फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   doaba dark zone

दोआबा को डार्क जोन से उबारने की कवायद शुरू

Fri, 15 Jul 2016 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Fri, 15 Jul 2016 12:51 AM IST
विज्ञापन
दोआबा को डार्क जोन से उबारने के लिए डीएम ने कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत हैंडपंपों के पास शो पिट, शौचालयों के पास सोख्ता गड्ढा, तालाबों और सरकारी भवनों के वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को प्राथमिकता पर रखा गया है। इन संसाधनों के माध्यम से वर्षा जल संचयन प्रक्रिया के सहारे दोआबा को डार्क जोन से उबारा जाएगा। इसके लिए मातहतों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विज्ञापन


अंधाधुंध जलादोहन और गहरी होती जा रही नदियों की तलहटी के चलते दोआबा के छह ब्लॉक डार्क जोन में चले गए हैं। चार साल पहले डार्क जोन की घोषणा के बाद शासन द्वारा इसे सामान्य श्रेणी में लाने की कवायद की थी। इसके अंतर्गत जिले में बनने वाले सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाने की कवायद की गई थी। इसके अलावा लगवाए जाने वाले हैंडपंपों के बगल में शो पिट बनवाए जाने का फरमान जारी किया गया था। इसे कड़ाई से लागू करने के लिए तत्कालीन डीएम अतुल कुमार गुप्ता ने निर्देश जारी किया था। डीएम का फरमान जारी होने के बाद कवायद को बल मिलना शुरू हुआ।
विज्ञापन


कई प्राथमिक विद्यालय के भवनों, विकास भवन में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाया गया। तत्कालीन सीडीओ रहे एसके पांडेय ने लगवाए जाने वाले हैंडपंपों के बगल शो पिट बनवाने का फरमान मातहतों को जारी किया था। इतना ही नहीं उन्होंने आठाें ब्लॉकों के बीडीओ को पत्र लिखकर निर्देशित किया था। आदेश को अमल में लाए जाने के लिए विकास भवन समेत कई सरकारी भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाया गया और हैंडपंपों के बगल शो पिट भी बनवाए गए लेकिन संबंधित अफसरों का स्थानांतरण होने के बाद शासन की यह पहल भी हवा हवाई बनकर रह गई। इसके बाद जिले में कई अफसर आए और गए पर किसी ने शासन की पहल को जारी नहीं रखा।
विज्ञापन
विज्ञापन


विकास भवन समेत सरकारी भवनों में लगे वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और हैंडपंपों के शो पिट खराब हो गए। इससे दोआबा में भूगर्भ जल स्तर और गहराता गया। पिछले साल सूखा पड़ने की वजह से स्थिति और भयावह हो गई। इधर बीच डीएम अखंड प्रताप सिंह ने इसे संजीदगी से लिया। उन्होंने खराब पड़े वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का पुनरुद्धार कराते हुए तत्काल चालू कराने का फरमान जारी किया। इसके अलावा गांवों में लगे सभी नए-पुराने हैंडपंपों के ठीक बगल शो पिट बनवाने का निर्देश दिया है। डीएम के निर्देश के बाद मातहत इसे अमल में लाने की तैयारी में जुट गए हैं।

तालाबों से हटाया जा रहा अतिक्रमण
दोआबा में तालाबों की संख्या हजारों में है। एक-एक गांव में पांच से लेकर 25 तालाब हैं लेकिन अतिक्रमण के चलते तालाबों की शिनाख्त मिटती जा रही है। ऐसे में बारिश का पानी संचित होने की जगह नदियों के सहारे बह जाता है लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। डीएम अखंड प्रताप सिंह ने अतिक्रमण का शिकार हो चुके तालाबों को प्राथमिकता पर रखा है। अब तक 50 से अधिक तालाबों का अतिक्रमण डीएम के निर्देश पर तीनों तहसीलों के एसडीएम ने हटवाने का काम किया है। इनमें से कई तालाबों की खोदाई भी कराई जा चुकी है। इससे वर्षा जल संचयन को काफी बल मिल रहा है। डीएम की मानें तो आगे भी तालाबों से अतिक्रमण हटाकर उनकी खोदाई कराने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी।

डीएम ने तलब की वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की रिपोर्ट
 जिले के छह ब्लॉकों के डार्क जोन में जाने के बाद शासन के निर्देश पर सरकारी भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनवाए गए थे। इनकी संख्या कितनी है और देखरेख के अभाव में कितने काम नहीं कर रहे। इसकी रिपोर्ट डीएम ने मातहतों से तलब की है। रिपोर्ट मिलने के बाद इनकी मरम्मत कराकर वर्षा का जल सीधे भूगर्भ में ले जाने की कवायद शुरू करा दी जाएगी।


दोआबा में भूगर्भ जल स्तर की स्थिति दयनीय है। आठ में छह ब्लॉक डार्क जोन में हैं। इस बावत शासन गंभीर है। डार्क जोन से उबारने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर मातहतों को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही भूगर्भ जल स्तर में सुधार शुरू हो जाएगा।
अखंड प्रताप सिंह, डीएम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed