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यमुना तराई के आठ गांवों की बदलेगी सूरत
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:01 AM IST
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मंझनपुर। यमुना की तराई में बसे आठ गांवों की जल्द ही सूरत बदलने वाली है। बालू खनन वाले इन गांवों में नाली, सड़क, खड़ंजा, स्कूल, अस्पताल, सार्वजनिक शौचालय आदि का निर्माण कराया जाएगा। ये कार्य बालू खनन के मिनरल फंड से मिले ढाई करोड़ रुपये से कराए जाएंगे। इसके लिए संबंधित विभागों से प्रस्ताव मांगे गए हैं।
शासन ने खनन से मिलने वाली रायल्टी की दस फीसदी रकम संबधित गांवों के विकास कार्य पर खर्च करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक मिनरल फंड बनाया गया है। जिले में फिलहाल बड़हरी, महेवाघाट, जमुनापुर, उमरावां, छेकवा, दिया और कटैया गांव के आठ घाटों से बालू खनन कि ए गए हैं। इन घाटों से खनन की साल भर की रायल्टी करीब 70 करोड़ रुपये बनती है। कौशाम्बी में खनन शुरू हुए अभी छह महीने ही हुए है। इस हिसाब से 31 जुलाई तक मिनरल फंड में साढे़ तीन करोड़ रुपये जमा होना चाहिए। हालांकि अभी तक ढाई करोड़ रुपये ही आ सके हैं। इस रकम से खनन पट्टे वाले गांवों के विकास कार्य कराए जाएंगे।
इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी में शामिल जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, एक्सईएन आरईएस, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग से गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की प्रस्तावित कार्ययोजना मांगी गई है। वहीं खनन निरीक्ष का कहना है कि मिनरल फंड में अब तक ढाई करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इस रकम से खनन पट्टा वाले गांवों के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर विकास कार्यों का खाका तैयार किया जाएगा।
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शासन ने खनन से मिलने वाली रायल्टी की दस फीसदी रकम संबधित गांवों के विकास कार्य पर खर्च करने का निर्देश दिया है। इसके लिए एक मिनरल फंड बनाया गया है। जिले में फिलहाल बड़हरी, महेवाघाट, जमुनापुर, उमरावां, छेकवा, दिया और कटैया गांव के आठ घाटों से बालू खनन कि ए गए हैं। इन घाटों से खनन की साल भर की रायल्टी करीब 70 करोड़ रुपये बनती है। कौशाम्बी में खनन शुरू हुए अभी छह महीने ही हुए है। इस हिसाब से 31 जुलाई तक मिनरल फंड में साढे़ तीन करोड़ रुपये जमा होना चाहिए। हालांकि अभी तक ढाई करोड़ रुपये ही आ सके हैं। इस रकम से खनन पट्टे वाले गांवों के विकास कार्य कराए जाएंगे।
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इसके लिए डीएम की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। कमेटी में शामिल जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, एक्सईएन आरईएस, एक्सईएन लोक निर्माण विभाग से गांवों में कराए जाने वाले विकास कार्यों की प्रस्तावित कार्ययोजना मांगी गई है। वहीं खनन निरीक्ष का कहना है कि मिनरल फंड में अब तक ढाई करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं। इस रकम से खनन पट्टा वाले गांवों के विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए जल्द ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कर विकास कार्यों का खाका तैयार किया जाएगा।
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