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शिकायती पत्रों के निस्तारण में फिसड्डी है मंझनपुर सर्किल
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मंझनपुर। आमजन के शिकायती पत्रों के निस्तारण में मंझनपुर सर्किल पुलिस पूरी तरह से बेपरवाह बनी हुई है। सर्किल में 60 मामले ऐसे हैं, जिनकी निस्तारण की रिपोर्ट पुलिस विभाग को नहीं मिल सकी। चायल और सिराथू में भी यही हाल है लेकिन उनके यहां लंबित मामलों की संख्या कम है।
शासन की मंशा है कि शिकायती पत्रों को आईजीआरएस के जरिए ऑनलाइन करके उनका निस्तारण किया जाए। शिकायत करने वाले को भी इसकी जानकारी मिलती रहेगी। मोबाइल या लैपटॉप में इंटरनेट के जरिए एक क्लिक पर शिकायती पत्रों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा सामने आता है। इसके अलावा शिकायतकर्ता के मोबाइल पर भी कार्रवाई का मैसेज जाता है। इसकी मानीटरिंग के लिए पुलिस विभाग में अलग से सेल गठित है। इतना ही नहीं शिकायती पत्रों के निस्तारण का पर्यवेक्षण सर्किल अफसरों को करना होता है।
इसके बाद भी जिले में यह व्यवस्था लागू तो है लेकिन काम पुराने ढर्रे पर हो रहा है। जुलाई माह की स्थित के बारे में जिक्र करें तो मंझनपुर में 60 ऐसे मामले हैं जिनमें शिकायतों को सिर्फ संदर्भ में लेना दिखाया गया है। कार्रवाई क्या हुई। इसकी जानकारी नेट पर अपलोड नहीं है। इसी तरह चायल सर्किल में 14 और सिराथू में 13 मामले लंबित है।
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आईजीआरएस में दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण किया जाता है। सर्किल अफसर लंबित मामलों की निगरानी करते हैं। अफसरों को निर्देशित किया गया है कि वह समय से शिकायतों का निस्तारण कर अफसरों को रिपोर्ट करें।
प्रदीप गुप्ता, एसपी कौशाम्बी
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शासन की मंशा है कि शिकायती पत्रों को आईजीआरएस के जरिए ऑनलाइन करके उनका निस्तारण किया जाए। शिकायत करने वाले को भी इसकी जानकारी मिलती रहेगी। मोबाइल या लैपटॉप में इंटरनेट के जरिए एक क्लिक पर शिकायती पत्रों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा सामने आता है। इसके अलावा शिकायतकर्ता के मोबाइल पर भी कार्रवाई का मैसेज जाता है। इसकी मानीटरिंग के लिए पुलिस विभाग में अलग से सेल गठित है। इतना ही नहीं शिकायती पत्रों के निस्तारण का पर्यवेक्षण सर्किल अफसरों को करना होता है।
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इसके बाद भी जिले में यह व्यवस्था लागू तो है लेकिन काम पुराने ढर्रे पर हो रहा है। जुलाई माह की स्थित के बारे में जिक्र करें तो मंझनपुर में 60 ऐसे मामले हैं जिनमें शिकायतों को सिर्फ संदर्भ में लेना दिखाया गया है। कार्रवाई क्या हुई। इसकी जानकारी नेट पर अपलोड नहीं है। इसी तरह चायल सर्किल में 14 और सिराथू में 13 मामले लंबित है।
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आईजीआरएस में दर्ज कराई जाने वाली शिकायतों का गुणवत्ता पूर्वक निस्तारण किया जाता है। सर्किल अफसर लंबित मामलों की निगरानी करते हैं। अफसरों को निर्देशित किया गया है कि वह समय से शिकायतों का निस्तारण कर अफसरों को रिपोर्ट करें।
प्रदीप गुप्ता, एसपी कौशाम्बी