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शासन ने तलब की किसान रामबाबू की मौत की रिपोर्ट

Sun, 18 Jun 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Sun, 18 Jun 2017 01:14 AM IST
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government report
कौशाम्बी
किसान रामबाबू की मौत का मामला सुर्खियों में छाया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में बीजेपी को घेरने के लिए चक बख्तियारा गांव में जनसंवाद कार्यक्रम का ऐलान कर दिया है। इसकी जानकारी होते ही शासन ने किसान रामबाबू की आत्महत्या से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन से तलब की है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले में गांव की नजर बनाएं रखें।
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   मंगलवार की रात चक बख्तियारा गांव के किसान रामबाबू ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। बुधवार को गांव के बाहर उसका शव आम की बाग में पेड़ पर लटकता मिला था। पोस्टमार्टम के बाद पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए राजनीतिक दलों के नेता पहुंचने लगे अधिकारियों की नींद टूटी। सपा युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव के अलावा बसपा और कांग्रेस के पदाधिकारी भी चक बख्तियारा गांव पहुंचे।
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पीड़ित परिवार को सांत्वना देकर आंदोलन करने का ऐलान किया। साथ ही यह भी कहा कि यह मामला प्रदेश स्तर पर वह उठाएंगे। नेताओं यही किया भी। किसान रामबाबू की मौत पूरे प्रदेश में छायी हुई है। नेताओं ने इस प्रकरण को हवा देकर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर 21 जून को चक बख्तियारा गांव आ रहे हैं। वह यहां जनसंवाद करेंगे। इसकी जानकारी होते ही शासन ने जिला प्रशासन से रामबाबू की मौत की रिपोर्ट तलब की। किसान रामबाबू से संबंधित एक-एक जानकारी मांगी गई है।
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यह भी पूछा गया है कि उसने कितने बैंकों से लोन लिया था, कितनी खेती थी। कितनी फसल का उसको नुकसान हुआ था। इसके अलावा प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा मिला था, या नहीं, इसका भी ब्यौरा तलब किया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। इसके बावजूद गांव की गतिविधियों पर एलआईयू व स्थानीय पुलिस की निगाह गड़ी है।


कर्जदारों को नोटिस न देने के लिए किया गया अलर्ट
कर्ज में डूबे किसान रामबाबू ने फांसी लगाकर जान दी थी। रामबाबू की मौत के बाद से प्रशासन बैकफुट पर आ गया है। राजनीतिक दलों व किसान संगठनों के निशाने पर प्रशासन व सरकार है। इसको देखते हुए अधिकारियों ने बैंकर्स को सावधान करते हुए चेतावनी दी है कि वह कर्जदारों को किसी भी कीमत पर नोटिस नहीं जारी करेंगे। यदि उन्होंने नोटिस जारी की तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की चेतावनी के बाद से बैंकर्स सतर्क हो गए हैं।
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