{"_id":"4f450d143e2fb90b1a6d1f9aca680a9b","slug":"kaushambi-news-hindi-news-529","type":"story","status":"publish","title_hn":"32 गांवों की 10 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
32 गांवों की 10 दिनों से बिजली आपूर्ति ठप
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Mon, 25 Jan 2016 12:41 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरखास विद्युत उपकेंद्र से जुड़े यमुना की तराई के 32 गांवों में 10 दिनों से बिजली गुल है। इससे लोगों को तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उपकेंद्र का पैनल जल जाने से यह समस्या खड़ी हुई है। जिसे अब तक बदला नहीं जा सका है। बिजली नहीं मिलने से परेशान लोगों ने रविवार को विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। हालांकि मौके पर एसडीओ, जेई आदि के नहीं मिलने से गांववालों को निराश होना पड़ा। ग्रामीणों ने चेताया है कि दो दिन में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो वे कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करेंगे।
यमुना तराई के गांव तिल्हापुर, पुरखास, नंदा का पुरा, केवट का पुरा, मायाराम का पुरा, जवई, बिगहरा, हसनपुर, पिपरहटा, उमरवल, ईशीपुर, पनारा गोपालपुर, सुरसेनी, बकोढ़वा, अकबराबाद गुहौली, सेवथा, जवाहरगंज, चंदूपुर अमरायन, बिन्नई आदि गांवों में बिजली सप्लाई पुरखास विद्युत उपकेंद्र से होती है। 10 दिन पहले पुरखास उपकेंद्र का पैनल जल गया। तभी से इन सभी गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। इससे लोगों को ढिबरी और लालटेन की रोशनी में कामकाज करना पड़ रहा है।
सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों और छात्रों को हो रही है। गेहूं, आलू की सिंचाई नहीं होने से फसलें रोगग्रस्त होने की संभावना है। वहीं जल्द शुरू हो रही हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राएं भी रात घर में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा।
विज्ञापन
गांववालों ने पुरखास उपकेंद्र आकर घेराव किया, लेकिन उपकेंद्र में ग्रामीणों को एसडीओ, अवर अभियंता आदि नहीं मिले। कार्यालय में कैशबाबू अशोक कुमार गौतम से ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। चेताया कि 2 दिन में यदि पैनल बदलकर बिजली नहीं दी गई, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। हसनपुर गांव के शमशेर सिंह, बिगहरा गांव के शेष कुमार तिवारी, विक्रम सिंह, मुनेश कुमार, भारत सिंह, अखंड प्रताप सिंह, अखिलेश तिवारी, राहुल मिश्र, रामू, उमेश कुमार, विनोद कुमार, सीताराम आदि ने बताया कि कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी विभाग के अफसर खामोश हैं। जले पैनल को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस संदर्भ में अवर अभियंता एसबी निषाद ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पैनल फुंकने की जानकारी दे दी गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाए।
विज्ञापन
यमुना तराई के गांव तिल्हापुर, पुरखास, नंदा का पुरा, केवट का पुरा, मायाराम का पुरा, जवई, बिगहरा, हसनपुर, पिपरहटा, उमरवल, ईशीपुर, पनारा गोपालपुर, सुरसेनी, बकोढ़वा, अकबराबाद गुहौली, सेवथा, जवाहरगंज, चंदूपुर अमरायन, बिन्नई आदि गांवों में बिजली सप्लाई पुरखास विद्युत उपकेंद्र से होती है। 10 दिन पहले पुरखास उपकेंद्र का पैनल जल गया। तभी से इन सभी गांवों की बिजली आपूर्ति ठप है। इससे लोगों को ढिबरी और लालटेन की रोशनी में कामकाज करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों और छात्रों को हो रही है। गेहूं, आलू की सिंचाई नहीं होने से फसलें रोगग्रस्त होने की संभावना है। वहीं जल्द शुरू हो रही हाईस्कूल-इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राएं भी रात घर में पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का रविवार को गुस्सा फूट पड़ा।
विज्ञापन
गांववालों ने पुरखास उपकेंद्र आकर घेराव किया, लेकिन उपकेंद्र में ग्रामीणों को एसडीओ, अवर अभियंता आदि नहीं मिले। कार्यालय में कैशबाबू अशोक कुमार गौतम से ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। चेताया कि 2 दिन में यदि पैनल बदलकर बिजली नहीं दी गई, तो वे कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। हसनपुर गांव के शमशेर सिंह, बिगहरा गांव के शेष कुमार तिवारी, विक्रम सिंह, मुनेश कुमार, भारत सिंह, अखंड प्रताप सिंह, अखिलेश तिवारी, राहुल मिश्र, रामू, उमेश कुमार, विनोद कुमार, सीताराम आदि ने बताया कि कई बार समस्या से अवगत कराने के बाद भी विभाग के अफसर खामोश हैं। जले पैनल को ठीक नहीं कराया जा रहा है। इस संदर्भ में अवर अभियंता एसबी निषाद ने बताया कि उच्चाधिकारियों को पैनल फुंकने की जानकारी दे दी गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द से जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाए।