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सुरसेनी ग्राम प्रधान पर 19 लाख के गबन का आरोप
Updated Thu, 25 Oct 2018 06:52 PM IST
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सुरसेनी ग्राम प्रधान पर 19 लाख के गबन का आरोप
-जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने प्रधान को जारी की नोटिस
-15 दिन के भीतर मांगा जवाब, प्रधान व सेक्रेटरी में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शौचालय, मनरेगा, राज्य व चौदहवें वित्त की धनराशि में ग्राम प्रधान ने गबन किया है। इसका खुलासा पिछले दिनों हुई जांच में हुआ। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान पदुमनाथपुर सुरसेनी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब-तलब किया है।
पदुमनाथपुर सुरसेनी निवासी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी पुत्र स्व. रामबहोरी द्विवेदी ने शपथ पत्र पर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने विकास कार्यों में मनमानी करते हुए धन का बंदरबांट किया है। शपथपत्र पर हुई शिकायत की जांच डीएम ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालन व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ब्लॉक कौशांबी से कराया। जांच के दौरान राज्य वित्त व चौदहवें वित्त से कराए गए नाला मरम्मत, प्राथमिक विद्यालय के शौचालय मरम्मत व सोलर लाइट पर किए गए व्यय का अभिलेख ग्राम प्रधान नहीं दिखा सके। इसी तरह मनरेगा से नाला खुदाई व गड़ही तालाब की खुदाई का अभिलेख जांच टीम को नहीं दिया गया। इसके अलावा ग्रामसभा में शौचालय निर्माण के लिए 22.80 लाख रुपया खाते से निकाला गया। निकाले गए धन के सापेक्ष महज 108 शौचालय जांच के समय पूर्ण पाए गए। 26 शौचालयों का निर्माण अभी भी पूरा नहीं हो सका। जांच अफसरों ने विकास कार्यों में 19 लाख 76 हजार 426 रुपए के दुरुपयोग की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंप दिया। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार छीनने व निलंबन से पहले 15 दिन के भीतर जवाब-तलब किया है। हिदायत दिया कि निर्धारित समय पर जवाब नहीं देने पर ग्राम प्रधान व संबंधित सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। डीएम की नोटिस के बाद ग्राम प्रधान व संबंधित पंचायत सचिवों में हड़कंप हैं।
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-जांच रिपोर्ट मिलने पर डीएम ने प्रधान को जारी की नोटिस
-15 दिन के भीतर मांगा जवाब, प्रधान व सेक्रेटरी में हड़कंप
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शौचालय, मनरेगा, राज्य व चौदहवें वित्त की धनराशि में ग्राम प्रधान ने गबन किया है। इसका खुलासा पिछले दिनों हुई जांच में हुआ। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान पदुमनाथपुर सुरसेनी को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब-तलब किया है।
पदुमनाथपुर सुरसेनी निवासी राजेंद्र प्रसाद द्विवेदी पुत्र स्व. रामबहोरी द्विवेदी ने शपथ पत्र पर शिकायत की थी। आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान ने विकास कार्यों में मनमानी करते हुए धन का बंदरबांट किया है। शपथपत्र पर हुई शिकायत की जांच डीएम ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य पालन व अवर अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण विभाग ब्लॉक कौशांबी से कराया। जांच के दौरान राज्य वित्त व चौदहवें वित्त से कराए गए नाला मरम्मत, प्राथमिक विद्यालय के शौचालय मरम्मत व सोलर लाइट पर किए गए व्यय का अभिलेख ग्राम प्रधान नहीं दिखा सके। इसी तरह मनरेगा से नाला खुदाई व गड़ही तालाब की खुदाई का अभिलेख जांच टीम को नहीं दिया गया। इसके अलावा ग्रामसभा में शौचालय निर्माण के लिए 22.80 लाख रुपया खाते से निकाला गया। निकाले गए धन के सापेक्ष महज 108 शौचालय जांच के समय पूर्ण पाए गए। 26 शौचालयों का निर्माण अभी भी पूरा नहीं हो सका। जांच अफसरों ने विकास कार्यों में 19 लाख 76 हजार 426 रुपए के दुरुपयोग की रिपोर्ट तैयार कर डीएम को सौंप दिया। रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम ने ग्राम प्रधान का वित्तीय अधिकार छीनने व निलंबन से पहले 15 दिन के भीतर जवाब-तलब किया है। हिदायत दिया कि निर्धारित समय पर जवाब नहीं देने पर ग्राम प्रधान व संबंधित सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। डीएम की नोटिस के बाद ग्राम प्रधान व संबंधित पंचायत सचिवों में हड़कंप हैं।
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