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अघोषित बिजली कटौती से आक्रोश
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अघोषित बिजली कटौती से आक्रोश, प्रदर्शन की चेतावनी
बच्चों की पढ़ाई और कुटीर उद्योगों पर पड़ रहा विपरीत असर
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल। इलाके में अघोषित बिजली कटौती से समस्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों को हो रही है। लोगों ने बिजली कटौती बंद नहीं होने पर मंगलवार को उपकेंद्र का घेराव और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सरायअकिल क्षेत्र में रोस्टर शाम साढ़े पांच बजे से सुबह साढ़े नौ बजे का है। जबकि दिन में दोपहर साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक है। कस्बाइयों और ग्रामीणों का कहना है कि रोस्टर के हिसाब से विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। अघोषित बिजली कटौती से लोगों में आक्रोश है। दिन तो किसी तरह कट जाता है। रात करवट बदलते हुए बीतती है। इससे लेागों की दिनचर्या पर विपरीत असर पड़ रहा है। अनिद्रा जैसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और कुटीर उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। इस वक्त धान की खेती का समय है। बरसात हो नहीं रही है। बिजनी नहीं रहने से सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। लिहाजा धान की रोपाई भी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि एक्सईएन को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चिरारी गांव के किसान शिवमोहन सिंह, रतिपाल सिंह, सरायअकिल कस्बा के अनिल केसरवानी, गोपाल रस्तोगी, बसुहार के संगमलाल मिश्र, राजेस्वर सिंह, भगवानपुर बहुंगरा के नत्थूलाल यादव, बड़ेलाल कुशवाहा आदि का कहना है कि बिजली का बिल देने के बाद भी विभाग अनदेखी कर रहा है। कटौती नहीं बंद हुई तो मंगलवार को उपकेंद्र का घेराव करने के साथ ही धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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बच्चों की पढ़ाई और कुटीर उद्योगों पर पड़ रहा विपरीत असर
अमर उजाला ब्यूरो
सरायअकिल। इलाके में अघोषित बिजली कटौती से समस्या बढ़ गई है। सबसे ज्यादा दिक्कत किसानों को हो रही है। लोगों ने बिजली कटौती बंद नहीं होने पर मंगलवार को उपकेंद्र का घेराव और धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
सरायअकिल क्षेत्र में रोस्टर शाम साढ़े पांच बजे से सुबह साढ़े नौ बजे का है। जबकि दिन में दोपहर साढ़े 12 बजे से ढाई बजे तक है। कस्बाइयों और ग्रामीणों का कहना है कि रोस्टर के हिसाब से विद्युत आपूर्ति नहीं की जा रही है। बिजली के आने-जाने का कोई समय नहीं है। अघोषित बिजली कटौती से लोगों में आक्रोश है। दिन तो किसी तरह कट जाता है। रात करवट बदलते हुए बीतती है। इससे लेागों की दिनचर्या पर विपरीत असर पड़ रहा है। अनिद्रा जैसी बीमारी का शिकार हो रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और कुटीर उद्योग भी प्रभावित हो रहे हैं। इस वक्त धान की खेती का समय है। बरसात हो नहीं रही है। बिजनी नहीं रहने से सिंचाई भी नहीं हो पा रही है। लिहाजा धान की रोपाई भी नहीं हो पा रही है। लोगों का कहना है कि एक्सईएन को भी समस्या से अवगत कराया गया है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है। चिरारी गांव के किसान शिवमोहन सिंह, रतिपाल सिंह, सरायअकिल कस्बा के अनिल केसरवानी, गोपाल रस्तोगी, बसुहार के संगमलाल मिश्र, राजेस्वर सिंह, भगवानपुर बहुंगरा के नत्थूलाल यादव, बड़ेलाल कुशवाहा आदि का कहना है कि बिजली का बिल देने के बाद भी विभाग अनदेखी कर रहा है। कटौती नहीं बंद हुई तो मंगलवार को उपकेंद्र का घेराव करने के साथ ही धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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