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मासूम बच्चों के अपहर्ता को 10 वर्ष की कैद
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Fri, 04 Dec 2015 11:08 PM IST
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सरायअकिल क्षेत्र से तीन मासूम बच्चों को अगवा करने के दोषी कानपुर के युवक को अदालत ने 10 साल के कारावास की सजा दी है। इस युवक ने 4 साल पहले इन बच्चों को हत्या की नीयत से अगवा किया था। अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी (फौजदारी) त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक सरायअकिल थाना क्षेत्र के सिहोरवा गांव के तीन बच्चे ऋषिकेश (14) पुत्र खिन्नीलाल, सुनील कुमार (13) पुत्र कंधईलाल, अश्विनी कुमार (11) पुत्र वीरेंद्र कुमार 26 अप्रैल 2011 की शाम करीब 6.30 बजे गांव के बाहर बाग में खेल रहे थे। तभी वहां एक व्यक्ति पहुंचा और इन बच्चों से बातें करने लगा। बातचीत के दौरान उसने इन बच्चों को मिठाई, पैसा आदि देने का लालच देकर अपने साथ लेकर चल दिया। उधर, जब देर तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिवार के लोग उनकी खोजबीन में जुटे।
इस दौरान खेत में काम कर रहे गांव के ही एक व्यक्ति ने इन बच्चों को अनजान व्यक्ति के साथ जाते हुए देखने की बात कही। इस जानकारी से गांववालों के होश उड़ गए। पूरा गांव उक्त व्यक्ति और बच्चों की तलाश में जुट गया। खोजबीन के दौरान यह व्यक्ति बच्चों के साथ रसूलपुर टप्पा गांव के समीप जाते दिखा। लोगों ने घेरकर उसे धरदबोचा और पूछताछ करने के बाद सरायअकिल पुलिस के हवाले कर दिया। तफ्तीश के दौरान पता चला कि बच्चों को अगवा करके ले जा रहा व्यक्ति अनिल कुमार उर्फ पप्पू कानपुर के कल्लूमल का बगीचा बेकनगंज का रहने वाला है।
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जो भैंरोघाट में रहकर पूजा पाठ किया करता है। लोगों ने संभावना जताई कि वह बच्चों को हत्या की नीयत से अपने साथ ले जा रहा था। पुलिस ने बच्चों को ले जाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेजा और आरोपपत्र तैयार करके न्यायालय में जमा किया। इसके बाद यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ राकेश कुमार जैन की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त अनिल उर्फ पप्पू को 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी (फौजदारी) त्रिलोकीचंद्र केसरवानी के मुताबिक सरायअकिल थाना क्षेत्र के सिहोरवा गांव के तीन बच्चे ऋषिकेश (14) पुत्र खिन्नीलाल, सुनील कुमार (13) पुत्र कंधईलाल, अश्विनी कुमार (11) पुत्र वीरेंद्र कुमार 26 अप्रैल 2011 की शाम करीब 6.30 बजे गांव के बाहर बाग में खेल रहे थे। तभी वहां एक व्यक्ति पहुंचा और इन बच्चों से बातें करने लगा। बातचीत के दौरान उसने इन बच्चों को मिठाई, पैसा आदि देने का लालच देकर अपने साथ लेकर चल दिया। उधर, जब देर तक बच्चे घर नहीं लौटे, तो परिवार के लोग उनकी खोजबीन में जुटे।
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इस दौरान खेत में काम कर रहे गांव के ही एक व्यक्ति ने इन बच्चों को अनजान व्यक्ति के साथ जाते हुए देखने की बात कही। इस जानकारी से गांववालों के होश उड़ गए। पूरा गांव उक्त व्यक्ति और बच्चों की तलाश में जुट गया। खोजबीन के दौरान यह व्यक्ति बच्चों के साथ रसूलपुर टप्पा गांव के समीप जाते दिखा। लोगों ने घेरकर उसे धरदबोचा और पूछताछ करने के बाद सरायअकिल पुलिस के हवाले कर दिया। तफ्तीश के दौरान पता चला कि बच्चों को अगवा करके ले जा रहा व्यक्ति अनिल कुमार उर्फ पप्पू कानपुर के कल्लूमल का बगीचा बेकनगंज का रहने वाला है।
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जो भैंरोघाट में रहकर पूजा पाठ किया करता है। लोगों ने संभावना जताई कि वह बच्चों को हत्या की नीयत से अपने साथ ले जा रहा था। पुलिस ने बच्चों को ले जाने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करके जेल भेजा और आरोपपत्र तैयार करके न्यायालय में जमा किया। इसके बाद यह मुकदमा अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ राकेश कुमार जैन की अदालत में चला। अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अभियुक्त अनिल उर्फ पप्पू को 10 साल की कैद और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं जमा करने पर एक साल की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।