Kaushambi : अहमदाबाद से आया था होली मनाने, भाई संग उठी अर्थी
दुल्हनियापुर निवासी रामभवन के पास खेती के नाम पर सिर्फ 10 बिस्वा भूमि है। परिवार में पत्नी संगीता के अलावा तीन बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा रवि कुमार (19) बैसकांटी स्थित देशबंधु इंटर कॉलेज में कक्षा-10 का छात्र था। यूपी बोर्ड के तीन पेपर दे चुका था। चौथा पेपर चार मार्च को था।
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करंट लगने से हुई अपने भाई के साथ जान गंवाने वाला राजेश 15 दिन पहले ही अहमदाबाद से होली मनाने के लिए आया था। घर के आर्थिक हालात के चलते वह पढ़ाई छोड़ काम करने लगा था। दुल्हनियापुर निवासी रामभवन के पास खेती के नाम पर सिर्फ 10 बिस्वा भूमि है। परिवार में पत्नी संगीता के अलावा तीन बेटे हैं। सबसे बड़ा बेटा रवि कुमार (19) बैसकांटी स्थित देशबंधु इंटर कॉलेज में कक्षा-10 का छात्र था। यूपी बोर्ड के तीन पेपर दे चुका था। चौथा पेपर चार मार्च को था।
छोटा बेटा राजेश (18) पढ़ाई छोड़कर अहमदाबाद कमाने चला गया था। वहां पर वह तंबाकू के डिब्बे बनाने वाले एक कारखाने में काम करता था। छह महीने बाद वह होली मनाने अपने घर आया था। कमाकर लाए गए रुपयों से घर में हैंडपंप की बोरिंग करा रहा था।
सबसे छोटा बेटा हिमांशु अभी छह साल का है। घर-गृहस्थी चलाने के लिए राम भवन मंगौरा चौराहा स्थित एक किराना स्टोर में नौकरी करते हैं। राम भवन व और राजेश की कमाई से घर चल रहा था।
एक ही चिता पर भाइयों का अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम के बाद जब दोनों भाइयों के शव गांव पहुंचने पर मातम छा गया। जब दोनों की अर्थियां उठीं तो वहां मौजूद लोगों की आंखें भी भर आईं। गांव के बाहर एक ही चिता लगाई गई। इसमें दोनों भाइयों के शव का अंतिम संस्कार हुआ। पिता रामभवन ने चिता को मुखाग्नि दी। इसके बाद वह फफक कर रो पड़े। वहां मौजूद ग्रामीणों ने उन्हें संभाला।