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अश्लील वीडियो से किशोरों को बचाएगी खाकी
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jan 2018 12:25 AM IST
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किशोरों के बीच फैल रहे अश्लील (पॉर्न) वीडियो के खतरनाक कीड़े से बचाने के लिए खाकी ने सुरक्षा का जिम्मा उठा लिया है। मासूम बच्चे और बच्चियों को इस लत से बचाने के लिए साइबर सेल के जरिए वीडियो बेचने वालों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस महानिरीक्षक महिला सम्मान प्रकोष्ठ ने एसपी को पत्र भेज ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है।
सोशल मीडिया से जुडे़ स्कूल कॉलेज के किशोर-किशोरियों के बीच एक ऐसे शौक ने जन्म ले लिया है। जो चाइल्ड पॉर्न वीडियो के साथ रियल लाइव रेप वीडियो के व्यवसाय को दर्शाता है। एक दो अश्लील वीडियो को देखने के बाद रियल वीडियो बनाने की सोच बच्चों में पनपने लगती है। जिसका खामियाजा किशोरों के साथ उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ता है। इस व्यवसाय में जुडे़ साइबर सेल पर डीजी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर पुलिस अफसरों ने कार्रवाई की पहल शुरू कर दी है। डीजीपी के पत्र का अनुपालन करते हुए पुलिस महा निरीक्षक महिला सम्मान प्रकोष्ठ नवनीत सिकेरा ने एसपी को पत्र भेज जांच पड़ताल करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है।
पॉर्न वीडियो की रोकथाम को चलेगा सर्च ऑपरेशन
बच्चों में पॉर्न वीडियो के व्यवसाय को रोकने लिए पुलिस महकमे द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। आईजी महिला सम्मान प्रकोष्ठ ने फरमान जारी किया है कि कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। ताकि बच्चों की रुचि इससे दूर हो। बच्चों के साथ अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए क्योंकि उनकी जागरूकता के बाद ही मिशन कामयाब होगा।
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पुलिस के साथ गोपनीय इकाई को जिम्मेदारी
पॉर्न वीडियो के व्यवसाय में संलिप्तता से बच्चों को दूर रखने के लिए पुलिस के साथ गोपनीय इकाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की संयुक्त टीम अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को चिन्हित कर कार्रवाई करेगी। व्यवसाय से जुडे़ बच्चों को बाल अधिकार संरक्षण के जिम्मेदारी में सौंपा जाएगा।
चाइल्ड हेल्प लाइन के साथ आशा ज्योति करेगी मदद
किशोरों को पॉर्न वीडियो की लत से बचाने के लिए जिले में गठित बाल कल्याण समित, चाइल्ड लाइन बालिकाएं, जिला संरक्षण इकाई के साथ आशा ज्योति इस ऑपरेशन में पुलिस की मदद करेगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।
गांव, शहरों में जागरूकता अभियान
बच्चों की सुरक्षा हेतु स्कूल, कॉलेजों, गांव, शहर में अश्लील सामग्री से बचाव व रोकथाम में स्वयंसेवी संगठनों, चाइल्ड लाइन, महिला कल्याण विभाग की सहायता से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी की बराबर की भागीदारी होगी।
साइबर सेल के दोषियों पर होगी कार्रवाई
दुकान की आड़ में बच्चों को पॉर्न वीडियो की लत की ओर जाने में साइबर सेल के जिम्मेदारों की अहम भूमिका है। मोबाइल में गाने के साथ ऐसे अश्लील वीडियो अपलोड कर दिए जाते हैं जिसे बच्चे पॉर्न वीडियो का लती होकर खुद लाइव रेप वीडियो बनाने की सोच लेते है। ऐसे दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पॉर्न वीडियो पर नकेल के लिए शासन का निर्देश मिला है। कार्रवाई के लिए ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कराया जा रहा है जो मोबाइल, पेन ड्राइव, सीडी आदि में अश्लील वीडियो डाउनलोडिंग का काम करते हैं। इसके लिए सभी थानेदारों के साथ ही साइबर सेल को अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
प्रदीप गुप्ता, एसपी, कौशाम्बी
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सोशल मीडिया से जुडे़ स्कूल कॉलेज के किशोर-किशोरियों के बीच एक ऐसे शौक ने जन्म ले लिया है। जो चाइल्ड पॉर्न वीडियो के साथ रियल लाइव रेप वीडियो के व्यवसाय को दर्शाता है। एक दो अश्लील वीडियो को देखने के बाद रियल वीडियो बनाने की सोच बच्चों में पनपने लगती है। जिसका खामियाजा किशोरों के साथ उनके परिजनों को भी भुगतना पड़ता है। इस व्यवसाय में जुडे़ साइबर सेल पर डीजी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के निर्देश पर पुलिस अफसरों ने कार्रवाई की पहल शुरू कर दी है। डीजीपी के पत्र का अनुपालन करते हुए पुलिस महा निरीक्षक महिला सम्मान प्रकोष्ठ नवनीत सिकेरा ने एसपी को पत्र भेज जांच पड़ताल करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया है।
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पॉर्न वीडियो की रोकथाम को चलेगा सर्च ऑपरेशन
बच्चों में पॉर्न वीडियो के व्यवसाय को रोकने लिए पुलिस महकमे द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा। आईजी महिला सम्मान प्रकोष्ठ ने फरमान जारी किया है कि कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया जाए। ताकि बच्चों की रुचि इससे दूर हो। बच्चों के साथ अभिभावकों को भी जागरूक किया जाए क्योंकि उनकी जागरूकता के बाद ही मिशन कामयाब होगा।
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पुलिस के साथ गोपनीय इकाई को जिम्मेदारी
पॉर्न वीडियो के व्यवसाय में संलिप्तता से बच्चों को दूर रखने के लिए पुलिस के साथ गोपनीय इकाई को जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुलिस की संयुक्त टीम अभियान चलाकर ऐसे बच्चों को चिन्हित कर कार्रवाई करेगी। व्यवसाय से जुडे़ बच्चों को बाल अधिकार संरक्षण के जिम्मेदारी में सौंपा जाएगा।
चाइल्ड हेल्प लाइन के साथ आशा ज्योति करेगी मदद
किशोरों को पॉर्न वीडियो की लत से बचाने के लिए जिले में गठित बाल कल्याण समित, चाइल्ड लाइन बालिकाएं, जिला संरक्षण इकाई के साथ आशा ज्योति इस ऑपरेशन में पुलिस की मदद करेगी। इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश जारी कर दिया गया है।
गांव, शहरों में जागरूकता अभियान
बच्चों की सुरक्षा हेतु स्कूल, कॉलेजों, गांव, शहर में अश्लील सामग्री से बचाव व रोकथाम में स्वयंसेवी संगठनों, चाइल्ड लाइन, महिला कल्याण विभाग की सहायता से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी की बराबर की भागीदारी होगी।
साइबर सेल के दोषियों पर होगी कार्रवाई
दुकान की आड़ में बच्चों को पॉर्न वीडियो की लत की ओर जाने में साइबर सेल के जिम्मेदारों की अहम भूमिका है। मोबाइल में गाने के साथ ऐसे अश्लील वीडियो अपलोड कर दिए जाते हैं जिसे बच्चे पॉर्न वीडियो का लती होकर खुद लाइव रेप वीडियो बनाने की सोच लेते है। ऐसे दोषी दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पॉर्न वीडियो पर नकेल के लिए शासन का निर्देश मिला है। कार्रवाई के लिए ऐसे दुकानदारों को चिन्हित कराया जा रहा है जो मोबाइल, पेन ड्राइव, सीडी आदि में अश्लील वीडियो डाउनलोडिंग का काम करते हैं। इसके लिए सभी थानेदारों के साथ ही साइबर सेल को अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
प्रदीप गुप्ता, एसपी, कौशाम्बी