पुल को छेनी और कौशांबी : विधायक पल्लवी पटेल ने किया पुल का निरीक्षण, बोलीं- नहीं मिले तोड़ने के साक्ष्य
विधायक ने कहा कि पुल को छेनी और हथौड़ी से तोड़ने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसके कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन यह जरूर देखने को मिला कि प्रतापगढ़ की ओर एक हाथ तक की गहराई हो चुकी है।
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दुर्गा भाभी सेतु में आई दरार से सियासी तलवार खिंच गई है। शनिवार को पुल का जायजा लेने पहुंचीं सपा विधायक डॉ. पल्लवी पटेल ने न केवल प्रशासन के दावों, बल्कि निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। इसी के साथ उन्होंने गंभीरता से जांच कराने की मांग भी उठाई।
विधायक ने कहा कि पुल को छेनी और हथौड़ी से तोड़ने की बात कही जा रही थी, लेकिन इसके कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं, लेकिन यह जरूर देखने को मिला कि प्रतापगढ़ की ओर एक हाथ तक की गहराई हो चुकी है। इसमें लगाई गई सरिया इतनी पतली है कि उसे हाथ से भी मोड़ सकते हैं। ऐसी सरिया का इस्तेमाल तो कमरे की छत डालने में भी नहीं होता होगा।
प्रदेश के उप मुख्यमंत्री भी कह रहे हैं कि छेनी और हथौड़ी से पुल को तोड़ा गया है। पुल को तोड़ने और बम से उड़ाने का काम आतंकवादी करते हैं। ऐसे में मामला और भी गंभीर हो जाता है। मुख्यमंत्री की ओर से इसकी जांच कराई जानी चाहिए। भ्रष्टाचार में कौन-कौन शामिल हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अन्य सरकारी कार्यों की गुणवत्ता की भी वह मौके पर जाकर जांच करेंगी।
पुल की दरार होगी दुरुस्त, आज और कल के लिए रोका आवागमन
नौ महीने पहले शहजादपुर में गंगा नदी पर बने दुर्गा भाभी पुल में दरार आ गई थी। लगभग 292 करोड़ की लागत से इसका निर्माण हुआ था। काम के समय बरती गई अनियमितता के कारण पुल एक साल भी चल नहीं सका। यह खबर फैलने के बाद सेतु निगम और प्रशासनिक हलके में खलबली मच गई है। फिलहाल इस पर 20 और 21 नवंबर को आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान पुल की मरम्मत का कार्यहोगा।
शहजादपुर के पास बने पुल का उद्घाटन सूबे के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने किया था। पुल शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली थी। लगा था कि अब प्रतापगढ़ आना-जाना आसान होगा, लेकिन सेतु के निर्माण में गड़बड़ी ने उनके सपने पर पानी फेर दिया। उद्घाटन हुए एक साल भी नहीं हुआ था कि पुल को सड़क से जोड़ने वाली रैंप में दरार आ गई। इसका पता तब चला जब ओवरलोड वाहनों के आवागमन से पुल के एप्रोच की सड़क धंसी। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण की गुणवत्ता ठीक नहीं होने के कारण ऐसा हुआ। जबकि प्रशासन इसे शरारती तत्वों की हरकत बता रहा है।
प्रशासन का दावा है कि पुल की सरिया निकालने के लिए उसे छेनी और हथौड़ी से काटने का प्रयास हुआ। हालांकि, यह बात स्थानीय लोगों के गले नहीं उतर रही है। फिलहाल मरम्मत के लिए पुल से आवागमन रोक दिया गया है। जिलाधिकारी सुतीज कुमार की ओर से पुल पर दो दिन के लिए आवागमन रोकने के आदेश जारी किए गए हैं।