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जागरूकता से ही दूर होगा कुपोषण
अमर उजाला ब्यूरो, काैश्ाांबी
Updated Thu, 25 Jun 2015 02:07 AM IST
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मंझनपुर। कुपोषण की समस्या स्वस्थ समाज के लिए एक बड़ा अभिशाप है। इसे जन-जन को जागरूक करके ही मिटाया जा सकता है। यह बातें बुधवार को राज्य पोषण मिशन के तहत मंझनपुर, कड़ा और सिराथू ब्लाक में आयोजित कार्यशाला में वक्ताओं ने कहीं। कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए सीडीओ ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को कुपोषण मिटाने को चल रही कवायद में जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन करने का आह्वान किया।
बता दें कि जिले में कुपोषितों की तादाद दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो मौजूदा समय में कौशाम्बी में कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या एक लाख के आसपास है। इनमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं और बच्चों की है। जिले में कुपोषण की समस्या बढ़ती देख इसमें कमी लाने की कवायद शुरू की गई है। डीएम से लेकर जिला स्तरीय सभी अफसरों को दो-दो गांव गोद देकर उन गांवों में कुपोषण मिटाने को कहा गया है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को चिह्नित करके उन्हें अस्पताल में दाखिल कराने की भी व्यवस्था हुई है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर ब्लाकों में कार्यशाला का भी आयोजन शुरू कर दिया गया है।
बुधवार को ही राज्य पोषण मिशन के तहत मंझनपुर, कड़ा और सिराथू ब्लाक में कार्यशाला का आयोजन किया गया। तीनों जगहों पर कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ धीरेन्द्र सिंह सचान ने की। कार्यशाला में बोलते हुए उन्होंने कहाकि कुुपोषण जिले की गंभीर समस्या है। इसे हल्के में कतई नहीं लिया जाना चाहिए। कहाकि कुपोषण को जन-जन की जागरूकता से ही मिटाया जा सकता है। इसके लिए सभी अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही सामाजिक संगठन के लोगों को भी अपने-अपने दायित्यों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करना होगा। मातहतों को चेताया कि इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस पर चर्चा की। इसके अलावा डीपीओ राकेश मिश्र ने बच्चों की देखरेख सही तरीके से करने पर जोर दिया। डीपीआरओ आरके भारती ने सफाई के प्रति सभी को प्रेरित किया। कहाकि सफाई का ख्याल रख कुपोषण से निपटा जा सकता है। कार्यशालाओं में संबंधित तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, ब्लाकों की सीडीपीओ, बीडीओ, ग्राम प्रधान, आशा कार्यकत्रियां, एएनएम आदि मौजूद रहीं।
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बता दें कि जिले में कुपोषितों की तादाद दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो मौजूदा समय में कौशाम्बी में कुपोषण के शिकार लोगों की संख्या एक लाख के आसपास है। इनमें सर्वाधिक संख्या महिलाओं और बच्चों की है। जिले में कुपोषण की समस्या बढ़ती देख इसमें कमी लाने की कवायद शुरू की गई है। डीएम से लेकर जिला स्तरीय सभी अफसरों को दो-दो गांव गोद देकर उन गांवों में कुपोषण मिटाने को कहा गया है। इसके अलावा कुपोषित बच्चों को चिह्नित करके उन्हें अस्पताल में दाखिल कराने की भी व्यवस्था हुई है। इसी क्रम में शासन के निर्देश पर ब्लाकों में कार्यशाला का भी आयोजन शुरू कर दिया गया है।
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बुधवार को ही राज्य पोषण मिशन के तहत मंझनपुर, कड़ा और सिराथू ब्लाक में कार्यशाला का आयोजन किया गया। तीनों जगहों पर कार्यक्रम की अध्यक्षता सीडीओ धीरेन्द्र सिंह सचान ने की। कार्यशाला में बोलते हुए उन्होंने कहाकि कुुपोषण जिले की गंभीर समस्या है। इसे हल्के में कतई नहीं लिया जाना चाहिए। कहाकि कुपोषण को जन-जन की जागरूकता से ही मिटाया जा सकता है। इसके लिए सभी अधिकारी, कर्मचारियों के साथ ही सामाजिक संगठन के लोगों को भी अपने-अपने दायित्यों का ईमानदारी के साथ निर्वहन करना होगा। मातहतों को चेताया कि इसमें किसी तरह की कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस पर चर्चा की। इसके अलावा डीपीओ राकेश मिश्र ने बच्चों की देखरेख सही तरीके से करने पर जोर दिया। डीपीआरओ आरके भारती ने सफाई के प्रति सभी को प्रेरित किया। कहाकि सफाई का ख्याल रख कुपोषण से निपटा जा सकता है। कार्यशालाओं में संबंधित तहसीलों के एसडीएम, तहसीलदार, ब्लाकों की सीडीपीओ, बीडीओ, ग्राम प्रधान, आशा कार्यकत्रियां, एएनएम आदि मौजूद रहीं।
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