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पुलिस के खिलाफ फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो, कौशाम्बी
Updated Sun, 28 Jun 2015 02:40 AM IST
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अज्ञात हमलावरों के नाम पर पूरे गांव के लोगों को परेशान करने का आरोप, एसपी से शिकायत
मंझनपुर (ब्यूरो)। पुलिस टीम पर हमले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के नाम पर पूरे गांव के लोगों को परेशान किए जाने से जजौली के ग्रामीणों में आक्रोश है। परेशान गांववालों ने शनिवार को इलाकाई पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। लोगों ने एसपी आफिस का घेराव किया।
पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। पुलिस की मनमानी बंद नहीं होने पर लोगों ने धरना-प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के जजौली गांव के एक कथित साधु ने बासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि पर देवी के प्रसन्न करने के लिए अग्निस्नान का ऐलान किया था। उसके समर्थकों ने बाबा के अग्निस्नान के लिए कुंड तैयार करके लकड़ियां बिछा दी थीं। कहीं से इसकी भनक इलाकाई पुलिस को लग गई। कथित साधु के अग्निस्नान की कोशिश की खबर से पुलिसवालों के हाथ पांव फूल गए।
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दरोगा नयन सिंह और दो सिपाही गांव पहुंच गए। दरोगा और सिपाहियों ने साधु के धरपकड़ का प्रयास किया तो उसके समर्थकों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया था। दरोगा को लहूलुहान करने के बाद उसकी सर्विस रिवाल्वर भी छीन ली थी। पुलिस टीम पर हमला और लूट की सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी को लेकर अफसर मौके पर पहुंचे। भारी मात्रा में फोर्स आती देख साधु, उसके समर्थक और गांववाले भाग निकले। पुलिस ने साधु और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला, सरकारी कामकाज में बाधा डालने आदि की रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के बाद से ही पुलिस ने दबिश देकर हमलावरों और लूटी गई सर्विस रिवाल्वर की तलाश शुरू की। पुलिस ने पूरे गांव में जमकर उत्पात मचाया था। पुलिसिया तांडव देख गांव में कई दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा। लोग घर छोड़कर भाग निकले थे।
आरोप है कि अब भी पुलिस अज्ञात हमलावरों के नाम पर लोगों को परेशान करती रहती है। गांव की चिरौंजी देवी ने बताया कि स्थानीय एक रसूखदार व्यक्ति के कहने पर हफ्तेभर से पुलिस उसके बेटे को हमलावर बताकर परेशान कर रही है। चिरौंजी देवी की मानें तो घटना के दिन उसका बेटा गांव में ही नहीं था। इसी तरह से गांव के अन्य तमाम लोगों को भी परेशान किया जा रहा है। पुलिस की इस कथित ज्यादती के खिलाफ शनिवार को गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। चिरौंजी देवी, मक्खनी देवी, श्यामलाल, निर्मला देवी, गीता देवी, रानी देवी, कमला देवी आदि ने एसपी आफिस का घेराव किया। शिकायतीपत्र देकर प्रकरण की जांच और निर्दोषों को परेशान नहीं किए जाने की मांग की।
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मंझनपुर (ब्यूरो)। पुलिस टीम पर हमले के अभियुक्तों की गिरफ्तारी के नाम पर पूरे गांव के लोगों को परेशान किए जाने से जजौली के ग्रामीणों में आक्रोश है। परेशान गांववालों ने शनिवार को इलाकाई पुलिस पर ज्यादती का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया। लोगों ने एसपी आफिस का घेराव किया।
पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की। पुलिस की मनमानी बंद नहीं होने पर लोगों ने धरना-प्रदर्शन की भी चेतावनी दी है।
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पश्चिमशरीरा थाना क्षेत्र के जजौली गांव के एक कथित साधु ने बासंतिक नवरात्र की नवमी तिथि पर देवी के प्रसन्न करने के लिए अग्निस्नान का ऐलान किया था। उसके समर्थकों ने बाबा के अग्निस्नान के लिए कुंड तैयार करके लकड़ियां बिछा दी थीं। कहीं से इसकी भनक इलाकाई पुलिस को लग गई। कथित साधु के अग्निस्नान की कोशिश की खबर से पुलिसवालों के हाथ पांव फूल गए।
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दरोगा नयन सिंह और दो सिपाही गांव पहुंच गए। दरोगा और सिपाहियों ने साधु के धरपकड़ का प्रयास किया तो उसके समर्थकों ने पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया था। दरोगा को लहूलुहान करने के बाद उसकी सर्विस रिवाल्वर भी छीन ली थी। पुलिस टीम पर हमला और लूट की सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी को लेकर अफसर मौके पर पहुंचे। भारी मात्रा में फोर्स आती देख साधु, उसके समर्थक और गांववाले भाग निकले। पुलिस ने साधु और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस टीम पर हमला, सरकारी कामकाज में बाधा डालने आदि की रिपोर्ट दर्ज की थी। घटना के बाद से ही पुलिस ने दबिश देकर हमलावरों और लूटी गई सर्विस रिवाल्वर की तलाश शुरू की। पुलिस ने पूरे गांव में जमकर उत्पात मचाया था। पुलिसिया तांडव देख गांव में कई दिनों तक सन्नाटा पसरा रहा। लोग घर छोड़कर भाग निकले थे।
आरोप है कि अब भी पुलिस अज्ञात हमलावरों के नाम पर लोगों को परेशान करती रहती है। गांव की चिरौंजी देवी ने बताया कि स्थानीय एक रसूखदार व्यक्ति के कहने पर हफ्तेभर से पुलिस उसके बेटे को हमलावर बताकर परेशान कर रही है। चिरौंजी देवी की मानें तो घटना के दिन उसका बेटा गांव में ही नहीं था। इसी तरह से गांव के अन्य तमाम लोगों को भी परेशान किया जा रहा है। पुलिस की इस कथित ज्यादती के खिलाफ शनिवार को गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। चिरौंजी देवी, मक्खनी देवी, श्यामलाल, निर्मला देवी, गीता देवी, रानी देवी, कमला देवी आदि ने एसपी आफिस का घेराव किया। शिकायतीपत्र देकर प्रकरण की जांच और निर्दोषों को परेशान नहीं किए जाने की मांग की।