फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Kaushambi News ›   The first crop has been destroyed and destroyed the house

पहले फसल बरबाद हुई फिर घर हुआ स्वाहा

Thu, 09 Apr 2015 12:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी
ब्यूरो/अमर उजाला कौशाम्बी Updated Thu, 09 Apr 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन
The first crop has been destroyed and destroyed the house
मंझनपुर/कल्यानपुर। मगरोहनी गांव के श्यामलाल उर्फ श्यामा और गुलामीपुर के श्रीनाथ प्रजापति के घर आग लगने से गृहस्थी का सारा सामान जलकर नष्ट हो गया। मौसम की मार ने पहले तो खेती बरबाद कर दी। जिससे उनकी कमर टूट गई थी। इसके बाद रहस्यमय तरीके से लगी आग ने रहने का आशियाना और छत भी छीन लिया। इससे उनकी हालत खस्ता हो गई है। एक के बाद एक हादसे के कारण किसान पूरी तरह से टूटते जा रहे हैं।
विज्ञापन


मंझनपुर कोतवाली के मगरोहनी गांव निवासी श्यामलाल उर्फ श्यामा के घर बुधवार की दोपहर करीब 12.30 बजे अचानक आग लग गई। घर से उठती लपटें और धुएं का गुबार उठता देख भीतर मौजूद परिवारीजन चीखते-चिल्लाते जान बचाने के लिए बाहर भागे। महिलाओं की चीख-पुकार और लपटें देख मौके पर गांववालों की भीड़ जमा हो गई। आसमान चूमती लपटें देख ग्रामीणों के होश उड़ गए। गांववालों ने घटना की जानकारी दमकल को दी।
विज्ञापन


साथ ही लोग आग बुझाने में जुटे। सूचना पर मंझनपुर से आए दमकलकर्मियों के साथ करीब दो घंटे तक जूझने के बाद गांववाले आग पर काबू पा सके। हालांकि जब तक आग बुझती, घर के साथ ही खाद्यान्न, बिस्तर, बर्तन, कपड़े समेत गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। भुक्तभोगी के मुताबिक घर में आग लगने से उसे करीब दो लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उधर, सिराथू तहसील क्षेत्र के गुलामीपुर गांव निवासी श्रीनाथ प्रजापति बुधवार की सुबह परिवार के सभी सदस्यों का साथ गेहूं की फसल कटाई के लिए गया था। बंद मकान में अपराह्न एक बजे अचानक आग लग गई। घर से उठती लपटें और निकलते धुएं को देखकर गांववालों को आग लगने की जानकारी हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीखते-चिल्लाते गांववाले मौके पर जुट गए। घर में ताला बंद देख ग्रामीणों ने घटना की जानकारी भुक्तभोगी परिवार को दी। आग लगने की भनक लगते ही परिजन सन्न रह गए। चीखते-चिल्लाते पूरा परिवार मौके पर पहुंचा। उधर, पूरा गांव आग बुझाने में जुट गया था। घंटों की मशक्कत के बाद ग्रामीण आग पर काबू पा सके। हालांकि आग बुझाने से पहले ही मकान और गृहस्थी का सारा सामान जल चुका था। दोनों घरों में आग कैसे लगी? इसकी किसी को कोई जानकारी नहीं है। माना जा रहा है कि चूल्हे की आग ठीक से नहीं बुझाने के कारण यह हादसा हुआ है।

कोखराज कोतवाली क्षेत्र के टेढ़ीमोड़ (शहजादपुर) निवासी गनेश प्रसाद कपड़ा व्यापारी है। दुकान के समीप ही एक कमरे में उसने रूई रखी थी। बुधवार की दोपहर संदिग्धदशा में उसके इसी कमरे में आग लग गई। इससे हजारों रुपये की रूई जलकर स्वाहा हो गई। कमरे से धुआं निकलते देख इसकी लोगों को जानकारी हुई। जब तक लोग बुझाने की कोशिश करते। कमरे में रखी पूरी रूई राख हो चुकी थी। भुक्तभोगी के मुताबिक रूई जलने से उसे करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है।


चायल तहसील क्षेत्र के चरवा निवासी मुन्नन पांडेय के गेहूं के खेत में बुधवार को अपराह्न करीब 3 बजे आग लग गई। इससे करीब 7 बिस्वा खेत में खड़ी फसल राख हो गई। इससे उसे करीब 3 कुंतल खाद्यान्न का नुकसान हुआ है। वहीं खेत के बगल ही पुआल का ढेर था। वह भी जल गया है। लोगों का मानना है कि किसी ने जलती हुई बीड़ी का टुकड़ा फेंक दिया होगा। इसके कारण ही पुआल और खेत में आग लगी है। चीख-पुकार पर दौड़े गांववालों ने आग बुझाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed