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दोआबा की कोतवालियों से गायब हुई फोर्स
Sun, 07 Apr 2019 12:38 AM IST
shailendra Kumar
kaushambi bureau
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Published by: shailendra Kumar
Updated Sun, 07 Apr 2019 12:38 AM IST
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मंझनपुर। लोकसभा चुनाव, मोरारी बापू की कथा और नवरात्र...। एक साथ तीन बड़े कार्यक्रमों ने पुलिस अफसरों की मुश्किल बढ़ा दी है। फोर्स के अभाव में जिले भर की कोतवालियों में सन्नाटा पसर गया है। इसकी बदौलत आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अपराधियों पर शिकंजा कसने की चुनौती भी सामने आ खड़ी हुई है।
महेवाघाट (रत्नावली धाम) में संत मोरारी बापू की कथा शनिवार से शुरु हुई। यहां सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स का प्रबंध दो दिन पहले से ही कर दिया गया था। इसी बीच वासंतिक नवरात्र पर शक्तिपीठ कड़ा धाम में मेला लग गया। धाम में भी बड़ी संख्या में सिपाही, दरोगाओं की ड्यूटी लगानी पड़ी। पहले चरण के चुनाव के लिए भी जिले से फोर्स की रवानगी हो गई है। कुल मिलाकर जनपद अब पुलिस विहीन सा हो गया है।
कोतवालियों का आलम ये है कि कहीं इंस्पेक्टर के साथ दो सिपाही, एक दरोगा और मुंशी बचे हैं तो कहीं स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है। कोतवाली के साथ अफसरों के दफ्तरों में तैनात खाकी वालों को भी ड्यूटी पर भेज दिया गया है। अब कोतवालों को समझ नहीं आ रहा है कि वह जनता की समस्या कैसे निपटाएं, विवेचना किससे करवाएं, कच्ची शराब कारोबारियों, शातिरों पर कार्रवाई किस वक्त करें और गश्त कब करें। अपराध पर नियंत्रण रखना पुलिस के सामने मौजूदा समय में एक बड़ी चुनौती है। उधर, फोर्स के अभाव में आम फरियादियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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चुनाव के पहले चरण में निरीक्षक 21, हे. कांस्टेबल 40 और आरक्षी 180 लगाए गए हैं। इसी प्रकार शक्तिपीठ कड़ा धाम में निरीक्षक 04, उप निरीक्षक 13, हे. कांस्टेबल16, आरक्षी 43, महिला आरक्षी 42 और पीएसी डेढ़ सेक्शन लगाई गई है। इसी प्रकार बापू की कथा में निरीक्षक 04, उप निरीक्षक 20, हे. कांस्टेबल 15, आरक्षी 45 और महिला आरक्षी 42 मौजूद रहेंगे।
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महेवाघाट (रत्नावली धाम) में संत मोरारी बापू की कथा शनिवार से शुरु हुई। यहां सुरक्षा के मद्देनजर फोर्स का प्रबंध दो दिन पहले से ही कर दिया गया था। इसी बीच वासंतिक नवरात्र पर शक्तिपीठ कड़ा धाम में मेला लग गया। धाम में भी बड़ी संख्या में सिपाही, दरोगाओं की ड्यूटी लगानी पड़ी। पहले चरण के चुनाव के लिए भी जिले से फोर्स की रवानगी हो गई है। कुल मिलाकर जनपद अब पुलिस विहीन सा हो गया है।
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कोतवालियों का आलम ये है कि कहीं इंस्पेक्टर के साथ दो सिपाही, एक दरोगा और मुंशी बचे हैं तो कहीं स्थिति इससे भी ज्यादा खराब है। कोतवाली के साथ अफसरों के दफ्तरों में तैनात खाकी वालों को भी ड्यूटी पर भेज दिया गया है। अब कोतवालों को समझ नहीं आ रहा है कि वह जनता की समस्या कैसे निपटाएं, विवेचना किससे करवाएं, कच्ची शराब कारोबारियों, शातिरों पर कार्रवाई किस वक्त करें और गश्त कब करें। अपराध पर नियंत्रण रखना पुलिस के सामने मौजूदा समय में एक बड़ी चुनौती है। उधर, फोर्स के अभाव में आम फरियादियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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चुनाव के पहले चरण में निरीक्षक 21, हे. कांस्टेबल 40 और आरक्षी 180 लगाए गए हैं। इसी प्रकार शक्तिपीठ कड़ा धाम में निरीक्षक 04, उप निरीक्षक 13, हे. कांस्टेबल16, आरक्षी 43, महिला आरक्षी 42 और पीएसी डेढ़ सेक्शन लगाई गई है। इसी प्रकार बापू की कथा में निरीक्षक 04, उप निरीक्षक 20, हे. कांस्टेबल 15, आरक्षी 45 और महिला आरक्षी 42 मौजूद रहेंगे।