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ग्राम पंचायत में होगा विवाह रजिस्टर, कराना होगा पंजीकरण
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marrage registration in gram panchayat
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मंझनपुर। हिंदू रीति-रिवाज से शादी करने वाले लोगों का ग्राम पंचायत के विवाह रजिस्टर में पंजीकरण होगा। पंजीकरण के बाद ही परिवार की नई बहू परिवार रजिस्टर में शामिल की जाएगी। इसके दूरगामी परिणाम सामने आएंगे। पंजीकरण रजिस्टर गांव में रखवाने के लिए पंचायत सेक्रेटरियों को निर्देश दिया गया है।
हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली शादी का अब तक अधिकारिक प्रमाण नहीं होता था। शादी के बाद परिवार के लोग नई वधू का राशन कार्ड में नाम शामिल कराने व मतदाता पहचान पत्र बनवा लेने तक को पंजीकरण मानते थे। लेकिन शादी का ग्राम पंचायतों में रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन में शादी कराने वाले पुरोहित के अलावा वर और कन्या का हस्ताक्षर कराया जाएगा। शादी के गवाह (रिश्तेदार) का भी हस्ताक्षर होगा। एक तरह से यह शादी रजिस्टर्ड होगी। इसके तमाम फायदे होंगे। विवाहिता जैसे ही बच्चे को जन्म देती है उसके 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाएगा।
इसकी सूचना परिवार के मुखिया को गांव के सेक्रेटरी को देनी होगी। 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने पर एक साल के अंदर डीपीआरओ की अनुमति से ही प्रमाण पत्र बनेगा। एक साल से ज्यादा का समय होने पर एसडीएम की स्पष्ट अनुमति के बाद प्रमाण पत्र जारी होगा। यहीं प्रक्रिया मृत्यु प्रमाण पत्र में भी अपनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था से लोगों को वरासत आदि में कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। जिला पंचायतराज अधिकारी गोपाल जी ओझा ने बताया कि गांव के सेक्रेटरी को इस बाबत निर्देशित किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीकरण रजिस्टर रखवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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हिंदू रीति-रिवाज से होने वाली शादी का अब तक अधिकारिक प्रमाण नहीं होता था। शादी के बाद परिवार के लोग नई वधू का राशन कार्ड में नाम शामिल कराने व मतदाता पहचान पत्र बनवा लेने तक को पंजीकरण मानते थे। लेकिन शादी का ग्राम पंचायतों में रजिस्ट्रेशन होगा। रजिस्ट्रेशन में शादी कराने वाले पुरोहित के अलावा वर और कन्या का हस्ताक्षर कराया जाएगा। शादी के गवाह (रिश्तेदार) का भी हस्ताक्षर होगा। एक तरह से यह शादी रजिस्टर्ड होगी। इसके तमाम फायदे होंगे। विवाहिता जैसे ही बच्चे को जन्म देती है उसके 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र बनाया जाएगा।
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इसकी सूचना परिवार के मुखिया को गांव के सेक्रेटरी को देनी होगी। 28 दिन के अंदर जन्म प्रमाण पत्र नहीं बनने पर एक साल के अंदर डीपीआरओ की अनुमति से ही प्रमाण पत्र बनेगा। एक साल से ज्यादा का समय होने पर एसडीएम की स्पष्ट अनुमति के बाद प्रमाण पत्र जारी होगा। यहीं प्रक्रिया मृत्यु प्रमाण पत्र में भी अपनाई जाएगी। इस नई व्यवस्था से लोगों को वरासत आदि में कभी किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। जिला पंचायतराज अधिकारी गोपाल जी ओझा ने बताया कि गांव के सेक्रेटरी को इस बाबत निर्देशित किया जा चुका है। ग्राम पंचायतों में विवाह पंजीकरण रजिस्टर रखवाने के निर्देश दिए गए हैं।
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