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लापरवाही छीन सकती है आंखों की रोशनी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:40 AM IST
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संभलें! थोड़ी सी लापरवाही से आपकी आंखों की रोशनी जा सकती है। मौसम के उतार-चढ़ाव से आंखों की संक्रामक बीमारी फैलने लगी है। लोग आंखों के लाल होने, पुतली में घाव आदि से परेशान हैं। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा यह बीमारी बच्चों के साथ युवाओं में देखने को मिल रही है।
मौसम के बदलते मिजाज और वातावरण में फैल रहा प्रदूषण सबसे ज्यादा दिक्कत आंखों में कर रहा है। आंखों की संक्रामक बीमारी भी फैलनी शुरू हो गई है। रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही 10 से 15 आंख के रोगी आ रहे हैं। बुधवार को मोनी देवी (25), सूरज कली (25), राम प्रकाश (18), सुशीला देवी (40), सुमित्रा देवी (45), मनोरमा देवी (50) और गरीबदास (60) आदि इलाज के लिए अस्पताल गए थे। इनके घरवालों की मानें तो यह लोग सप्ताहभर से आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं।
इसी तरह से अन्य सीएचसी, पीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में भी रोगियों की ऐसी ही भीड़ देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. एसके यादव का कहना है कि इस समय जो भी आंखों के बीमार आ रहे हैं। उनकी आंखों की लालिमा और पुतली में घाव है। बताया कि आंखों में हल्की सी लालिमा आते ही नेत्र चिकित्सक को दिखाना जरूरी है। कहा कि आंखों में लालपन आने से अल्सर या फिर पुतली में घाव होना संभव है।
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वहीं उन्होंने लोगों से आंख को नियमित ठंडे पानी से धोने की सलाह दी। कहा कि आंखें शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक हैं। इनके प्रति बरती गई जरा सी लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। नेत्र विशेषज्ञ के परामर्श के दुकान से खरीदकर कोई भी ड्राप आंख में डालने से भी बचने की सलाह लोगों को दी है।
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मौसम के बदलते मिजाज और वातावरण में फैल रहा प्रदूषण सबसे ज्यादा दिक्कत आंखों में कर रहा है। आंखों की संक्रामक बीमारी भी फैलनी शुरू हो गई है। रोजाना अकेले जिला अस्पताल में ही 10 से 15 आंख के रोगी आ रहे हैं। बुधवार को मोनी देवी (25), सूरज कली (25), राम प्रकाश (18), सुशीला देवी (40), सुमित्रा देवी (45), मनोरमा देवी (50) और गरीबदास (60) आदि इलाज के लिए अस्पताल गए थे। इनके घरवालों की मानें तो यह लोग सप्ताहभर से आंखों की बीमारी से पीड़ित हैं।
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इसी तरह से अन्य सीएचसी, पीएचसी और प्राइवेट अस्पतालों में भी रोगियों की ऐसी ही भीड़ देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल के नेत्र सर्जन डा. एसके यादव का कहना है कि इस समय जो भी आंखों के बीमार आ रहे हैं। उनकी आंखों की लालिमा और पुतली में घाव है। बताया कि आंखों में हल्की सी लालिमा आते ही नेत्र चिकित्सक को दिखाना जरूरी है। कहा कि आंखों में लालपन आने से अल्सर या फिर पुतली में घाव होना संभव है।
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वहीं उन्होंने लोगों से आंख को नियमित ठंडे पानी से धोने की सलाह दी। कहा कि आंखें शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों में से एक हैं। इनके प्रति बरती गई जरा सी लापरवाही जिंदगी भर का दर्द दे सकती है। नेत्र विशेषज्ञ के परामर्श के दुकान से खरीदकर कोई भी ड्राप आंख में डालने से भी बचने की सलाह लोगों को दी है।