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वसंत पंचमी पर लगाई पुण्य की डुबकी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
Updated Sun, 25 Jan 2015 12:34 AM IST
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मंझनपुर/कड़ा (ब्यूरो)। वसंत पंचमी पर्व पर शनिवार को कौशाम्बी के कड़ा समेत विभिन्न गंगाघाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। गुनगुनी धूप के बीच स्नान कर स्नानार्थियों ने घाटों दान-पुण्य भी किया।
धर्मशास्त्रों के मुताबिक माघ महीना गंगास्नान को समर्पित होता है। इस महीने पूर्णिमा, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी मुख्य स्नान पर्व है। शनिवार को वसंत पंचमी पर्व था। मौनी अमावस्या पर कड़ाके की ठंड के कारण जहां लोगों ने शीतलहर और गलन में ठिठुरते हुए डुबकी लगाई थी। वहीं वसंत पंचमी पर मौसम खुशगवार रहा। सुबह से ही धूप छिटकी थी। गुनगुनी धूप के बीच सुबह से ही कौशाम्बी के कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपनि, फतेहपुर आदि गंगाघाटों पर स्नानार्थियों का रेला हर-हर गंगे करते हुए पहुंचने लगा।
दिनभर लोगों ने गंगा के विभिन्न घाटों में डुबकी लगाकर मां गंगे से सुख-संपन्नता का आशीष लिया। वहीं पंडों को भी दान-दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। इस दौरान सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा के कुबरी घाट में देखने को मिली। जहां कौशाम्बी के अलावा आसपास के अन्य जिलों से भी स्नानार्थी पहुंचे थे। डुबकी लगाने के बाद लोगों ने मां शीतला के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
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वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा का भी त्यौहार है। स्कूलों में भी शनिवार को ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए गए। भरवारी स्थित वाणी सनराइज स्कूल में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने विधि-विधान से वीणावादिनी को पूजा। इस कार्यक्रम के बाद स्कूली बच्चों ने संदीपनि घाट पहुंचकर वहां के मंदिरों की भी साफ सफाई की। साथ ही आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया। इस मौके पर स्कूल की प्रबंधिका ज्योति केसरवानी, भरवारी के सभासद अभिजीत केसरवानी, प्रधान हरिशंकर के साथ शिक्षिका श्रुति, ऐश्ली, हर्ष सागर, हर्षित, शीर्ष, शिखर, ऐनी आदि मौजूद रहे।
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धर्मशास्त्रों के मुताबिक माघ महीना गंगास्नान को समर्पित होता है। इस महीने पूर्णिमा, मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी मुख्य स्नान पर्व है। शनिवार को वसंत पंचमी पर्व था। मौनी अमावस्या पर कड़ाके की ठंड के कारण जहां लोगों ने शीतलहर और गलन में ठिठुरते हुए डुबकी लगाई थी। वहीं वसंत पंचमी पर मौसम खुशगवार रहा। सुबह से ही धूप छिटकी थी। गुनगुनी धूप के बीच सुबह से ही कौशाम्बी के कड़ा, कुबरी, कालेश्वर, शहजादपुर, संदीपनि, फतेहपुर आदि गंगाघाटों पर स्नानार्थियों का रेला हर-हर गंगे करते हुए पहुंचने लगा।
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दिनभर लोगों ने गंगा के विभिन्न घाटों में डुबकी लगाकर मां गंगे से सुख-संपन्नता का आशीष लिया। वहीं पंडों को भी दान-दक्षिणा देकर पुण्य कमाया। इस दौरान सबसे ज्यादा भीड़ कड़ा के कुबरी घाट में देखने को मिली। जहां कौशाम्बी के अलावा आसपास के अन्य जिलों से भी स्नानार्थी पहुंचे थे। डुबकी लगाने के बाद लोगों ने मां शीतला के दरबार में भी हाजिरी लगाई।
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वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा का भी त्यौहार है। स्कूलों में भी शनिवार को ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा के कार्यक्रम आयोजित किए गए। भरवारी स्थित वाणी सनराइज स्कूल में नन्हें-मुन्ने बच्चों ने विधि-विधान से वीणावादिनी को पूजा। इस कार्यक्रम के बाद स्कूली बच्चों ने संदीपनि घाट पहुंचकर वहां के मंदिरों की भी साफ सफाई की। साथ ही आमजन को स्वच्छता का संदेश दिया। इस मौके पर स्कूल की प्रबंधिका ज्योति केसरवानी, भरवारी के सभासद अभिजीत केसरवानी, प्रधान हरिशंकर के साथ शिक्षिका श्रुति, ऐश्ली, हर्ष सागर, हर्षित, शीर्ष, शिखर, ऐनी आदि मौजूद रहे।