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साहब को अदालत के आदेश का इंतजार

Thu, 02 Jun 2016 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Thu, 02 Jun 2016 12:49 AM IST
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दोआबा के थाने और चौकी में बैठे साहब को कार्रवाई के लिए अदालत का आदेश चाहिए। थाने स्तर पर न्याय नहीं मिलने से फरियादी न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर है। जिसकी बानगी रोजाना थाने और चौकियों में देखने को मिलती है। पुलिस आंकड़ों पर ही गौर करें तो हर महीने दर्जनों की संख्या में अदालत के आदेश पर पुलिस मुकदमा दर्ज करती है।
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केस नंबर 1-
पांच महीने बाद दर्ज हुआ दुराचार का केस
कोखराज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता के साथ 13 सितंबर 2015 को पड़ोसी ने दुराचार किया था। पीड़िता ने बताया कि घटना के दूसरे दिन वह शिकायत लेकर थाने गई तो पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। न्याय पाने के लिए अफसरों के चौखट पर भी दस्तक दी। पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इलाकाई पुलिस से न्याय नहीं मिलने पर पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। घटना के पांच महीने बाद न्यायालय के आदेश पर कोखराज पुलिस ने दुराचारी के खिलाफ केस दर्ज किया।
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केस नंबर 2-
अदालत के आदेश पर मारपीट, छेड़खानी की एफआईआर
करारी थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता के साथ छेड़खानी और मारपीट करना पड़ोसी युवकों को महंगा पड़ा। 4 अप्रैल 2016 को पड़ोसियों ने घर में घुसकर मनमानी का प्रयास किया था। इस पर विवाहिता ने विरोध जताया तो उसकी पिटाई कर दी गई। जिसकी शिकायत पीड़िता ने दूसरे दिन थाने पहुंच पुलिस से की। तहरीर लेने के बाद पुलिस ने उसे डांटकर भगा दिया। इस पर पीड़िता अदालत के शरण में गई। महीने भर बाद अदालत के आदेश पर करारी पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर घटना की तहकीकात शुरू कर दी है।
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केस नंबर 3-
दहेज उत्पीड़न में फंसा पति
कोतवाली क्षेत्र के हजरतगंज मोहल्ले की रहने वाली विवाहिता अशमा को बाइक नहीं मिलने पर ससुराल वालों ने घर से पीटकर निकाल दिया। साल भर पहले उसका निकाह बेताब के साथ हुआ था। बिरादरी की पंचायत में बात नही बनी तो पीड़िता ने घटना की शिकायत पुलिस से की। बताया कि पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और डांटकर कोतवाली से भगा दिया। कोतवाली पुलिस की इस करतूत से खफा पीड़िता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। दो महीने बाद मंझनपुर कोतवाली पुलिस ने पति समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कर लिया है।
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