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नहीं मिल रहा खाद्य सुरक्षा का राशन
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Mon, 23 May 2016 12:28 AM IST
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विकास खंड कौशाम्बी के हिसामबाद गांव में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद से कार्डधारकाें को राशन नहीं दिया गया। किराए पर कोटे की दुकान ले रखे आरोपी ने कार्डधारकों के नामों की सूची भी चस्पा नहीं किया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने एसडीएम सदर से की। तीन दिन बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसे लेकर गांव के कार्डधारकों में प्रशासन और कोटेदार के खिलाफ नाराजगी है।
हिसामबाद गांव की कोटेदार महिला मंजू देवी है। महिला होने के चलते दुकान संचालन की जिम्मेदारी गांव के पिंटू केशरवानी को दे रखा है। जबकि गांव के गिरधारी लाल, कामता प्रसाद, भैरव प्रसाद आदि का आरोप है कि मंजू देवी ने दुकान किराए पर दे रखी है। इन कार्डधारकों ने पिछले शुक्रवार को एसडीएम सदर लालजी मिश्र से शिकायत की। आरोप लगाया कि जब से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हुआ तब से कोटेदार राशन नहीं दे रहा। उसका कहना है कि ग्रामीणों का नाम कार्ड की सूची में नहीं है।
ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनका नाम सूची में है पर कोटेदार चस्पा नहीं कर रहा है। उधर राशन न मिलने से उनका हाल बेहाल है। एसडीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन ग्रामीणों को दिया था। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई जांच करने गांव नहीं पहुंच सका। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने और राशन वितरण न किए जाने से कार्डधारकों में नाराजगी है।
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हिसामबाद गांव की कोटेदार महिला मंजू देवी है। महिला होने के चलते दुकान संचालन की जिम्मेदारी गांव के पिंटू केशरवानी को दे रखा है। जबकि गांव के गिरधारी लाल, कामता प्रसाद, भैरव प्रसाद आदि का आरोप है कि मंजू देवी ने दुकान किराए पर दे रखी है। इन कार्डधारकों ने पिछले शुक्रवार को एसडीएम सदर लालजी मिश्र से शिकायत की। आरोप लगाया कि जब से खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू हुआ तब से कोटेदार राशन नहीं दे रहा। उसका कहना है कि ग्रामीणों का नाम कार्ड की सूची में नहीं है।
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ग्रामीणों ने एसडीएम को बताया कि उनका नाम सूची में है पर कोटेदार चस्पा नहीं कर रहा है। उधर राशन न मिलने से उनका हाल बेहाल है। एसडीएम ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन ग्रामीणों को दिया था। तीन दिन बीत जाने के बाद भी कोई जांच करने गांव नहीं पहुंच सका। शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने और राशन वितरण न किए जाने से कार्डधारकों में नाराजगी है।
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