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सर्किट हाउस बनाने को मिली जमीन

Mon, 02 May 2016 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी
अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Mon, 02 May 2016 12:09 AM IST
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 राजा उदयन की नगरी कौशांबी को लंबे इंतजार के बाद सर्किट हाउस की सौगात आखिरकार मिल गई। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने भूमि पीडब्लूडी को सौंप दी है। भूमि मिलते ही पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड छह के एक्सईएन ने छह करोड़ 20 लाख का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
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कौशांबी वर्ष 1997 में जिले के रूप में अस्तित्व में आया। जिले के रूप में अस्तित्व में आने के बाद यहां पर कुछ सरकारी कार्यालयों का निर्माण प्राथमिकता पर कराया गया लेकिन कुछ विभाग आज भी किराए के भवन से संचालित हो रहे हैं।
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ऐसे में राजा उदयन की राजधानी और भगवान गौतम बुद्ध की तपस्थली पर आने वाले पर्यटकों की समस्या की ओर किसी का ध्यान ही नहीं जा सका।  प्रशासन के उच्चाधिकारियों और राजनेताओं के ठहरने के लिए ओसा मंडी के पास रैन बसेरे का इंतजाम तो हो गया पर पर्यटकों की समस्याओं पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। इधर बीच राज्य सरकार ने गौतम बुद्ध की तपस्थली और ऐतिहासिक दृष्टि से महत्व रखने वाले कौशांबी में आने वाले पर्यटकों की समस्याओं को संज्ञान में लिया है। ऐसे में ऐतिहासिक स्थल पर सर्किट हाउस का निर्माण कराने के लिए शासन ने जिला प्रशासन को भूमि उपलब्ध कराते हुए लागत का प्रस्ताव बनाकर भेजने का निर्देश दिया था।
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 ऐतिहासिक कौशांबी अपनी समृद्धि को लेकर प्रसिद्ध रही है। यहां के धन्नासेठों की कहानियां किसी से छिपी नहीं है। इसके अलावा बौद्घ और जैन समुदाय के लोगों के लिए जिले का विशेष महत्व है। इस कारण से यहां साल भर पर्यटकों का आना-जाना बराबर बना रहता है। इसमें सबसे अधिक परेशानी चीन से आने वाले बौद्घिष्ठों को होती है। सारी सुविधाओं से लैश होने के बाद भी इन पर्यटकों को कौशांबी में रात गुजारने के लिए एक अदद होटल, सर्किट हाउस या फिर अन्य कोई व्यवस्था नहीं है।


 सर्किट हाउस का निर्माण होने के बाद पर्यटकों को आराम मिलेगा। उन्हें गौतम बुद्ध की तपस्थली में रात गुजारने में हो रही कठिनाई से निजात मिलेगी। जब पर्यटक रात्रि निवास करेंगे तो स्थानीय लोग उनकी जरूरत के मुताबिक सामग्रियाें की दुकान खोलकर रोजगार स्थापित कर सकेंगे। इससे उनकी आय में इजाफा होने के साथ रोजगार की बेहतर भूमि तैयार हो सकेगी।
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