{"_id":"5cc6f2c2bdec22070b271f9f","slug":"61556542146-kaushambi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर कहां जाएगी 10825 विद्यार्थियों की फौज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर कहां जाएगी 10825 विद्यार्थियों की फौज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आखिर कहां जाएगी 10825 विद्यार्थियों की फौज
इंटरमीडिएट पास छात्र-छात्राओं के सामने बड़ी मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी जिले के डिग्री कॉलेजों में दाखिले के लिए एक बार फिर हायतौबा मचने जा रही है। यूपी बोर्ड से इस बार 10825 छात्र-छात्राओं ने इंटर किया है। इनके अलावा अभी सीबीएसई का परीक्षा परिणाम आना बाकी है। ऐसे में इंटर पास छात्र-छात्राओं के लिए स्नातक कक्षाओं में दाखिला लेना चुनौती भरा होगा।
नए शैक्षिक सत्र के लिए डिग्री कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया अभी शुरू होने जा रही है। जिले में इस बार भी स्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए मारामारी मचेगी। क्योंकि जनपद में यूपी बोर्ड से 10825 छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें 4906 छात्र और 5919 छात्राएं शामिल हैं। जिले के डिग्री कॉलेजों में स्नातक की सीटें बेहद कम है। जनपद के राजकीय, अनुदानित और निजी क्षेत्र के डिग्री कालेजों में स्नातक कक्षाओं में उपलब्ध सीटों की संख्या के मुकाबले दाखिला लेने वालों की संख्या दो गुना से अधिक होगी। स्नातक में एडमिशन के लिए सबसे अधिक मारामारी भवंस मेहता डिग्री कॉलेज और राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में होगी। क्योंकि यही दो कॉलेज सरकारी हैं। इसके बाद एक सैकड़ा से अधिक वित्त विहीन महाविद्यालय हैं। पर, इनमें से इने-गिने कॉलेजों में ही पठन-पाठन की मुकम्मल व्यवस्था है। जबकि अधिकतर कॉलेज ऐसे हैं जो केवल परीक्षा के वक्त ही गुलजार होते हैं।
विज्ञापन
इंटरमीडिएट पास छात्र-छात्राओं के सामने बड़ी मुश्किल
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। कौशाम्बी जिले के डिग्री कॉलेजों में दाखिले के लिए एक बार फिर हायतौबा मचने जा रही है। यूपी बोर्ड से इस बार 10825 छात्र-छात्राओं ने इंटर किया है। इनके अलावा अभी सीबीएसई का परीक्षा परिणाम आना बाकी है। ऐसे में इंटर पास छात्र-छात्राओं के लिए स्नातक कक्षाओं में दाखिला लेना चुनौती भरा होगा।
नए शैक्षिक सत्र के लिए डिग्री कॉलेजों में प्रवेश की प्रक्रिया अभी शुरू होने जा रही है। जिले में इस बार भी स्नातक कक्षाओं में दाखिले के लिए मारामारी मचेगी। क्योंकि जनपद में यूपी बोर्ड से 10825 छात्र-छात्राओं ने इंटरमीडिट की परीक्षा उत्तीर्ण की है। इसमें 4906 छात्र और 5919 छात्राएं शामिल हैं। जिले के डिग्री कॉलेजों में स्नातक की सीटें बेहद कम है। जनपद के राजकीय, अनुदानित और निजी क्षेत्र के डिग्री कालेजों में स्नातक कक्षाओं में उपलब्ध सीटों की संख्या के मुकाबले दाखिला लेने वालों की संख्या दो गुना से अधिक होगी। स्नातक में एडमिशन के लिए सबसे अधिक मारामारी भवंस मेहता डिग्री कॉलेज और राजकीय महिला डिग्री कॉलेज में होगी। क्योंकि यही दो कॉलेज सरकारी हैं। इसके बाद एक सैकड़ा से अधिक वित्त विहीन महाविद्यालय हैं। पर, इनमें से इने-गिने कॉलेजों में ही पठन-पाठन की मुकम्मल व्यवस्था है। जबकि अधिकतर कॉलेज ऐसे हैं जो केवल परीक्षा के वक्त ही गुलजार होते हैं।
विज्ञापन