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दोआबा में कातिल बना बुखार
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 05 Oct 2015 10:27 PM IST
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द्वाबा में डेंगू के साथ बुखार का भी कहर बना हुआ है। बीमारी की जद में आकर लोग मौत के मुंह में समाते जा रहे हैं। रविवार की रात भी चायल कस्बे के गांधी नगर और डीहा मोहल्ले की एक-एक महिलाओं की जान बुखार ने ले ली। मौतों से जहां पीड़ित परिवारों में कोहराम मचा है। वहीं इलाके भर में दहशत फैली है।
चायल कस्बे में बुखार, डेंगू का प्रकोप बेकाबू हो चुका है। कस्बे में हफ्तेभर से रोजाना बुखार के कारण मौतें भी हो रही हैं। रविवार को भी दो महिलाओं की जान चली गई। पहली मौत कस्बे के डीहा मोहल्ले की रहने वाली महरनिया(60) पत्नी मोती लाल की हुई। महरनिया की तबीयत करीब 15 दिनों से खराब थी। परिवार के लोग स्थानीय एक निजी चिकित्सक से उसका इलाज करा रहे थे। बुखार के कारण दूसरी मौत गांधीनगर मोहल्ले की विपतिया देवी (25) पुत्री श्रीलाल की हुई है। विपतिया भी करीब 5 दिनों से बुखार से तप रही थी।
परिजनों ने बताया कि इधर दो दिनों से बुखार के साथ ही उसे उल्टी-दस्त भी होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग रविवार की सुबह उसे स्थानी एक चिकित्सक के पास लेकर गए। जहां रविवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला और युवती की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है। कस्बे के लोगों का कहना है कि लगातार बीमारी की जद में आने से जारी मौतों के सिलसिले के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर कुंभकर्णी नींद में सो रहे है। दवा का छिड़काव नहीं कराए जाने से ही लोग बुखार और डेंगू के डंक के साथ डायरिया की जद में आकर जान गवां रहे हैं। मामले में सीएमओ यूबी सिंह ने बताया कि रविवार की रात हुई मौतों की फिलहाल उन्हें जानकारी नहीं है। यदि बुखार अथवा डायरिया से मौत हुई है तो चिकित्सकों की टीम भेजकर अन्य पीड़ितों का प्राथमिक उपचार और रक्त की जांच कराई जाएगी।
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चायल कस्बे में बुखार, डेंगू का प्रकोप बेकाबू हो चुका है। कस्बे में हफ्तेभर से रोजाना बुखार के कारण मौतें भी हो रही हैं। रविवार को भी दो महिलाओं की जान चली गई। पहली मौत कस्बे के डीहा मोहल्ले की रहने वाली महरनिया(60) पत्नी मोती लाल की हुई। महरनिया की तबीयत करीब 15 दिनों से खराब थी। परिवार के लोग स्थानीय एक निजी चिकित्सक से उसका इलाज करा रहे थे। बुखार के कारण दूसरी मौत गांधीनगर मोहल्ले की विपतिया देवी (25) पुत्री श्रीलाल की हुई है। विपतिया भी करीब 5 दिनों से बुखार से तप रही थी।
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परिजनों ने बताया कि इधर दो दिनों से बुखार के साथ ही उसे उल्टी-दस्त भी होने लगी। तबीयत बिगड़ने पर परिवार के लोग रविवार की सुबह उसे स्थानी एक चिकित्सक के पास लेकर गए। जहां रविवार की रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला और युवती की मौत से घर-परिवार में कोहराम मचा है। कस्बे के लोगों का कहना है कि लगातार बीमारी की जद में आने से जारी मौतों के सिलसिले के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर कुंभकर्णी नींद में सो रहे है। दवा का छिड़काव नहीं कराए जाने से ही लोग बुखार और डेंगू के डंक के साथ डायरिया की जद में आकर जान गवां रहे हैं। मामले में सीएमओ यूबी सिंह ने बताया कि रविवार की रात हुई मौतों की फिलहाल उन्हें जानकारी नहीं है। यदि बुखार अथवा डायरिया से मौत हुई है तो चिकित्सकों की टीम भेजकर अन्य पीड़ितों का प्राथमिक उपचार और रक्त की जांच कराई जाएगी।
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