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नागपाल के निलंबन पर बिफरे भाजपाई
Kaushambi
Updated Sun, 04 Aug 2013 05:33 AM IST
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मंझनपुर। आईएएस अफसर दुर्गा शक्ति नागपाल के निलंबन के खिलाफ भाजपाइयों ने शनिवार को प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन करते हुए पार्टी नेताओं ने बहाली की मांग करते हुए अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। जिलाध्यक्ष ने कहाकि निलंबन वापस नहीं लिया गया, तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे।
नागपाल का निलंबन को लेकर भाजपाइयों ने प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया। शनिवार को भाजपा जिला कार्यकारिणी ने इस मुद्दे पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह पटेल की अगुवाई में जुटे भाजपाइयों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को चार सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें नागपाल को तत्काल बहाल किए जाने, तुष्टीकरण की राजनीति बंद करने, कौशाम्बी के भटवरिया गांव में हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। कहाकि नागपाल की घटना भी एक विशेष जाति को खुश करने और खनन माफियाओं के दबाव में सरकार के काम करने की बानगी है। कहाकि सरकार की इस मनमानी के खिलाफ भाजपाई सड़क पर उतरकर संघर्ष को तैयार हैं। इस मौके पर प्रेमचंद्र चौधरी, आद्या प्रसाद पांडेय, रामसुंदर विश्वकर्मा, माधुरी केसरी, चक्रधर पांडेय, रामराज पाल, दिनेश कुमार, सुरेश नागर चौधरी, पप्पू केसरवानी, अवनीश त्रिपाठी, कल्लू पंडा, तारा देवी, कांति देवी, श्याम सुंदर केसरवानी, कृष्ण मोहन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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नागपाल का निलंबन को लेकर भाजपाइयों ने प्रदेश सरकार को घेरना शुरू कर दिया। शनिवार को भाजपा जिला कार्यकारिणी ने इस मुद्दे पर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष संतोष सिंह पटेल की अगुवाई में जुटे भाजपाइयों ने अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को चार सूत्री ज्ञापन दिया। इसमें नागपाल को तत्काल बहाल किए जाने, तुष्टीकरण की राजनीति बंद करने, कौशाम्बी के भटवरिया गांव में हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। जिलाध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। कहाकि नागपाल की घटना भी एक विशेष जाति को खुश करने और खनन माफियाओं के दबाव में सरकार के काम करने की बानगी है। कहाकि सरकार की इस मनमानी के खिलाफ भाजपाई सड़क पर उतरकर संघर्ष को तैयार हैं। इस मौके पर प्रेमचंद्र चौधरी, आद्या प्रसाद पांडेय, रामसुंदर विश्वकर्मा, माधुरी केसरी, चक्रधर पांडेय, रामराज पाल, दिनेश कुमार, सुरेश नागर चौधरी, पप्पू केसरवानी, अवनीश त्रिपाठी, कल्लू पंडा, तारा देवी, कांति देवी, श्याम सुंदर केसरवानी, कृष्ण मोहन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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