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इमरजेंसी में ताला लटका नदारद रहे चिकित्सक
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Fri, 26 Dec 2014 12:25 AM IST
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कड़ा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में बृहस्पतिवार को इमरजेंसी सेवा बंद थी। अस्पताल में ताला लटक रहा था। इलाज के लिए सैकड़ों मरीज डॉक्टरों के आने का इंतजार कर रहे थे। दिन भर चिकित्सकों की राह देखने के बाद मरीजों को बैरंग घर वापस लौटना पड़ा। आरोप है कि अस्पताल में ड्यूटी से अक्सर डॉक्टर नदारद रहते हैं। ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्साधिकारी से शिकायत की। सीएमओ ने जांच करके कार्रवाई करने का आश्वासन दिलाया है।
दोआबा की अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बेपटरी हो चुकी है। ज्यादातर अस्पतालों में चिकित्सक इमरजेंसी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में सामने आया है। क्षेत्र के गड़रियापुर के रहने वाले भूरेलाल, भवानी का पुरवा के मनोज कुमार, कोरियों के शिवम, भैरावा के आशीष कुमार, जोरावरपुर की प्रीती, गिरधरपुरगढ़ी की नूरजहां, थुलगुला की भानमती देवी, मनीषा देवी, शीतलाधाम के भोलानाथ, सौरईबुजुर्ग के राजाराम, बरूआ की शिवरत्ती, कोरियों की गुड़िया देवी आदि का कहना है कि बृहस्पतिवार को वे इलाज के लिए अस्पताल गए थे। इस दौरान अस्पताल में ताला बंद था।
चिकित्सक और कर्मचारी नदारद थे। इलाज के लिए मरीज गेट के बाहर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। दिनभर इंतजार करने के बाद मरीजों को इलाज के बिना वापस लौटना पड़ा। आरोप है कि अस्पताल से अक्सर चिकित्सक नदारद रहते हैं। इससे लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की। सीएमओ ने जांच करके कार्रवाई का आश्वासन दिलाया है। इस सदंर्भ मे सीएमओ राजकुमार मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिली है। मामले की वह खुद जांच करेंगे। लापरवाही करने वाले चिकित्सकों को बख्शा नहीं जाएगा।
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दोआबा की अस्पतालों में इमरजेंसी सेवा बेपटरी हो चुकी है। ज्यादातर अस्पतालों में चिकित्सक इमरजेंसी ड्यूटी से नदारद रहते हैं। ऐसा ही मामला बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कड़ा में सामने आया है। क्षेत्र के गड़रियापुर के रहने वाले भूरेलाल, भवानी का पुरवा के मनोज कुमार, कोरियों के शिवम, भैरावा के आशीष कुमार, जोरावरपुर की प्रीती, गिरधरपुरगढ़ी की नूरजहां, थुलगुला की भानमती देवी, मनीषा देवी, शीतलाधाम के भोलानाथ, सौरईबुजुर्ग के राजाराम, बरूआ की शिवरत्ती, कोरियों की गुड़िया देवी आदि का कहना है कि बृहस्पतिवार को वे इलाज के लिए अस्पताल गए थे। इस दौरान अस्पताल में ताला बंद था।
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चिकित्सक और कर्मचारी नदारद थे। इलाज के लिए मरीज गेट के बाहर डॉक्टरों का इंतजार कर रहे थे। दिनभर इंतजार करने के बाद मरीजों को इलाज के बिना वापस लौटना पड़ा। आरोप है कि अस्पताल से अक्सर चिकित्सक नदारद रहते हैं। इससे लोगों को इलाज के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिकायत की। सीएमओ ने जांच करके कार्रवाई का आश्वासन दिलाया है। इस सदंर्भ मे सीएमओ राजकुमार मिश्रा का कहना है कि शिकायत मिली है। मामले की वह खुद जांच करेंगे। लापरवाही करने वाले चिकित्सकों को बख्शा नहीं जाएगा।
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