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कौशाम्बी को मिल सकती है लालबत्ती!
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sat, 27 Jun 2015 12:57 AM IST
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सिराथू (कौशाम्बी)। सत्तादल से जुड़े कौशाम्बी के किसी एक नेता को जल्द ही लालबत्ती से नवाजा जा सकता है। सियासी गलियारे में इसकी कानाफूसी तेज हो गई है। पार्टी हाईकमान जिले में पार्टी की स्थिति मजबूत करने की कवायद में जुटा है। इसी के चलते यहां के किसी नेता को लालबत्ती देने पर विचार-विमर्श चल रहा है।
बता दें कि वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में साइकिल सरपट दौड़ी थी। तब भी कौशाम्बी में समाजवादी पार्टी का खाता नहीं खुल सका था। जिले की तीन विधानसभा सीटों में से मंझनपुर, चायल में बसपा और सिराथू में भाजपा का परचम लहरा था। बाद में सिराथू विधानसभा के विधायक केशव प्रसाद मौर्य फूलपुर से सांसद चुने गए तो उन्होंने सिराथू सीट से त्यागपत्र दे दिया था। सूबे में सत्ता होने के कारण विधानसभा उपचुनाव में भले ही सपा उम्मीदवार वाचस्पति ने जीत दर्ज करके कौशाम्बी में पहली बार पार्टी का खाता खोला। पर, जिले में अब भी पार्टी की स्थिति खराब ही बनी है।
आलम यह है कि विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत का भी लाभ उसे मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में पार्टी हाईकमान विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर गंभीर है। कौशाम्बी में पार्टी को और मजबूत बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए चर्चा है कि जिले के किसी ऐसे शख्स को लालबत्ती देकर उसका ओहदा बढ़ाने पर भी मशविरा चल रहा है जो पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की क्षमता रखता हो। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिले को जल्द ही लालबत्ती मिलना लगभग पक्का हो गया है।
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ऐसे में कौशाम्बी के सियासी गलियारे में इसे लेकर कयास लगाया जा रहा है कि आखिर यह लालबत्ती किसे मिलने वाली है। फिलहाल स्थानीय सपाइयों का कहना है कि जिले को लालबत्ती मिलना जरूरी है। इससे यहां के कार्यकर्ताओं और संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्हें अपनी बात कहने के लिए कम से कम एक नेता तो मिल जाएगा जो उनकी समस्याआें को ऊपर तक पहुंचाकर समय से उसका निराकरण करा सकेगा।
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बता दें कि वर्ष 2012 में हुए विधानसभा चुनाव में जब पूरे प्रदेश में साइकिल सरपट दौड़ी थी। तब भी कौशाम्बी में समाजवादी पार्टी का खाता नहीं खुल सका था। जिले की तीन विधानसभा सीटों में से मंझनपुर, चायल में बसपा और सिराथू में भाजपा का परचम लहरा था। बाद में सिराथू विधानसभा के विधायक केशव प्रसाद मौर्य फूलपुर से सांसद चुने गए तो उन्होंने सिराथू सीट से त्यागपत्र दे दिया था। सूबे में सत्ता होने के कारण विधानसभा उपचुनाव में भले ही सपा उम्मीदवार वाचस्पति ने जीत दर्ज करके कौशाम्बी में पहली बार पार्टी का खाता खोला। पर, जिले में अब भी पार्टी की स्थिति खराब ही बनी है।
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आलम यह है कि विधानसभा उपचुनाव में मिली जीत का भी लाभ उसे मिलता नहीं दिख रहा है। ऐसे में पार्टी हाईकमान विधानसभा चुनाव 2017 को लेकर गंभीर है। कौशाम्बी में पार्टी को और मजबूत बनाने की कवायद तेज कर दी गई है। इसके लिए चर्चा है कि जिले के किसी ऐसे शख्स को लालबत्ती देकर उसका ओहदा बढ़ाने पर भी मशविरा चल रहा है जो पार्टी को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की क्षमता रखता हो। पार्टी सूत्रों का कहना है कि जिले को जल्द ही लालबत्ती मिलना लगभग पक्का हो गया है।
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ऐसे में कौशाम्बी के सियासी गलियारे में इसे लेकर कयास लगाया जा रहा है कि आखिर यह लालबत्ती किसे मिलने वाली है। फिलहाल स्थानीय सपाइयों का कहना है कि जिले को लालबत्ती मिलना जरूरी है। इससे यहां के कार्यकर्ताओं और संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी। उन्हें अपनी बात कहने के लिए कम से कम एक नेता तो मिल जाएगा जो उनकी समस्याआें को ऊपर तक पहुंचाकर समय से उसका निराकरण करा सकेगा।