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नकल करने का पैसा न देने पर फाड़ी कापी
ब्यूरो/अमर उजाला, कौशाम्बी
Updated Sat, 14 Mar 2015 01:09 AM IST
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सिराथू (कौशाम्बी)। कौशाम्बी ने नकल माफिया की जड़ें कितनी गहरी हैं इसकी तो सिर्फ कल्पना ही की जा सकती है। हकीकत तो जब तक मामला सामने आने पर ही पता लगता है। जिला प्रशासन ने नकल मुक्त परीक्षा का दावा भले ही किया था लेकिन इसका कोई असर जिले में होता नहीं दिख रहा है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी नकल के नाम पर ठेकेदारों ने अपना जाल बिछाया और लोगों को फंसाया भी।
इस कारनामे में स्कूल से लेकर शिक्षा विभाग से जुड़े तमाम लोग भी जुड़े हैं। परीक्षा केंद्र में छात्र-छात्राओं से जबरदस्ती पैसे वसूले जा रहे हैं। इंकार करने पर परीक्षार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। नकलमाफिया की ऐसी ही दंबगई शुक्रवार को पहली पाली में परीक्षा केंद्र चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल निंदूरा में देखने को मिली। जहां नकल के नाम पर पैसा नहीं देने पर इंटरमीडिएट इतिहास के एक परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में ही जमकर पीटा गया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधक और शिक्षक ने मारपीट के साथ उसकी उत्तर पुस्तिका भी छीनकर फाड़ डाली। उसे परीक्षा केंद्र से धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। छात्र की शिकायत पर सैनी कोतवाली पुलिस ने प्रबंधक और कक्ष निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
कोखराज कोतवाली क्षेत्र के मूरतगंज निवासी सुमित केसरवानी पुत्र वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वह इंटरमीडिएट की परीक्षा चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल निंदूरा में दे रहा है। शुक्रवार को पहली पाली में इतिहास का पेपर देने गया था। आरोप है कि परीक्षा के दौरान स्कूल प्रबंधक राजेंद्र कुमार यादव और कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी कर रहे शिक्षक गोपाल उसके कमरे में आए। सभी परीक्षार्थियों से नकल के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये जमा करने का कहा गया। उससे भी पैसों की मांग की गई। उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। बताया कि इससे तमतमाए प्रबंधक और शिक्षक ने उसे परीक्षा कक्ष से खींचकर बेरहमी से पिटाई की।
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पीटने के बाद उसकी लिखी उत्तर पुस्तिका छीनकर फाड़ डाली। साथ ही उसे धक्के देते हुए परीक्षा केंद्र से बाहर भगा दिया। परीक्षा केंद्र के अंदर प्रबंधक और शिक्षक की दादागीरी देखकर अन्य परीक्षार्थी सहम गए। उधर, पीड़ित परीक्षार्थी ने घटना की तहरीर सैनी कोतवाली पुलिस को दी। सैनी पुलिस ने प्रबंधक एवं आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ सैनी श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके प्रकरण की जांच की जा रही है।
चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निंदूरा में नकल के नाम पर पैसे वसूलने और इंकार किए जाने पर प्रबंधक और शिक्षक द्वारा मारपीट, कापी फाड़े जाने की घटना ने परीक्षा केंद्र में तैनात किए गए स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल है कि परीक्षा केंद्र के भीतर हुई इतनी बड़ी घटना के समय स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक कहां थे।
उन्होंने घटना को रोकने के लिए क्या किया। वसूली और मारपीट के मामले में तत्काल उन्होंने क्यों कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि नकलमंडी के रूप में कुख्यात कौशाम्बी में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए डीएम सभी 86 परीक्षा केंद्रों में अफसरों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाकर तैनात किया है। साथ ही परीक्षा के दौरान स्कूल प्रबंधक के प्रवेश को भी वर्जित किया गया है। ऐसे में स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधक परीक्षा काल के दौरान केंद्र में घुसे कैसे। परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों से नकल के नाम पर छूट देने का झांसा देकर उनसे पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई। इंकार करने पर एक छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई।
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इस कारनामे में स्कूल से लेकर शिक्षा विभाग से जुड़े तमाम लोग भी जुड़े हैं। परीक्षा केंद्र में छात्र-छात्राओं से जबरदस्ती पैसे वसूले जा रहे हैं। इंकार करने पर परीक्षार्थियों को प्रताड़ित किया जा रहा है। नकलमाफिया की ऐसी ही दंबगई शुक्रवार को पहली पाली में परीक्षा केंद्र चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल निंदूरा में देखने को मिली। जहां नकल के नाम पर पैसा नहीं देने पर इंटरमीडिएट इतिहास के एक परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में ही जमकर पीटा गया। आरोप है कि स्कूल प्रबंधक और शिक्षक ने मारपीट के साथ उसकी उत्तर पुस्तिका भी छीनकर फाड़ डाली। उसे परीक्षा केंद्र से धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया। छात्र की शिकायत पर सैनी कोतवाली पुलिस ने प्रबंधक और कक्ष निरीक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
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कोखराज कोतवाली क्षेत्र के मूरतगंज निवासी सुमित केसरवानी पुत्र वीरेंद्र कुमार ने बताया कि वह इंटरमीडिएट की परीक्षा चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक स्कूल निंदूरा में दे रहा है। शुक्रवार को पहली पाली में इतिहास का पेपर देने गया था। आरोप है कि परीक्षा के दौरान स्कूल प्रबंधक राजेंद्र कुमार यादव और कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी कर रहे शिक्षक गोपाल उसके कमरे में आए। सभी परीक्षार्थियों से नकल के नाम पर पांच-पांच हजार रुपये जमा करने का कहा गया। उससे भी पैसों की मांग की गई। उसने पैसे देने से इंकार कर दिया। बताया कि इससे तमतमाए प्रबंधक और शिक्षक ने उसे परीक्षा कक्ष से खींचकर बेरहमी से पिटाई की।
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पीटने के बाद उसकी लिखी उत्तर पुस्तिका छीनकर फाड़ डाली। साथ ही उसे धक्के देते हुए परीक्षा केंद्र से बाहर भगा दिया। परीक्षा केंद्र के अंदर प्रबंधक और शिक्षक की दादागीरी देखकर अन्य परीक्षार्थी सहम गए। उधर, पीड़ित परीक्षार्थी ने घटना की तहरीर सैनी कोतवाली पुलिस को दी। सैनी पुलिस ने प्रबंधक एवं आरोपी शिक्षक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। एसओ सैनी श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज करके प्रकरण की जांच की जा रही है।
चंद्रपाल सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निंदूरा में नकल के नाम पर पैसे वसूलने और इंकार किए जाने पर प्रबंधक और शिक्षक द्वारा मारपीट, कापी फाड़े जाने की घटना ने परीक्षा केंद्र में तैनात किए गए स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। सवाल है कि परीक्षा केंद्र के भीतर हुई इतनी बड़ी घटना के समय स्टेटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक कहां थे।
उन्होंने घटना को रोकने के लिए क्या किया। वसूली और मारपीट के मामले में तत्काल उन्होंने क्यों कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि नकलमंडी के रूप में कुख्यात कौशाम्बी में बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए डीएम सभी 86 परीक्षा केंद्रों में अफसरों को स्टैटिक मजिस्ट्रेट बनाकर तैनात किया है। साथ ही परीक्षा के दौरान स्कूल प्रबंधक के प्रवेश को भी वर्जित किया गया है। ऐसे में स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की मौजूदगी में स्कूल प्रबंधक परीक्षा काल के दौरान केंद्र में घुसे कैसे। परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षार्थियों से नकल के नाम पर छूट देने का झांसा देकर उनसे पांच-पांच हजार रुपये की मांग की गई। इंकार करने पर एक छात्र की बेरहमी से पिटाई की गई।