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अफसरों की उदासीनता से संस्थाएं लापरवाह
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:46 AM IST
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कम्प्यूटर
- फोटो : amar ujala
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पिछड़े तबके के युवकों को कम्प्यूटर का प्रशिक्षण देने में लापरवाही बरती जा रही है। केवल कागजी कोरम पूरा किया जा रहा है। इसके चलते प्रशिक्षण लेने वाले छात्र परीक्षाओं में फेल हो रहे हैं। ऐसी रिपोर्ट देखकर उपनिदेशक ने प्रशिक्षण देने वाली संस्थाओं से रिपोर्ट मांगी है।
पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से पिछले साल 59 पिछड़ी जाति वर्ग के इंटर पास युवकों का ओ-लेवल का कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने के लिए चयन किया गया था। इन युवकों को प्रशिक्षण देने के लिए दो संस्थाएं चयनित हुई थीं। प्रशिक्षण में संस्थाओं की ओर से घोर लापरवाही बरती गई। नियमित युवाओं को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। इसका परिणाम यह रहा अधिकांश प्रशिक्षणार्थी परीक्षा में फेल हो गए। वहीं, कुछ आए ही नहीं।
इससे युवक रोजगार पाने से वंचित हैं। इस साल भी 59 युवाओं के चयन का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल की रिपोर्ट की उपनिदेशक अजीत प्रजाप सिंह ने समीक्षा की तो इस लापरवाही का खुलासा हुआ। यह भी पता चला कि लगातार उन्हीं संस्थाओं को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी दी जा रही है जो गुणवत्ताविहीन प्रशिक्षण दे रही हैं। इन संस्थाओं के बारे में उपनिदेशक ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
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इस साल 59 युवाओं के चयन का लक्ष्य मिला है। इनको प्रशिक्षण देने के लिए तीन संस्थाओं ने आवेदन किया है। संस्थाओं का चयन मूल्यांकन करने के बाद ही किया जाता है। उपनिदेशक ने जो सूचनाएं मांगी है, वह जल्द ही भेज दी जाएंगी।
अजय कुमार सिंह
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी
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पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से पिछले साल 59 पिछड़ी जाति वर्ग के इंटर पास युवकों का ओ-लेवल का कम्प्यूटर प्रशिक्षण देने के लिए चयन किया गया था। इन युवकों को प्रशिक्षण देने के लिए दो संस्थाएं चयनित हुई थीं। प्रशिक्षण में संस्थाओं की ओर से घोर लापरवाही बरती गई। नियमित युवाओं को प्रशिक्षण नहीं दिया गया। इसका परिणाम यह रहा अधिकांश प्रशिक्षणार्थी परीक्षा में फेल हो गए। वहीं, कुछ आए ही नहीं।
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इससे युवक रोजगार पाने से वंचित हैं। इस साल भी 59 युवाओं के चयन का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल की रिपोर्ट की उपनिदेशक अजीत प्रजाप सिंह ने समीक्षा की तो इस लापरवाही का खुलासा हुआ। यह भी पता चला कि लगातार उन्हीं संस्थाओं को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी भी दी जा रही है जो गुणवत्ताविहीन प्रशिक्षण दे रही हैं। इन संस्थाओं के बारे में उपनिदेशक ने जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी से रिपोर्ट मांगी है।
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इस साल 59 युवाओं के चयन का लक्ष्य मिला है। इनको प्रशिक्षण देने के लिए तीन संस्थाओं ने आवेदन किया है। संस्थाओं का चयन मूल्यांकन करने के बाद ही किया जाता है। उपनिदेशक ने जो सूचनाएं मांगी है, वह जल्द ही भेज दी जाएंगी।
अजय कुमार सिंह
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी