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फुहारें पड़ने के साथ फिर कातिलाना बनी ठंड
अमर उजाला ब्यूराे काैश्ााम्बी
Updated Thu, 21 Jan 2016 12:13 AM IST
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मंगलवार को दिनभर हुई बूंदाबांदी और कोहरे की गहरी धुंध के कारण तीन दिनों से सूरज के दर्शन नहीं हुए हैं। धूप नहीं खिलने से कौशाम्बी में जाड़ा फिर से कातिलाना बन गया है। भीषण शीतलहर से बढ़ी गलन के कारण जनजीवन प्रभावित है। वहीं कड़ाके की ठंड पड़ने से इसकी जद में आकर बुधवार की दोपहर पुरामुफ्ती के मादपुर गांव के एक किसान की जान भी चली गई।
कौशाम्बी में फिर से मौसम अचानक बदल गया। हफ्तेभर पहले लग रहा था कि ठंड चली गई है। पर, मंगलवार को अचानक आसमान पर बादलों ने कब्जा जमाया। दिनभर बारिश हुई। बरसात के साथ ही दिनभर कोहरे की गहरी धुंध भी छाई रही। इससे दुबारा जनपद में कड़ाके की ठंड का कहर शुरू हो गया। तीन दिन से सूरज नहीं निकला है। बारिश और धुंध के कारण तीखी गलन शुरू है। मौसम विभाग के मुताबिक शीतलहर के कारण दिन और रात के तापमान में भी भारी गिरावट आई है। बुधवार को दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात में पारा गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। तापमान में आई इस गिरावट से लोग दिन-रात ठिठुर रहे हैं।
धूप नहीं निकलने से दिनभर लोग आग तापते नजर आए। वहीं ठंड के कारण मौत का भी सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार की दोपहर ठंड लगने से पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मादपुर गांव निवासी सतीश कुमार पटेल (48) पुत्र ननकूलाल की मौत हो गई। उसके बेटे अरविंद कुमार ने बताया कि वह दिन में गेंहू की फसल सींचने को गए थे। दोपहर करीब 2 बजे घर लौटते ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। तेज कंपकंपी के साथ सीने और पेट में दर्द होने लगा। वह उन्हें लेकर अस्पताल जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही सांसें थम गई। परिवारवालों के मुताबिक ठंड लगने से ही मौत हुई है।
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इनसेट
बारिश में भीग गया किसानों को हजारों बोरा धान
मंझनपुर (ब्यूरो)। ओसा मंडी में बिक्री के लिए रखा हजारों बोरा किसानों का धान मंगलवार को दिनभर हुई बारिश में भीग गया। बता दें इस बार सूखे का कारण धान की फसल प्रभावित हुई है। दाने कमजोर होने के कारण मिलर किसानों का धान मानक मुताबिक नहीं होना बताकर इसे लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इसकी वजह से ज्यादातर धान क्रयकेंद्रों में खरीद नहीं हो पा रही है। सरकारी खरीद नहीं होने के कारण जनपद के हजारों किसानों को धान ओसा मंडी में पड़ा हुआ है। यही धान मंगलवार को हुई बारिश में भीग गया। बुधवार को बारिश थमने के बाद लोग धान भरे बोरों को इधर-उधर करके उन्हें सूखाने का प्रयास करते दिखे।
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कौशाम्बी में फिर से मौसम अचानक बदल गया। हफ्तेभर पहले लग रहा था कि ठंड चली गई है। पर, मंगलवार को अचानक आसमान पर बादलों ने कब्जा जमाया। दिनभर बारिश हुई। बरसात के साथ ही दिनभर कोहरे की गहरी धुंध भी छाई रही। इससे दुबारा जनपद में कड़ाके की ठंड का कहर शुरू हो गया। तीन दिन से सूरज नहीं निकला है। बारिश और धुंध के कारण तीखी गलन शुरू है। मौसम विभाग के मुताबिक शीतलहर के कारण दिन और रात के तापमान में भी भारी गिरावट आई है। बुधवार को दिन का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात में पारा गिरकर 4 डिग्री सेल्सियस हो गया है। तापमान में आई इस गिरावट से लोग दिन-रात ठिठुर रहे हैं।
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धूप नहीं निकलने से दिनभर लोग आग तापते नजर आए। वहीं ठंड के कारण मौत का भी सिलसिला शुरू हो गया है। बुधवार की दोपहर ठंड लगने से पुरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मादपुर गांव निवासी सतीश कुमार पटेल (48) पुत्र ननकूलाल की मौत हो गई। उसके बेटे अरविंद कुमार ने बताया कि वह दिन में गेंहू की फसल सींचने को गए थे। दोपहर करीब 2 बजे घर लौटते ही अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। तेज कंपकंपी के साथ सीने और पेट में दर्द होने लगा। वह उन्हें लेकर अस्पताल जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही सांसें थम गई। परिवारवालों के मुताबिक ठंड लगने से ही मौत हुई है।
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बारिश में भीग गया किसानों को हजारों बोरा धान
मंझनपुर (ब्यूरो)। ओसा मंडी में बिक्री के लिए रखा हजारों बोरा किसानों का धान मंगलवार को दिनभर हुई बारिश में भीग गया। बता दें इस बार सूखे का कारण धान की फसल प्रभावित हुई है। दाने कमजोर होने के कारण मिलर किसानों का धान मानक मुताबिक नहीं होना बताकर इसे लेने में आनाकानी कर रहे हैं। इसकी वजह से ज्यादातर धान क्रयकेंद्रों में खरीद नहीं हो पा रही है। सरकारी खरीद नहीं होने के कारण जनपद के हजारों किसानों को धान ओसा मंडी में पड़ा हुआ है। यही धान मंगलवार को हुई बारिश में भीग गया। बुधवार को बारिश थमने के बाद लोग धान भरे बोरों को इधर-उधर करके उन्हें सूखाने का प्रयास करते दिखे।