{"_id":"5c0c1bc6bdec2241c0594681","slug":"81544297414-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक ही दिन में डेढ़ हजार वादों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक ही दिन में डेढ़ हजार वादों का निस्तारण
Updated Sun, 09 Dec 2018 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंझनपुर (ब्यूरो)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। शुरुआत जनपद न्यायाधीश प्रमोद कुमार ने द्वीप जलाकर किया। विभिन्न अदालतों में करीब 1515 मामलों का निस्तारण किया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश ने मोटर दुर्घटना से संबंधित पांच वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में करीब 10 लाख 95 हजार दिलाया। जनपद न्यायाधीश प्रथम सीताराम वर्मा द्वारा सिविल प्रकीर्ण से संबंधित तीन वाद व मोटर दुर्घटना से संबंधित एक वाद का निस्तारण करते हुए डेढ़ लाख प्रतिकर दिलाया। जनपद न्यायाधीश तृतीय दिनेश पाल यादव ने सिविल से संबंधित दो वाद निस्तारित किए। जनपद न्यायधीश चतुर्थ कमलेश पाठक की अदालत में 105 एफआर का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम राजीव रंजन की अदालत में मोटर दुर्घटना से संबंधित दो वाद का निस्तारण कर सात लाख 10 हजार प्रतिकर के रूप में दिलाया।
अपर जनपद न्यायाधीश त्वरित द्वितीय अरविंद मिश्र ने पांच वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय इफ्तेखार अहमद ने 16 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने फौजदारी के 527 वादों का निस्तारण कर 51 हजार 800 अर्थदंड के रूप में वसूला। इसके अलावा उन्होंने उत्तराधिकार वाद के चार मामलों का निस्तारण कर करीब 13 लाख 90 हजार 447 रुपये का प्रमाणपत्र जारी किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रुति वर्मा ने फौजदारी के पचास वादों का निस्तारण कर 6470 रुपये अर्थदंड वसूला। इसके अलावा जिले के समस्त राजस्व न्यायालयों में तकरीबन 408 वादों का निस्तारण किया गया और बैंक ऋण वसूली वादों से संबंधित जनपद के सभी बैंकों के द्वारा 379 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 39 लाख 81 हजार 862 जमा कराया गया। लोक अदालत के अंत में पूर्णकालिक सचिव कुलदीप सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में त्वरित न्याय मिलने पर वादकारी खुशी-खुशी घर गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद न्यायाधीश ने मोटर दुर्घटना से संबंधित पांच वादों का निस्तारण कर प्रतिकर के रूप में करीब 10 लाख 95 हजार दिलाया। जनपद न्यायाधीश प्रथम सीताराम वर्मा द्वारा सिविल प्रकीर्ण से संबंधित तीन वाद व मोटर दुर्घटना से संबंधित एक वाद का निस्तारण करते हुए डेढ़ लाख प्रतिकर दिलाया। जनपद न्यायाधीश तृतीय दिनेश पाल यादव ने सिविल से संबंधित दो वाद निस्तारित किए। जनपद न्यायधीश चतुर्थ कमलेश पाठक की अदालत में 105 एफआर का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश त्वरित न्यायालय प्रथम राजीव रंजन की अदालत में मोटर दुर्घटना से संबंधित दो वाद का निस्तारण कर सात लाख 10 हजार प्रतिकर के रूप में दिलाया।
विज्ञापन
अपर जनपद न्यायाधीश त्वरित द्वितीय अरविंद मिश्र ने पांच वैवाहिक वादों का निस्तारण किया। प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय इफ्तेखार अहमद ने 16 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र ने फौजदारी के 527 वादों का निस्तारण कर 51 हजार 800 अर्थदंड के रूप में वसूला। इसके अलावा उन्होंने उत्तराधिकार वाद के चार मामलों का निस्तारण कर करीब 13 लाख 90 हजार 447 रुपये का प्रमाणपत्र जारी किया। सिविल जज जूनियर डिवीजन श्रुति वर्मा ने फौजदारी के पचास वादों का निस्तारण कर 6470 रुपये अर्थदंड वसूला। इसके अलावा जिले के समस्त राजस्व न्यायालयों में तकरीबन 408 वादों का निस्तारण किया गया और बैंक ऋण वसूली वादों से संबंधित जनपद के सभी बैंकों के द्वारा 379 वाद निस्तारित कर एक करोड़ 39 लाख 81 हजार 862 जमा कराया गया। लोक अदालत के अंत में पूर्णकालिक सचिव कुलदीप सिंह ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया। राष्ट्रीय लोक अदालत में त्वरित न्याय मिलने पर वादकारी खुशी-खुशी घर गए।
विज्ञापन