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तेल कारोबारियों पर हाथ डालने से कतरा रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:26 AM IST
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स्थानीय कस्बे में नेफ्था युक्त पेट्रोल और केरोसिन मिले डीजल का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। पुलिस कारोबारियों पर हाथ डालने से कतरा रही है। तेल के अवैध कारोबारियों का जाल स्थानीय थाना क्षेत्र से लेकर इलाहाबाद इंडियन ऑयल तक सक्रिय है।
सराय अकिल कस्बे में मिट्टी का तेल मिला डीजल और नेफ्था युक्त पेट्रोल का कारोबार अर्से से संचालित हो रहा है। समय-समय पर पुलिस और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदारों ने कार्रवाई कर कारोबारियों की कमर तोड़ने का काम किया था लेकिन एक साल से इनकी सांठगांठ इतनी तगड़ी हो गई कि पुलिस की नजर के सामने भी कारोबारी बेखौफ होकर मिलावटी तेल का अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस भी अपना हिस्सा लेकर चैन की बंसी बजा रही है।
उधर, आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार तेल के उसी कारोबार पर कार्रवाई कर सकते हैं जिसमें केरोसिन की मिलावट शामिल हो। ऐसे में पुलिस बहानेबाजी कर मामले में कार्रवाई से बचती चली आ रही है। बहरहाल, स्थानीय पुलिस की कार्यशैली से साफ हो गया है कि तेल के अवैध कारोबार को रोकने के लिए उसे कस्बे में किसी बड़ी घटना का इंतजार है। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों को ही मोर्चा संभालना होगा।
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स्थानीय कस्बे में पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबारियों ने दो स्थानों पर गोदाम बना रखा है। एक कारोबारी ने करन चौराहा से कौशाम्बी रोड पर पड़ने वाले एदिलपुर डिग्री कालेज के बगल तीसरे मकान में बड़े पैमाने पर तेल डंप कर रखा है। जबकि दूसरे व्यापारी ने कस्बे के भीतर रामलीला मैदान से घोषिया जाने वाली सड़क किनारे स्थित मोबाइल की दुकान के पीछे तेल डंप कर रखा है। इन ठिकानों को स्थानीय पुलिस बखूबी जानती है। इसके बावजूद कारोबारियों के विरुद्ध शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
कस्बे में डीजल-पेट्रोल के अवैध कारोबार से विभिन्न कंपनियों की डीलरशिप ले रखे कारोबारियों को भारी चपत लगती है। प्रतिदिन हजारों रुपये का पेट्रोल और डीजल अवैध कारोबारी स्कूल बसों, वैन, मोबाइल टॉवरों और बाइक सवारों को बेचते हैं। टंकी तक जाने की कवायद से बचने के लिए लोग आसानी से खरीद लेते हैं। पेट्रोल पंप संचालक सतीश कोहली ने बताया कि इस अवैध कारोबार की शिकायत पूर्व में की जा चुकी है लेकिन स्थानीय पुलिस मामले में कार्रवाई तो दूर जांच करने तक की जहमत नहीं उठाती।
सराय अकिल में क्या-क्या गलत हो रहा है इसकी जानकारी धीरे-धीरे की जा रही है। डीजल-पेट्रोल के काले कारोबार की जानकारी नहीं है। यदि कोई भी ऐसा कर रहा है तो छापेमारी कर उसे बंद कराते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश सरोज, एसओ सराय अकिल
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सराय अकिल कस्बे में मिट्टी का तेल मिला डीजल और नेफ्था युक्त पेट्रोल का कारोबार अर्से से संचालित हो रहा है। समय-समय पर पुलिस और आपूर्ति विभाग के जिम्मेदारों ने कार्रवाई कर कारोबारियों की कमर तोड़ने का काम किया था लेकिन एक साल से इनकी सांठगांठ इतनी तगड़ी हो गई कि पुलिस की नजर के सामने भी कारोबारी बेखौफ होकर मिलावटी तेल का अवैध कारोबार कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पुलिस भी अपना हिस्सा लेकर चैन की बंसी बजा रही है।
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उधर, आपूर्ति विभाग के जिम्मेदार तेल के उसी कारोबार पर कार्रवाई कर सकते हैं जिसमें केरोसिन की मिलावट शामिल हो। ऐसे में पुलिस बहानेबाजी कर मामले में कार्रवाई से बचती चली आ रही है। बहरहाल, स्थानीय पुलिस की कार्यशैली से साफ हो गया है कि तेल के अवैध कारोबार को रोकने के लिए उसे कस्बे में किसी बड़ी घटना का इंतजार है। ऐसे में अब उच्चाधिकारियों को ही मोर्चा संभालना होगा।
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स्थानीय कस्बे में पेट्रोल-डीजल के अवैध कारोबारियों ने दो स्थानों पर गोदाम बना रखा है। एक कारोबारी ने करन चौराहा से कौशाम्बी रोड पर पड़ने वाले एदिलपुर डिग्री कालेज के बगल तीसरे मकान में बड़े पैमाने पर तेल डंप कर रखा है। जबकि दूसरे व्यापारी ने कस्बे के भीतर रामलीला मैदान से घोषिया जाने वाली सड़क किनारे स्थित मोबाइल की दुकान के पीछे तेल डंप कर रखा है। इन ठिकानों को स्थानीय पुलिस बखूबी जानती है। इसके बावजूद कारोबारियों के विरुद्ध शिकंजा नहीं कसा जा रहा है।
कस्बे में डीजल-पेट्रोल के अवैध कारोबार से विभिन्न कंपनियों की डीलरशिप ले रखे कारोबारियों को भारी चपत लगती है। प्रतिदिन हजारों रुपये का पेट्रोल और डीजल अवैध कारोबारी स्कूल बसों, वैन, मोबाइल टॉवरों और बाइक सवारों को बेचते हैं। टंकी तक जाने की कवायद से बचने के लिए लोग आसानी से खरीद लेते हैं। पेट्रोल पंप संचालक सतीश कोहली ने बताया कि इस अवैध कारोबार की शिकायत पूर्व में की जा चुकी है लेकिन स्थानीय पुलिस मामले में कार्रवाई तो दूर जांच करने तक की जहमत नहीं उठाती।
सराय अकिल में क्या-क्या गलत हो रहा है इसकी जानकारी धीरे-धीरे की जा रही है। डीजल-पेट्रोल के काले कारोबार की जानकारी नहीं है। यदि कोई भी ऐसा कर रहा है तो छापेमारी कर उसे बंद कराते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
राकेश सरोज, एसओ सराय अकिल