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कालाबाजारी में दागदार हो सकते हैं अफसरों के दामन
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Wed, 08 Jun 2016 11:56 PM IST
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क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में लूट-खसोट करने वाले कई अफसरों के दामन दागदार हो सकते हैं। अफसरों ने खुद को बचाने के लिए वसूली करने वाले करीबी से दूरी बना ली है। ऐसे में अब अफसरों का करीबी शख्स बगावत की तैयारी में है। चर्चाओं पर जाएं तो अगर जल्द मामला नहीं संभला तो अफसरों का करीबी शख्स उनके गले की हड्डी बन सकता है। हालांकि अफसर उसकी मान मनौव्वल में लगे हैं।
क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली भ्रष्टाचारियों के लिए वरदान साबित हो रही है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद से भ्रष्टाचारियों की बांछें खिल गई हैं। वे गरीबों के नाम आने वाले सरकारी सस्ते अनाज की योजना बद्ध तरीके से कमीशन खोरी के बल पर कालाबाजारी करवाने में लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि विपणन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ इतनी अधिक गहरी हो गई है कि उसे उखाड़ना आसान नहीं है। अमर उजाला जनहित में अभियान चलाकर खबर के माध्यम से भ्रष्टाचारियों की पोल खोल रहा है। आश्चर्य इस बात का है कि क्षेत्र के एक अधिकारी को छोड़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को ठीक करने के लिए कोई अफसर ईमानदारी से पहल नहीं कर रहा है। जिम्मेदार पद पर बैठे लोग भी सब कुछ जानने के बाद भी जानबूझ कर अनजान बने रहते हैं।
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क्षेत्र की सार्वजनिक वितरण प्रणाली भ्रष्टाचारियों के लिए वरदान साबित हो रही है। खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद से भ्रष्टाचारियों की बांछें खिल गई हैं। वे गरीबों के नाम आने वाले सरकारी सस्ते अनाज की योजना बद्ध तरीके से कमीशन खोरी के बल पर कालाबाजारी करवाने में लगे हैं। सूत्रों का कहना है कि विपणन विभाग में भ्रष्टाचार की जड़ इतनी अधिक गहरी हो गई है कि उसे उखाड़ना आसान नहीं है। अमर उजाला जनहित में अभियान चलाकर खबर के माध्यम से भ्रष्टाचारियों की पोल खोल रहा है। आश्चर्य इस बात का है कि क्षेत्र के एक अधिकारी को छोड़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली को ठीक करने के लिए कोई अफसर ईमानदारी से पहल नहीं कर रहा है। जिम्मेदार पद पर बैठे लोग भी सब कुछ जानने के बाद भी जानबूझ कर अनजान बने रहते हैं।
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