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गजब! ये कैसी पाठशाला, छात्र न शिक्षक
Updated Sat, 18 Aug 2018 06:00 PM IST
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सिराथू। बुनियादी शिक्षा को आइना दिखाने के लिए प्राथमिक स्कूल सिराथू मात्र एक उदाहरण है। तीन साल बाद भी इस विद्यालय में एक भी शिक्षक की तैनाती नहीं की गई। इसलिए छात्रों ने भी नामांकन नहीं कराया। इस वजह से स्कूल भवन खंडहर में तब्दील हो गया है।
बसपा सरकार ने गरीबों को मुफ्त में आवासीय सुविधा मुहैया कराने के लिए सभी नगर पंचायतों में कांशीराम कॉलोनी बनवाया था। सरकार ने इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए परिषदीय स्कूल संचालित करने का निर्देश दिया था। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले की विभिन्न नगरीय निकायों में स्कूल भवन बनवाया। इन्हीं में से एक सिराथू स्थित कॉशीराम कॉलोनी का प्राइमरी विद्यालय है। करीब तीन साल पहले लाखों रुपये से बने स्कूल में अभी तक एक भी शिक्षक की तैनात नहीं की जा सकी है। इस वजह से बच्चों का पंजीकरण नहीं हो सका है। बुनियादी तालीम के लिए बच्चे इधर-उधर भटकते हैं। जबकि इसी परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब 24 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा छह में नौ, सात में सात और कक्षा आठ में आठ बच्चे हैं। इनके पठन-पाठन के लिए शिक्षक अनुज सिंह की तैनाती भी की गई है। विद्यालय में सर्वाधिक परेशानी रास्ते की है। संपर्क मार्ग के अभाव में बच्चे पगडंडी से आवागमन करते हैं। चहारदीवारी नहीं होने से अराजकतत्व और मवेशी भ्रमण करते रहते हैं। स्कूल को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। खंड शिक्षाधिकारी अरविंद कुमार पटेल का कहना है कि शिक्षकों की तैनाती के लिए विभागीय अफसरों को पत्राचार किया जा चुका है।
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बसपा सरकार ने गरीबों को मुफ्त में आवासीय सुविधा मुहैया कराने के लिए सभी नगर पंचायतों में कांशीराम कॉलोनी बनवाया था। सरकार ने इन कॉलोनियों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के लिए परिषदीय स्कूल संचालित करने का निर्देश दिया था। इसके तहत बेसिक शिक्षा विभाग ने जिले की विभिन्न नगरीय निकायों में स्कूल भवन बनवाया। इन्हीं में से एक सिराथू स्थित कॉशीराम कॉलोनी का प्राइमरी विद्यालय है। करीब तीन साल पहले लाखों रुपये से बने स्कूल में अभी तक एक भी शिक्षक की तैनात नहीं की जा सकी है। इस वजह से बच्चों का पंजीकरण नहीं हो सका है। बुनियादी तालीम के लिए बच्चे इधर-उधर भटकते हैं। जबकि इसी परिसर में संचालित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब 24 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। इनमें कक्षा छह में नौ, सात में सात और कक्षा आठ में आठ बच्चे हैं। इनके पठन-पाठन के लिए शिक्षक अनुज सिंह की तैनाती भी की गई है। विद्यालय में सर्वाधिक परेशानी रास्ते की है। संपर्क मार्ग के अभाव में बच्चे पगडंडी से आवागमन करते हैं। चहारदीवारी नहीं होने से अराजकतत्व और मवेशी भ्रमण करते रहते हैं। स्कूल को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। खंड शिक्षाधिकारी अरविंद कुमार पटेल का कहना है कि शिक्षकों की तैनाती के लिए विभागीय अफसरों को पत्राचार किया जा चुका है।
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