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आसमान से बरसे अंगारे, सड़कों पर सन्नाटा
Sat, 08 Jun 2019 01:49 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कौशांबी
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 08 Jun 2019 01:49 PM IST
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- फोटो : कौशाम्बी
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बुधवार को आसमान से अंगारे बरसे। दिनभर चटख धूप के साथ अंधड़ चला। पारा 43 डिग्री पहुंचने के कारण गर्म हवाओं ने लोगों को घरों में कैद कर दिया। दोपहर 12 से शाम चार बजे तक सड़कें, बाजारें सूनी रहीं। आवश्यक होेने पर ही लोग तेज धूप से बचने के लिए चेहरा ढक कर बाहर निकले। बिजली कटौती के कारण घरों में भी लोग गर्मी से बिलबिलाते रहे।
मई में लगातार मौसम का कहर जारी है। बुधवार को तो हालत बेहद खतरनाक रहे। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के कारण लोग बेहाल रहे। सुबह सूरज निकलने के साथ ही धूलभरी आंधी और गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गईं। ये सिलसिला पूरे दिन चला। तेज धूप के कारण आवश्यक काम पड़ने पर ही लोग सुरक्षा लेकर निकले। युवतियां अपना मुंह, हाथ आदि कपड़ों से पूरी तरह ढककर निकलीं। सबसे अधिक परेशानी उनकी रही है जो गोद में बच्चे लेकर निकलीं। ऐसी महिलाओं को खुद के साथ ही बच्चे को तेज धूप से बचाने का जतन करते देखा गया।
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गर्मी के कहर से बचने को लोग गन्ने का जूस, मैंगो जूस पीने के साथ ही खीरा, ककड़ी आदि खाकर प्यास को शांत करते रहे। सबसे अधिक परेशानी आवारा मवेशियों हो रही है। मवेशियों को छाया और पानी दोनों का अभाव है। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। बुधवार को दिनभर सड़कें और बाजारें सूनीं रहीं। शाम को दिन ढलने के बाद ही लोग सड़क पर निकले। तेज धूप के कारण दिनभर तपने वाली सड़क और घर देर रात गरम बने रहते हैं। जिसके कारण धूप का असर रात 10 बजे तक बना रहता है। इसके बाद कुछ राहत मिलती है। इस बीच यदि हवा न चले तो दिन की धूप वाली गर्मी पूरी रात समझ आती है।
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मई में लगातार मौसम का कहर जारी है। बुधवार को तो हालत बेहद खतरनाक रहे। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के कारण लोग बेहाल रहे। सुबह सूरज निकलने के साथ ही धूलभरी आंधी और गर्म हवाएं चलनी शुरू हो गईं। ये सिलसिला पूरे दिन चला। तेज धूप के कारण आवश्यक काम पड़ने पर ही लोग सुरक्षा लेकर निकले। युवतियां अपना मुंह, हाथ आदि कपड़ों से पूरी तरह ढककर निकलीं। सबसे अधिक परेशानी उनकी रही है जो गोद में बच्चे लेकर निकलीं। ऐसी महिलाओं को खुद के साथ ही बच्चे को तेज धूप से बचाने का जतन करते देखा गया।
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गर्मी के कहर से बचने को लोग गन्ने का जूस, मैंगो जूस पीने के साथ ही खीरा, ककड़ी आदि खाकर प्यास को शांत करते रहे। सबसे अधिक परेशानी आवारा मवेशियों हो रही है। मवेशियों को छाया और पानी दोनों का अभाव है। दोपहर होते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है। बुधवार को दिनभर सड़कें और बाजारें सूनीं रहीं। शाम को दिन ढलने के बाद ही लोग सड़क पर निकले। तेज धूप के कारण दिनभर तपने वाली सड़क और घर देर रात गरम बने रहते हैं। जिसके कारण धूप का असर रात 10 बजे तक बना रहता है। इसके बाद कुछ राहत मिलती है। इस बीच यदि हवा न चले तो दिन की धूप वाली गर्मी पूरी रात समझ आती है।