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रिश्वतखोरी में तत्कालीन एबीएसए व तीन लिपिक भी तलब
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रिश्वतखोरी मामले में तत्कालीन एबीएसए व तीन लिपिक भी तलब
आरोपी बाबू के बयान पर सीओ सिटी ने पूछताछ के लिए भेजा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शिक्षिका से रिश्वत लिए जाने के मामले में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी व तीन और लिपिक भी शामिल थे। आरोपी बाबू ने अपने बयान में सीओ को ये बात कही है। इसके बाद सीओ ने एबीएसए व लिपिकों को नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है।
पूरामुफ्ती क्षेत्र के तिवारी तालाब की वासिफ बेगम वर्ष 2010 में उर्दू शिक्षिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय मऊआइमा प्रयागराज में भर्ती हुई थीं। 13 जुलाई 2018 को उनका तबादला कौशाम्बी हुआ था। यहां उन्हें कड़ा ब्लॉक के एक स्कूल में तैनाती दी गई थी। शिक्षिका की मानें तो नजदीक के मनचाहे स्कूल में तैनाती दिलाने के नाम पर कनिष्ठ सहायक लिपिक मुकेश त्रिपाठी ने दो किस्तों में उससे करीब 75 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। मामले में डीआईओएस सत्येंद्र कुमार ने नगर कोतवाली में आरोपी लिपिक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। दस फरवरी को सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक ने समदा चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। सीओ ने बताया कि सोमवार को लिपिक को वाराणसी स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले अपने बयान में उसने बताया कि घूस की रकम में तत्कालीन एबीएसए व दफ्तर के तीन बाबुओं को भी हिस्सा दिया था। आधी से ज्यादा रकम तत्कालीन प्रभारी बीएसए/जिला विद्यालय निरीक्षक ने ली थी। बयान के आधार पर डीएसपी ने डीआईओएस के बाद बुधवार को एबीएसए व तीन अन्य बाबुओं को को भी नोटिस भेज दी है। इन्हें 15 दिन के भीतर ऑफिस में अपना पक्ष रखने को कहा है। सीओ का कहना है कि विवेचना में इन बाबुओं का नाम भी बढ़ाया जा सकता है।
वर्र्जन
आरोपी लिपिक ने अपने बयान में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी व तीन अन्य बाबुओं को भी रिश्वत की रकम का हिस्सा देने की बात कही है। इसलिए सभी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेज दी गई है। विवेचना में उनका नाम भी बढ़ाया जा सकता है।
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सच्चिदानंद पाठक-सीओए सिटी
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आरोपी बाबू के बयान पर सीओ सिटी ने पूछताछ के लिए भेजा नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
मंझनपुर। शिक्षिका से रिश्वत लिए जाने के मामले में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी व तीन और लिपिक भी शामिल थे। आरोपी बाबू ने अपने बयान में सीओ को ये बात कही है। इसके बाद सीओ ने एबीएसए व लिपिकों को नोटिस भेजकर बयान के लिए तलब किया है।
पूरामुफ्ती क्षेत्र के तिवारी तालाब की वासिफ बेगम वर्ष 2010 में उर्दू शिक्षिका के पद पर प्राथमिक विद्यालय मऊआइमा प्रयागराज में भर्ती हुई थीं। 13 जुलाई 2018 को उनका तबादला कौशाम्बी हुआ था। यहां उन्हें कड़ा ब्लॉक के एक स्कूल में तैनाती दी गई थी। शिक्षिका की मानें तो नजदीक के मनचाहे स्कूल में तैनाती दिलाने के नाम पर कनिष्ठ सहायक लिपिक मुकेश त्रिपाठी ने दो किस्तों में उससे करीब 75 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। मामले में डीआईओएस सत्येंद्र कुमार ने नगर कोतवाली में आरोपी लिपिक के खिलाफ केस दर्ज कराया था। दस फरवरी को सीओ सिटी सच्चिदानंद पाठक ने समदा चौराहे से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। सीओ ने बताया कि सोमवार को लिपिक को वाराणसी स्थित एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया। इससे पहले अपने बयान में उसने बताया कि घूस की रकम में तत्कालीन एबीएसए व दफ्तर के तीन बाबुओं को भी हिस्सा दिया था। आधी से ज्यादा रकम तत्कालीन प्रभारी बीएसए/जिला विद्यालय निरीक्षक ने ली थी। बयान के आधार पर डीएसपी ने डीआईओएस के बाद बुधवार को एबीएसए व तीन अन्य बाबुओं को को भी नोटिस भेज दी है। इन्हें 15 दिन के भीतर ऑफिस में अपना पक्ष रखने को कहा है। सीओ का कहना है कि विवेचना में इन बाबुओं का नाम भी बढ़ाया जा सकता है।
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वर्र्जन
आरोपी लिपिक ने अपने बयान में तत्कालीन खंड शिक्षाधिकारी व तीन अन्य बाबुओं को भी रिश्वत की रकम का हिस्सा देने की बात कही है। इसलिए सभी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेज दी गई है। विवेचना में उनका नाम भी बढ़ाया जा सकता है।
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सच्चिदानंद पाठक-सीओए सिटी