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दौलत नहीं, प्रेम के भूखे हैं भगवान
kaushambi
Updated Fri, 30 Nov 2018 12:28 AM IST
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करारी । नगर पंचायत करारी में चल रही भागवत कथा में गुरुवार को नंद उत्सव व नटखट लंदलाल की मनमोहक लीलाओं की कथा सुनाई गई। इस दौरान कथावाचक ने भक्त के भाव से भगवान के मिलने का वर्णन किया। कथावाचक पं. आयुष कृष्ण नयन महराज ने श्रीमदभागवत कथा के पांचवें दिन कहा कि भगवान प्रेम के भूखे होते हैं। उन्हें दौलत और वाह्य आडंबर से लेना-देना नहीं रहता। नंद उत्सव व नंदलाल के नटखट होने की कथा सुनाते हुए कहा कि नटखट भगवान गोपियों की मटकी फोड़ते और माखन भी चुराते।
श्रोताओं को बताया कि यशोदा के अहंकार पर वह नहीं बंधे लेकिन जब मां का प्रेम जागा तो वह बंध गए और मिट्टी खाए मुख से ब्रम्हांड दिखाया तो मां का घमंड दूर हो गया। इसी तरह वह भक्त के वैभव व अहंकार से नहीं बल्कि उसके प्रेम के भूखे हैं। श्रीमद् भागवत कथा सुनने वालों में मोती लाल केसरवानी, शिव बाबू केसरवानी, ओम प्रकाश, राजकुमार, राकेश कुमार, तनिश, संस्कार, विपिन केशरवानी, श्याम सुंदर केशरवानी, सुमित केशरवानी, संगीत मोदनवाल, चेयरमैन प्रतिनिधि रामहित सरोज, ऊधोश्याम गुप्ता, मनु कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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श्रोताओं को बताया कि यशोदा के अहंकार पर वह नहीं बंधे लेकिन जब मां का प्रेम जागा तो वह बंध गए और मिट्टी खाए मुख से ब्रम्हांड दिखाया तो मां का घमंड दूर हो गया। इसी तरह वह भक्त के वैभव व अहंकार से नहीं बल्कि उसके प्रेम के भूखे हैं। श्रीमद् भागवत कथा सुनने वालों में मोती लाल केसरवानी, शिव बाबू केसरवानी, ओम प्रकाश, राजकुमार, राकेश कुमार, तनिश, संस्कार, विपिन केशरवानी, श्याम सुंदर केशरवानी, सुमित केशरवानी, संगीत मोदनवाल, चेयरमैन प्रतिनिधि रामहित सरोज, ऊधोश्याम गुप्ता, मनु कुशवाहा आदि मौजूद रहे।
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