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बच्चों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ेगी ‘शारदा’
Tue, 05 Feb 2019 12:22 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Tue, 05 Feb 2019 12:22 AM IST
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डेमो
- फोटो : डेमो
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मंझनपुर। शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान और पढ़ाई की व्यवस्था के लिए प्रदेश सरकार ने शारदा (स्कूल हर दिन आएं) नामक नई योजना शुरू की है। योजना के तहत उन बच्चों की तलाश की जाएगी, जिनका अब तक किसी स्कूल में नामांकन नहीं है या किसी कारणवश बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए छह महीने का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
दो चरणों में चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत पहले दौर में 30 मार्च तक चुने बच्चों का 20 अप्रैल तक प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे दौर में बच्चों को 21 मई से 30 जून तक पंजीकरण कर एक से 20 जुलाई तक प्रवेश कराया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 15 फीसदी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अपर मुख्य सचिव डॉ प्रभात कुमार ने विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाने का निर्देश दिया है।
अभी तक शिक्षक सर्वे कर आउट ऑफ स्कूल छात्रों की सिर्फ संख्या ही देते थे। पूरे साल यही खेल चलता रहता था, लेकिन अब शासन ने ऐसे सभी बच्चों के नाम, पिता का नाम एवं गांव की जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया है। शारदा योजना के तहत सर्वे में चिंहित आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर 2018-19 के सापेक्ष 15 फीसदी अधिक नामांकन करने वाले हेडमास्टर को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक से एक हेडमास्टर को इस पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। इसके साथ ही सर्वाधिक नामांकन कराने वाले खंड शिक्षा अधिकारी को भी पुरस्कृत किया जाएगा। मंडल में सबसे ज्यादा नामांकन कराने वाले डीएम और बीएसए को शासन स्तर से सम्मानित किया जाएगा।वहीं बीएसए अरविंद सिंह का कहना है कि सरकार ने शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों का दाखिला कराने का निर्देश दिया है। इससे अब नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्र में कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल नहंी बचेगा।
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दो चरणों में चलने वाले इस कार्यक्रम के तहत पहले दौर में 30 मार्च तक चुने बच्चों का 20 अप्रैल तक प्रवेश कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे दौर में बच्चों को 21 मई से 30 जून तक पंजीकरण कर एक से 20 जुलाई तक प्रवेश कराया जाएगा। शैक्षणिक सत्र 2019-20 में 15 फीसदी बच्चों का विद्यालयों में प्रवेश कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अपर मुख्य सचिव डॉ प्रभात कुमार ने विशेष प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जाने का निर्देश दिया है।
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अभी तक शिक्षक सर्वे कर आउट ऑफ स्कूल छात्रों की सिर्फ संख्या ही देते थे। पूरे साल यही खेल चलता रहता था, लेकिन अब शासन ने ऐसे सभी बच्चों के नाम, पिता का नाम एवं गांव की जानकारी मुहैया कराने का निर्देश दिया है। शारदा योजना के तहत सर्वे में चिंहित आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान कर 2018-19 के सापेक्ष 15 फीसदी अधिक नामांकन करने वाले हेडमास्टर को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रत्येक ब्लॉक से एक हेडमास्टर को इस पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। इसके साथ ही सर्वाधिक नामांकन कराने वाले खंड शिक्षा अधिकारी को भी पुरस्कृत किया जाएगा। मंडल में सबसे ज्यादा नामांकन कराने वाले डीएम और बीएसए को शासन स्तर से सम्मानित किया जाएगा।वहीं बीएसए अरविंद सिंह का कहना है कि सरकार ने शारदा कार्यक्रम के तहत आउट ऑफ स्कूल बच्चों का दाखिला कराने का निर्देश दिया है। इससे अब नगरीय तथा ग्रामीण क्षेत्र में कोई बच्चा आउट ऑफ स्कूल नहंी बचेगा।
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