{"_id":"5cb385ffbdec22140c42d198","slug":"devar-bhabhi-jumped-in-front-of-the-train","type":"story","status":"publish","title_hn":"देवर-भाभी ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
देवर-भाभी ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान
Mon, 15 Apr 2019 12:59 AM IST
shailendra Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Published by: shailendra Kumar
Updated Mon, 15 Apr 2019 12:59 AM IST
विज्ञापन
डेमो
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टेंढ़ीमोड़ (कौशाम्बी)। बिदनपुर रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेल मार्ग पर रविवार दोपहर देवर-भाभी ने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। पुलिस की मानें तो दोनों के बीच प्रेम संबंध था और परिवारवालों को यह मंजूर नहीं था। इसी वजह से दोनों ने आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर पुलिस छानबीन में जुटी है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के निधियावां गांव का अरुण कुमार (20) पुत्र रज्जू पाल कानपुर स्थित एक पेठा फैक्ट्री में काम करता था। वह दो दिन पहले कानपुर से घर आया था। रविवार दोपहर करीब एक बजे वह चचेरे भाई सुग्गीलाल की पत्नी सन्नो देवी (35) के साथ बिदनपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। कुछ देर बाद दोनों रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गए और कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन के सामने छलांग लगा दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस के साथ ही परिजन भी पहुंच गए। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। हालांकि परिवारवाले इसका विरोध करते थे। यह भी पता चला है कि दोनों के मिलने-जुलने पर पहरा लगा दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार का कहना हैकि प्रेम संबंधों के चलते दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी की है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में घरवालों ने बताया है कि सन्नो व अरुण की उम्र में भी बहुत फासला था। फिर सन्नो पहले से शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे भी थे। अरुण अभी 20 साल का था जबकि सन्नो तकरीबन 35 साल की थी। दोनों के रिश्तों को लेकर कई बार उनके परिवारों के बीच पंचायत भी हुई। चर्चा इस बात की भी है कि महीने भर पहले सन्नो के घर में अरुण के पकड़े जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ था। सूचना पर पहंची पुलिस ने अरुण का चालान भी किया था। इसके बाद ही परिजनों ने अरुण को कानपुर भेज दिया। उधर, सन्नो अपने मायके परसरा (करारी) चली गई। दो दिन पहले अरुण घर आया तो परसरा जाकर सन्नो से मिला। वहीं दोनों के बीच बातचीत हुई और फिर रविवार दोपहर उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जान देेने से पहले दोनों करीब दो घंटे तक ट्रैक के किनारे बैठे रहे।
विज्ञापन
सन्नो की मौत से उसके बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। निधियावां गांव की सन्नो का पति सुग्गीलाल आंध्र प्रदेश में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। वह आठ महीने पहले वहां गया है। बड़ी बेटी साक्षी (9), मीनाक्षी (6) और इकलौता बेटा अनिकेत चार बरस का है। मां की मौत पर तीनों बच्चे उसकी लाश से लिपटकर रोते रहे। उनकी हालत देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें डबडबा उठी।
विज्ञापन
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के निधियावां गांव का अरुण कुमार (20) पुत्र रज्जू पाल कानपुर स्थित एक पेठा फैक्ट्री में काम करता था। वह दो दिन पहले कानपुर से घर आया था। रविवार दोपहर करीब एक बजे वह चचेरे भाई सुग्गीलाल की पत्नी सन्नो देवी (35) के साथ बिदनपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचा। कुछ देर बाद दोनों रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गए और कानपुर से प्रयागराज की ओर जा रही ट्रेन के सामने छलांग लगा दी जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर पुलिस के साथ ही परिजन भी पहुंच गए। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में यह बात सामने आई है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। हालांकि परिवारवाले इसका विरोध करते थे। यह भी पता चला है कि दोनों के मिलने-जुलने पर पहरा लगा दिया गया था। अपर पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार का कहना हैकि प्रेम संबंधों के चलते दोनों ने ट्रेन के सामने कूदकर खुदकुशी की है।
विज्ञापन
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में घरवालों ने बताया है कि सन्नो व अरुण की उम्र में भी बहुत फासला था। फिर सन्नो पहले से शादीशुदा थी और उसके तीन बच्चे भी थे। अरुण अभी 20 साल का था जबकि सन्नो तकरीबन 35 साल की थी। दोनों के रिश्तों को लेकर कई बार उनके परिवारों के बीच पंचायत भी हुई। चर्चा इस बात की भी है कि महीने भर पहले सन्नो के घर में अरुण के पकड़े जाने के बाद जमकर हंगामा हुआ था। सूचना पर पहंची पुलिस ने अरुण का चालान भी किया था। इसके बाद ही परिजनों ने अरुण को कानपुर भेज दिया। उधर, सन्नो अपने मायके परसरा (करारी) चली गई। दो दिन पहले अरुण घर आया तो परसरा जाकर सन्नो से मिला। वहीं दोनों के बीच बातचीत हुई और फिर रविवार दोपहर उन्होंने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि जान देेने से पहले दोनों करीब दो घंटे तक ट्रैक के किनारे बैठे रहे।
विज्ञापन
सन्नो की मौत से उसके बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। निधियावां गांव की सन्नो का पति सुग्गीलाल आंध्र प्रदेश में रहकर प्राइवेट नौकरी करता है। वह आठ महीने पहले वहां गया है। बड़ी बेटी साक्षी (9), मीनाक्षी (6) और इकलौता बेटा अनिकेत चार बरस का है। मां की मौत पर तीनों बच्चे उसकी लाश से लिपटकर रोते रहे। उनकी हालत देख वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें डबडबा उठी।