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अवैध कब्जा हटवाने गए थे या करवाने?
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Tue, 20 Sep 2016 12:33 AM IST
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एसडीएम चायल! नायब तहसीलदार अवैध कब्जा हटवाने गए थे या करवाने। मेरे आदेश के बाद भी ऐसा करेंगे तो कितने दिन नायब रहेंगे। आप देख लोगे या फिर मुझे आना पड़ेगा। तालाब से अतिक्रमण न हटाए जाने की खबर पर तल्ख हुए डीएम ने कुछ इस अंदाज में एसडीएम चायल को नसीहत दी। डीएम के तल्ख तेवर से चायल तहसील प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
चायल तहसील के रोही निवासी रामकुमार ने 12 सितंबर को डीएम अखंड प्रताप सिंह से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि गांव के महफूज द्वारा सड़क किनारे स्थित एक भूमि खरीदी गई थी। उस भूमि की आड़ में वह बगल स्थित तालाब को ट्रैक्टर और जेसीबी लगाकर पाटते हुए अपने कब्जे में कर रहा है। डीएम ने मामले में एसडीएम चायल अश्वनी कुमार को निर्देशित किया। एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने पहले तो काम रुकवा दिया।
बाद में शिकायतकर्ता को धमकी दी कि दोबारा शिकायत करने गए तो जेल भेज दूंगा। इससे शिकायतकर्ता सहम गया। उधर नायब तहसीलदार के लौटते ही आरोपी ने पुन: ट्रैक्टर और जेसीबी लगा दिया। सोमवार को पाटे गए तालाब के सभी एंगल के फोटो लेकर शिकायतकर्ता डीएम से मिला। उसने नायब तहसीलदार, स्थानीय पुलिस की भूमिका का बयान करते हुए तालाब की तस्वीर डीएम को दिखाई। आदेश के बाद तालाब की भूमि पर कब्जा होने की बात डीएम को हजम नहीं हुई और उनके तेवर तल्ख हो गए।
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उन्होंने एसडीएम चायल को फोन लगाकर अवैध कब्जे के बावत पूछते हुए कहा कि नायब तहसीलदार अवैध कब्जा हटवाने गए थे या करवाने। मैने कब्जा हटवाने के बाद फोटो मांगा था वह भी नहीं भेजा। यदि ऐसा करेंगे तो कितने दिन नायब के पद पर रहेंगे। अवैध कब्जे को हटवाने के लिए क्या मुझे स्वयं आना पड़ेगा। डीएम के तल्ख तेवर देख एसडीएम ने मामले में मौके पर जाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
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चायल तहसील के रोही निवासी रामकुमार ने 12 सितंबर को डीएम अखंड प्रताप सिंह से शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि गांव के महफूज द्वारा सड़क किनारे स्थित एक भूमि खरीदी गई थी। उस भूमि की आड़ में वह बगल स्थित तालाब को ट्रैक्टर और जेसीबी लगाकर पाटते हुए अपने कब्जे में कर रहा है। डीएम ने मामले में एसडीएम चायल अश्वनी कुमार को निर्देशित किया। एसडीएम के निर्देश पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने पहले तो काम रुकवा दिया।
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बाद में शिकायतकर्ता को धमकी दी कि दोबारा शिकायत करने गए तो जेल भेज दूंगा। इससे शिकायतकर्ता सहम गया। उधर नायब तहसीलदार के लौटते ही आरोपी ने पुन: ट्रैक्टर और जेसीबी लगा दिया। सोमवार को पाटे गए तालाब के सभी एंगल के फोटो लेकर शिकायतकर्ता डीएम से मिला। उसने नायब तहसीलदार, स्थानीय पुलिस की भूमिका का बयान करते हुए तालाब की तस्वीर डीएम को दिखाई। आदेश के बाद तालाब की भूमि पर कब्जा होने की बात डीएम को हजम नहीं हुई और उनके तेवर तल्ख हो गए।
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उन्होंने एसडीएम चायल को फोन लगाकर अवैध कब्जे के बावत पूछते हुए कहा कि नायब तहसीलदार अवैध कब्जा हटवाने गए थे या करवाने। मैने कब्जा हटवाने के बाद फोटो मांगा था वह भी नहीं भेजा। यदि ऐसा करेंगे तो कितने दिन नायब के पद पर रहेंगे। अवैध कब्जे को हटवाने के लिए क्या मुझे स्वयं आना पड़ेगा। डीएम के तल्ख तेवर देख एसडीएम ने मामले में मौके पर जाकर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।