल आपूर्ति
शीतलाधाम कड़ा की आबादी आठ हजार के आस-पास है। इसके अलावा चल रहे सावन मेले में प्रतिदिन हजारों भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। आने वाले भक्तों और धामवासियों को पेयजल की आपूर्ति पाइप लाइन के सहारे दी जाती है। सप्ताह भर से ट्रांसफार्मर फुंका होने के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। इससे स्थानीय लोगों का बुरा हाल है। वह बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर हैंडपंपों पर भटकते नजर आ रहे हैं।
शीतलाधाम कड़ा का ट्रांसफार्मर बदलवाने का निर्देश जेई कमालपुर को दिया गया था। शनिवार को लगवाया गया ट्रांसफार्मर नहीं चल सका। एक-दो दिन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाकर समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत
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शीतलाधाम कड़ा में धामवासियों को बिजली मुहैया कराने के लिए विभाग ने चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर लगवा रखा है। दो अगस्त को यह ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते शीतला धाम कड़ा सप्ताह भर से अंधेरे में डूबा है। मामले की जानकारी स्थानीय लोगों ने कमालपुर उपकेंद्र के जेई को दी। जेई ने कागजी कोरम पूरा करते हुए ठेकेदार को ट्रांसफार्मर बदलने का निर्देश दिया। स्थानीय लोगों की माने तो ठेकेदार शनिवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लेकर पहुंचा और आपूर्ति चालू कराई।
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मगर घटिया सामग्री से निर्मित ट्रांसफार्मर पांच मिनट भी नहीं चल सका। इससे सप्ताह भर से शीतलाधाम कड़ा में अंधेरा छाया है। बिजली न मिलने से धाम के सावन मेले में बनारस, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, इलाहाबाद, भदोही, सुल्तानपुर आदि जिलों से मां शीतला का दर्शन और पूजन करने के लिए आने वाले भक्तों को रात तो अंधेरे में गुजारनी ही पड़ती है बूंद-बूंद पानी के संकट से भी जूझना पड़ रहा है। ठेकेदार घटिया सामग्री से निर्मित ट्रांसफार्मर को लगाने के बाद दोबारा धाम के ट्रांसफार्मर को उतारने तक नहीं पहुंचा। इसे लेकर स्थानीय लोगों में ठेकेदार के प्रति नाराजगी है।
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मरम्मत की पोल खोल रहा ट्रांसफार्मर
शीतलाधाम कड़ा में लगा चार सौ केवीए का ट्रांसफार्मर दो अगस्त को अचानक फुंक गया था। इसे बदलने के लिए ठेकेदार ने शनिवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाया लेकिन यह ट्रांसफार्मर तो लगाते ही फुंक गया। पांच मिनट तक लोड न संभाल सके ट्रांसफार्मर को लेकर लोग कहने लगे हैं कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है। उधर ठेकेदार है कि वह उपभोक्ताओं का फोन तक रिसीव नहीं कर रहा है। सूत्रों की माने तो चार सौ केवीए के एक ट्रांसफार्मर की मरम्मत में विभाग का पचास हजार रुपया खर्च होता है। शीतलाधाम कड़ा में लगाए गए ट्रांसफार्मर का पांच मिनट तक न चल पाना मंझनपुर वर्कशॉप की मनमानी की पोल खोल रहा है।
बिजली के अभाव में ठप है पेयजल आपूर्ति
शीतलाधाम कड़ा की आबादी आठ हजार के आस-पास है। इसके अलावा चल रहे सावन मेले में प्रतिदिन हजारों भक्तों का आना-जाना लगा रहता है। आने वाले भक्तों और धामवासियों को पेयजल की आपूर्ति पाइप लाइन के सहारे दी जाती है। सप्ताह भर से ट्रांसफार्मर फुंका होने के कारण पेयजल आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। इससे स्थानीय लोगों का बुरा हाल है। वह बूंद-बूंद पानी के लिए इधर-उधर हैंडपंपों पर भटकते नजर आ रहे हैं।
शीतलाधाम कड़ा का ट्रांसफार्मर बदलवाने का निर्देश जेई कमालपुर को दिया गया था। शनिवार को लगवाया गया ट्रांसफार्मर नहीं चल सका। एक-दो दिन में दूसरा ट्रांसफार्मर लगवाकर समस्या से निजात दिला दी जाएगी।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत