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सत्यम हॉस्पिटल में सीएमओ ने मारा छापा
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Mon, 10 Aug 2015 11:19 PM IST
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मुख्य चिकित्साधिकारी ने सोमवार को मंझनपुर स्थित सत्यम हास्पिटल में अचानक छापेमारी की। इस दौरान उन्हें अस्पताल में प्रशिक्षित डॉक्टरों की गैर मौजूदगी समेत तमाम अनियमितताएं मिलीं। सीएमओ ने बताया कि हास्पिटल के रिकार्डों की जांच कराई जा रही है। पड़ताल के बाद सीज करने की कार्रवाई की जाएगी। सीएमओ की कार्रवाई से जिले के अन्य निजी हास्पिटल संचालकों में हड़कंप मचा है।
बता दें कि जिले में झोलाछाप डाक्टरों के साथ प्राइवेट अस्पतालों की बाढ़ सी आ गई है। जनपद मुख्यालय मंझनपुर में ही कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां व्यवस्था के नाम पर तो डॉक्टर तक नहीं हैं। मगर बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज और उनके तीमारदारों से उपचार के नाम पर जमकर उगाही हो रही है। लगातार मिल रही ऐसी ही शिकायतों पर सोमवारं की शाम सीएमओ डॉ. राजकुुमार मिश्रा ने मंझनपुर स्थित सत्यम हास्पिटल में छापेमारी की। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की देखरेख के लिए एक भी प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं मिला। इसके अलावा प्रशिक्षित स्टॉफ भी नहीं है। अस्पताल के पैड पर जो तीन डॉक्टरों के मोबाइल नम्बर लिखे हैं, उनमें से सभी नंबर बंद मिले। जिन डॉक्टरों का नाम हास्पिटल में लिखा हुआ है, वे भी कभी यहां आकर मरीजों का इलाज नहीं करते हैं।
सीएमओ की मानें तो जांच में सामने आया कि इस हास्पिटल में करारी क्षेत्र के सेसा गांव की रीता पत्नी लवकुश के लीवर का सोमवार को शाम चार बजे ऑपरेशन किया गया है। उसका सही इलाज नहीं किया गया। महिला की देखरेख करने वाला भी कोई नहीं मिला। सीएमओ का कहना है कि अस्पताल के अन्य अभिलेखों की जांच पड़ताल की जा रही है। इतनी खामियां मिली हैं कि अस्पताल सीज कर दिया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी अस्पतालों में छापेमारी की कार्रव ाई करने की बात भी कही है।
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बता दें कि जिले में झोलाछाप डाक्टरों के साथ प्राइवेट अस्पतालों की बाढ़ सी आ गई है। जनपद मुख्यालय मंझनपुर में ही कई ऐसे अस्पताल हैं, जहां व्यवस्था के नाम पर तो डॉक्टर तक नहीं हैं। मगर बेहतर इलाज का झांसा देकर मरीज और उनके तीमारदारों से उपचार के नाम पर जमकर उगाही हो रही है। लगातार मिल रही ऐसी ही शिकायतों पर सोमवारं की शाम सीएमओ डॉ. राजकुुमार मिश्रा ने मंझनपुर स्थित सत्यम हास्पिटल में छापेमारी की। सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की देखरेख के लिए एक भी प्रशिक्षित डॉक्टर नहीं मिला। इसके अलावा प्रशिक्षित स्टॉफ भी नहीं है। अस्पताल के पैड पर जो तीन डॉक्टरों के मोबाइल नम्बर लिखे हैं, उनमें से सभी नंबर बंद मिले। जिन डॉक्टरों का नाम हास्पिटल में लिखा हुआ है, वे भी कभी यहां आकर मरीजों का इलाज नहीं करते हैं।
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सीएमओ की मानें तो जांच में सामने आया कि इस हास्पिटल में करारी क्षेत्र के सेसा गांव की रीता पत्नी लवकुश के लीवर का सोमवार को शाम चार बजे ऑपरेशन किया गया है। उसका सही इलाज नहीं किया गया। महिला की देखरेख करने वाला भी कोई नहीं मिला। सीएमओ का कहना है कि अस्पताल के अन्य अभिलेखों की जांच पड़ताल की जा रही है। इतनी खामियां मिली हैं कि अस्पताल सीज कर दिया जाएगा। उन्होंने जिले के सभी अस्पतालों में छापेमारी की कार्रव ाई करने की बात भी कही है।
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