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सफेदपोश की नजदीकी से बैकफुट पर पुलिस
Kaushambi
Updated Thu, 07 Nov 2013 05:39 AM IST
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सिराथू। सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसराय चौराहे पर 31 अक्तूबर को सरेराह हुए गुलाम सरवर की हत्या के आरोपियों को दबोचने में सैनी पुलिस अब तक कामयाब नहीं हो सकी है। हालांकि घटना के दूसरे दिन से ही पुलिस इस केस के खुलासे के करीब पहुंचने का दावा करने लगी थी। चर्चा है कि एक सफेदपोश की नजदीकी के कारण पुलिस बैकफुट पर है।
31 अक्तूबर की शाम सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसराय चौराहे पर परास गांव के गुलाम सरवर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। वह अपने दोस्त रिजवान को लूटकर भागे बाइक सवार बदमाशों का पीछा करके उनसे भिड़ गया था। सरेराह लूट और हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने सैनी कोतवाली के सामने चक्का जाम कर दिया था। तब पुलिस ने 24 घंटे में कातिलों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। तहकीकात में जुटी सैनी पुलिस को घटनास्थल से एक मोबाइल मिला था। पुलिस ने इसकी काल डिटेल जुटाई तो उसकी शक की सूई सिराथू कस्बे में बाहर से आकर बसे दो शातिर बदमाशों पर टिकी। काल डिटेल से सामने आया कि घटना वाले दिन बदमाशों ने क्षेत्र के एक खद्दरधारी से नौ बार बात की थी। इतना ही नहीं इस नंबर से स्थानीय कुछ और सफेदपोशों के लगातार बातें होते रहने का भी खुलासा हुआ। इधर, इतना सब उजागर होने के बाद भी पुलिस अब तक इन शातिर बदमाशों की धरपकड़ नहीं कर सकी है। कोतवाली पुलिस सफेदपोशों से भी पूछताछ करने में कतरा रही है। पुलिस सिर्फ दबिश देने में जुटी है। सोमवार की रात भी पुलिस की एक टीम ने लखनऊ में भी दबिश दी। हालांकि वह खाली हाथ लौट आई। एसओ शैल कुमार सिंह का कहना है कि बदमाशों की गिरफ्तारी का लगातार प्रयास चल रहा है। जल्द ही सफलता मिलेगी।
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31 अक्तूबर की शाम सैनी कोतवाली क्षेत्र के अटसराय चौराहे पर परास गांव के गुलाम सरवर की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। वह अपने दोस्त रिजवान को लूटकर भागे बाइक सवार बदमाशों का पीछा करके उनसे भिड़ गया था। सरेराह लूट और हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने सैनी कोतवाली के सामने चक्का जाम कर दिया था। तब पुलिस ने 24 घंटे में कातिलों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। तहकीकात में जुटी सैनी पुलिस को घटनास्थल से एक मोबाइल मिला था। पुलिस ने इसकी काल डिटेल जुटाई तो उसकी शक की सूई सिराथू कस्बे में बाहर से आकर बसे दो शातिर बदमाशों पर टिकी। काल डिटेल से सामने आया कि घटना वाले दिन बदमाशों ने क्षेत्र के एक खद्दरधारी से नौ बार बात की थी। इतना ही नहीं इस नंबर से स्थानीय कुछ और सफेदपोशों के लगातार बातें होते रहने का भी खुलासा हुआ। इधर, इतना सब उजागर होने के बाद भी पुलिस अब तक इन शातिर बदमाशों की धरपकड़ नहीं कर सकी है। कोतवाली पुलिस सफेदपोशों से भी पूछताछ करने में कतरा रही है। पुलिस सिर्फ दबिश देने में जुटी है। सोमवार की रात भी पुलिस की एक टीम ने लखनऊ में भी दबिश दी। हालांकि वह खाली हाथ लौट आई। एसओ शैल कुमार सिंह का कहना है कि बदमाशों की गिरफ्तारी का लगातार प्रयास चल रहा है। जल्द ही सफलता मिलेगी।
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