चंदन बाला की करुण पुकार पर आए थे महावीर स्वामी

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Tue, 11 Oct 2016 12:40 AM IST
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देश के कोने-कोने में जैनियों द्वारा मनाए जाने वाला प्रसिद्ध चंदन बाला महोत्सव कौशांबी की देन है। जंगल में गुम हुई राजा की बेटी चंदन बाला को कौशांबी में लाकर बेच दिया गया था, जिसे एक धन्ना सेठ ने खरीद लिया था। धन्ना सेठ की पत्नी ने चंदन बाला को जंजीरों से जकड़कर काल कोठरी में डाल दिया था। 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी यहां साधना करने के लिए आए थे। साधना के दौरान उन्हें चंदन बाला की करुण पुकार सुनाई पड़ी तो वह घर पहुंचे। इस पर चंदन बाला कोठरी से निकलकर बाहर आई और महावीर स्वामी को भिक्षा दी तो सभी लोग देखकर निहाल हो गए थे। इसी के बाद से देश भर में चंदन बाला महोत्सव मनाया जाता है।
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  24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी का कौशांबी में भव्य मंदिर स्थापित है। इस मंदिर की देखरेख प्रबंधक दिनेश चंद्र जैन करते हैं। वह बताते हैं कि हर साल यहां जैन समुदाय के लोग पूजा-पाठ करने के लिए आते हैं। बताते हैं कि चंदन बाला महोत्सव जैनियों का सबसे बड़ा महोत्सव होता है। इस दिन लोग चंदन बाला की झांकी निकालते हैं। प्रबंधक बताते हैं कि कौशांबी महानगर हुआ करता था। यह देश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र भी था। धन्ना सेठ, घोषिताराम यहां के बडे़ व्यापारियों में गिने जाते थे। बताया कि 24 वें तीर्थंकर महावीर स्वामी यहां छह माह 13 दिन के प्रवास पर आए थे। वह हमेशा साधना में लीन रहते थे और उपदेश देते थे। वह जब भिक्षा लेने निकलते थे तो यही कहते थे कि राजा की बेटी से ही वह भिक्षा लेंगे, लेकिन वह जंजीरों में जकड़ी होगी, आंसुओं का सैलाब उसकी आंखों में होगा। पीड़ा ही पीड़ा उसके चेहरे पर होगी। नगर के सभी लोग महावीर स्वामी की इस बात पर अचरज थे कि यहां राजा की बेटी ऐसी स्थिति में कहां मिलेगी। भगवान महावीर की यह बात सत्य थी। अंग देश के राजा की बेटी चंदन बाला जो जंगलों में गुम हो गई थी, उसे लोगों ने कौशांबी के धन्नासेठ को बेच दिया था।
धन्नासेठ निसंतान था, लेकिन उसकी पत्नी चंदन बाला से नफरत करती थी। धन्ना सेठ कारोबार के सिलसिले में बाहर गया तो सेठ की पत्नी ने चंदन बाला को जंजीरों से जकड़कर कोठरी में डाल दिया था। वह रात-दिन कोठरी में रोती। एक दिन महावीर स्वामी भिक्षा मांगते हुए धन्ना सेठ के सामने से निकले तो चंदन बाला कोठरी से निकलकर जंजीरों से जकड़ी हुई सूप में अनाज लेकर उनके सामने खड़ी हो गई। जिसे देखते ही उन्होंने पहचान लिया। चंदन बाला के बारे में उन्होंने बताया तो सभी लोग हैरान रह गए। धन्ना सेठ की पत्नी ने माफी मांगी। धन्ना सेठ की पत्नी ही चंदन बाला की मौसी थी, जिससे वह अंजान थी। प्रबंधक बताते हैं कि चंदन बाला महोत्सव अन्य कई कारणों से प्रसिद्ध है। जब महोत्सव के दौरान चंदन बाला का प्रसंग शुरू होता है तो लोग रो पड़ते हैं। झांकी से जब वह जंजीर तोड़कर निकलती है तो लोग फफक पड़ते हैं।
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