फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   kotedar strike news

कोटेदारों से अवैध वसूली जारी, प्रदर्शन की तैयारी

Sun, 12 Jun 2016 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 12 Jun 2016 12:31 AM IST
विज्ञापन
kotedar strike news
other
क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गरीबों के हक पर डाका डालने वालों की सरपरस्ती सिर चढ़ कर बोल रही है। अमर उजाला ने कोटे के खाद्यान्न में होने वाली वसूली को लेकर खबरें प्रकाशित की तो पूरा सिस्टम हिल गया। ऐसे में इस महीने वसूली के नए तरीके को ईजाद करने की कवायद शुरू कर दी गई है। वसूली करने वालों पर दबाव है कि  कोटेदारों से वसूली में जरा सी भी लापरवाही की तो खैर नहीं होगी।
विज्ञापन


विकास खंड सिराथू और कड़ा की सार्वजनिक वितरण प्रणाली लूट तंत्र का शिकार हो गई है। शिकायत है कि जब से खाद्य सुरक्षा कानून लागू हुआ है। एक अधिकारी ने 70 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कोटेदाराें से कमीशन बांध अवैध धन उगाही के पुराने सारे रिकार्ड ध्वस्त कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि उच्च पद पर बैठे अधिकारी के इशारे पर स्थानीय स्तर पर वितरण प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के दौरान टेंट ढीली कराई जाती है।
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि अधिकारी के नाम पर वसूली करने वाले एक-एक दाने का हिसाब लगाकर कमीशन लेने के बाद ही प्रमाण-पत्र जारी करते हैं। चर्चा है कि इस तरह से होने वाली तकरीबन 20 लाख की वसूली का बंदर बांट किया जाता है। बताया  जाता है कि 50 रुपये प्रति क्विंटल के दर से अधिकारी के पास पैसा जाता है। दस रुपये की दर से वसूली करने वाला अपने हिस्सा रखता है। शेष दस रुपये को स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को माहवारी के रूप में लिफाफा बनाकर भेज दिया जाता है। ताकि वे भी जुबान पर ताला लगाए रहें। लोगोें की निगाह इस बार होने वाले वसूली पर टिकी हुई है। पैसा पुराने तरीके से लिया जाता है या कोई नया तरीका अख्तियार किया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


 स्थानीय स्तर पर सरकारी कोटेदारों से होने वाली अवैध धन उगाही का मामला सुलगने लगा है। चर्चा है कि विजलेंस टीम के कुछ सदस्यों ने गुपचुप तरीके से यहां का दौरा किया। टीम के सदस्य अहम जानकारी एकत्र करने के साथ खास स्थान को चिन्हित कर लौट गए हैं। ऐसे में इस बात की आशंका जताई जा रही है कि कहीं कोटेदारों से धन उगाही किए जाने का मामला उच्च स्तर पर तो नहीं पहुंच गया है। जानकारों का कहना है कि विजलेंस विभाग की एक टीम ने गत दिवस बेहद गोपनीय तरीके से क्षेत्र का दौरा किया है। टीम ने चुनिंदा जगह कीबाबत भी जानकारी हासिल की है। क्या टेपिंग की तैयारी का एक हिस्सा था टीम का दौरा। इस तरह ये सवाल हर किसी के जेहन में तेजी से कौंध रहे हैं। इस बाबत विजलेंस टीम के सदस्यों से जानने का प्रयास किया गया। पर, उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed